उत्तराखंड को खनन सुधारों के लिए केंद्र से 100 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन
देहरादून, 20 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में लगातार सुधार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण एक बार फिर से केंद्र सरकार से बड़ा प्रोत्साहन प्राप्त किया है। खनिज मंत्रालय ने वर्ष 2025–26 के लिए लघु खनिज सुधारों के अंतर्गत विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इससे पहले, अक्टूबर 2025 में भी राज्य को SMRI रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिल चुका है। इस प्रकार, उत्कृष्ट सुधारों और प्रभावी नीतियों के कारण अब तक उत्तराखंड को कुल 200 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने खनन सुधारों पर विशेष ध्यान दिया और बेहतर नीतियों को लागू किया, जिससे उत्तराखंड देश में खनन क्षेत्र में नंबर एक स्थान प्राप्त करने में सफल रहा। केंद्रीय सरकार द्वारा 18 नवंबर 2025 को जारी नवीनतम कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, राज्य ने खनन क्षेत्र में अधिकांश सुधार-संबंधित कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू किया है। विशेष रूप से, उत्तराखंड ने लघु खनिज सुधारों से जुड़े 7 प्रमुख मानदंडों में से 6 को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
उत्तराखंड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और व्यवसाय-मैत्रीपूर्ण नीतियों ने राज्य की राजस्व आय में भी वृद्धि की है। खनन विभाग का सशक्त प्रबंधन और नई नीतियों ने न केवल सरकारी आय बढ़ाई बल्कि खनन गतिविधियों में शामिल लाखों लोगों के लिए रोजगार भी सृजित किया। इन सुधारों से हजारों व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक लाभ भी मिला है। स्थानीय लोग और सरकारी एजेंसियां अब निर्माण सामग्री सस्ती दरों पर प्राप्त कर पा रहे हैं। खनन गतिविधियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाए और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।
केंद्रीय सरकार ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया है कि उत्तराखंड खनन क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए, वित्त मंत्रालय के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश में उल्लेखित राज्यों—नागालैंड, जम्मू और कश्मीर, और उत्तराखंड—में उत्तराखंड का प्रदर्शन सर्वोत्तम आंका गया। मंत्रालय के अनुसार, सभी राज्यों ने अपने खनन सुधार प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाया है।
इस उपलब्धि के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि खनन क्षेत्र उत्तराखंड सरकार के लिए प्रमुख राजस्व स्रोत बनकर उभरा है। बढ़ती पारदर्शिता, बेहतर नीति निर्माण और समय पर सुधारों के कारण उत्तराखंड राष्ट्रीय खनन परिदृश्य में मजबूत और विश्वसनीय पहचान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों का पालन कर रहे हैं।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-नीलामी प्रणाली और सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसे कई कदम लागू किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अवैध खनन पर नियंत्रण कड़ा किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
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