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🌞 उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा में 1 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया 📍 Uttarakhand ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) से अधिक सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। राज्य की कुल स्थापित सौर क्षमता अब लगभग 1027.87 मेगावाट हो गई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व और नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” और हरित ऊर्जा के विज़न ने राज्य में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया है। 🔆 प्रमुख बिंदु 397 मेगावाट – ग्राउंड माउंटेड सोलर परियोजनाएं 241 मेगावाट – रूफटॉप सोलर (PM सूर्य घर योजना) 137 मेगावाट – मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 110 मेगावाट – वाणिज्यिक नेट मीटरिंग 51 मेगावाट – कैप्टिव सोलर प्लांट 37 मेगावाट – नहर-टॉप एवं नहर-बैंक परियोजनाएं 26 मेगावाट – सरकारी भवनों पर सोलर इंस्टॉलेशन वर्तमान में 100 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता स्थापित की जा रही है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में Uttarakhand Renewable Energy Development Agency (UREDA) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सौर परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। 🌱 यह उपलब्धि न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन को भी मजबूत करती है। #🆕 ताजा अपडेट
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उत्तराखंड नीत‍ि आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में शीर्ष पर छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान; मुख्यमंत्री धामी ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया नई दिल्ली/देहरादून। नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स (EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता राज्य की निर्यात-उन्मुख नीतियों, बेहतर व्यापारिक माहौल और मजबूत बुनियादी ढांचे का परिणाम है। मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई, कहा—राज्य के लिए गर्व का क्षण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि छोटे राज्यों की श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल करना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत आधारभूत ढांचे और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के हर जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों और राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत बने। नीति आयोग ने बताया—निर्यात आर्थिक विकास की रीढ़ नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। निर्यात न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, बल्कि वैश्विक वैल्यू चेन में भागीदारी बढ़ाने और व्यापार घाटे को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद उत्तराखंड की यह रैंकिंग निवेश आकर्षित करने और राज्य में औद्योगिक विकास के नए आयाम खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडेक्स में शीर्ष स्थान मिलने से राज्य में नए निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा, जिससे रोजगार व औद्योगिक विस्तार को गति मिलेगी। #🆕 ताजा अपडेट
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छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड पर सरकार सख्त, मुख्यमंत्री ने कहा– ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं देहरादून, 28 दिसंबर। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। हत्या में शामिल एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी की सूचना देने वाले को ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि आरोपी शीघ्र ही पुलिस हिरासत में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के प्रति सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी प्रकट कीं। #🆕 ताजा अपडेट
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छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड पर सरकार सख्त, मुख्यमंत्री ने कहा– ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं देहरादून, 28 दिसंबर। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। हत्या में शामिल एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी की सूचना देने वाले को ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि आरोपी शीघ्र ही पुलिस हिरासत में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के प्रति सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी प्रकट कीं। #🆕 ताजा अपडेट
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उत्तराखंड को खनन सुधारों के लिए केंद्र से 100 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन देहरादून, 20 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में लगातार सुधार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण एक बार फिर से केंद्र सरकार से बड़ा प्रोत्साहन प्राप्त किया है। खनिज मंत्रालय ने वर्ष 2025–26 के लिए लघु खनिज सुधारों के अंतर्गत विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इससे पहले, अक्टूबर 2025 में भी राज्य को SMRI रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिल चुका है। इस प्रकार, उत्कृष्ट सुधारों और प्रभावी नीतियों के कारण अब तक उत्तराखंड को कुल 200 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने खनन सुधारों पर विशेष ध्यान दिया और बेहतर नीतियों को लागू किया, जिससे उत्तराखंड देश में खनन क्षेत्र में नंबर एक स्थान प्राप्त करने में सफल रहा। केंद्रीय सरकार द्वारा 18 नवंबर 2025 को जारी नवीनतम कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, राज्य ने खनन क्षेत्र में अधिकांश सुधार-संबंधित कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू किया है। विशेष रूप से, उत्तराखंड ने लघु खनिज सुधारों से जुड़े 7 प्रमुख मानदंडों में से 6 को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखंड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और व्यवसाय-मैत्रीपूर्ण नीतियों ने राज्य की राजस्व आय में भी वृद्धि की है। खनन विभाग का सशक्त प्रबंधन और नई नीतियों ने न केवल सरकारी आय बढ़ाई बल्कि खनन गतिविधियों में शामिल लाखों लोगों के लिए रोजगार भी सृजित किया। इन सुधारों से हजारों व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक लाभ भी मिला है। स्थानीय लोग और सरकारी एजेंसियां अब निर्माण सामग्री सस्ती दरों पर प्राप्त कर पा रहे हैं। खनन गतिविधियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाए और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। केंद्रीय सरकार ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया है कि उत्तराखंड खनन क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए, वित्त मंत्रालय के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में उल्लेखित राज्यों—नागालैंड, जम्मू और कश्मीर, और उत्तराखंड—में उत्तराखंड का प्रदर्शन सर्वोत्तम आंका गया। मंत्रालय के अनुसार, सभी राज्यों ने अपने खनन सुधार प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाया है। इस उपलब्धि के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि खनन क्षेत्र उत्तराखंड सरकार के लिए प्रमुख राजस्व स्रोत बनकर उभरा है। बढ़ती पारदर्शिता, बेहतर नीति निर्माण और समय पर सुधारों के कारण उत्तराखंड राष्ट्रीय खनन परिदृश्य में मजबूत और विश्वसनीय पहचान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों का पालन कर रहे हैं। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-नीलामी प्रणाली और सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसे कई कदम लागू किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अवैध खनन पर नियंत्रण कड़ा किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड #📢20 नवंबर के अपडेट 🗞️
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उत्तराखंड स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 8260 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण देहरादून, 9 नवंबर – उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में ₹8,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की लंबी यात्रा तय की है — राज्य का बजट 4 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, बिजली उत्पादन चार गुना और सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है और राज्य अब पर्यटन, योग और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना सकता है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए UCC और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे साहसिक कदमों को प्रशंसनीय बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के मंत्र पर राज्य आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में नई ऊंचाइयां छू रहा है। #📢9 नवंबर के अपडेट 🗞️
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🚩 कपाट बंदी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी श्री केदारनाथ धाम पहुंचेमुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की 🙏इस अवसर पर उन्होंने धाम में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन हेतु पहुंचे।मुख्यमंत्री ने कहा —“चारधाम यात्रा ना केवल प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाती है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड को पूरे विश्व में बसे सनातन धर्मावलंबियों से जोड़ती है।”उन्होंने तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों, स्थानीय कारोबारियों और तीर्थयात्रियों का आभार व्यक्त किया तथा वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अभी से तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जय बाबा केदार 🙏 #केदारनाथ #चारधामयात्रा #PushkarSinghDhami #DevbhoomiUttarakhand #BabaKedar #Uttarakhand #🛕केदारनाथ धाम शीतकाल के लिए हुए बंद 🙏
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राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने किया पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन–2025 के ब्रोशर का लोकार्पण 📖✨ जनसंपर्क का ‘महाकुंभ’ इस दिसंबर देहरादून में 🙌 पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) देहरादून चैप्टर द्वारा आयोजित 47वां अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन–2025 का ब्रोशर आज राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल ने जारी किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन 13 से 15 दिसंबर 2025 तक देहरादून में आयोजित होगा। इस वर्ष का विषय है — “पब्लिक रिलेशंस विज़न फॉर विकसित भारत @2047” 🇮🇳 इस अवसर पर श्री नरेश बंसल ने कहा कि जनसंपर्क समाज, सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करता है। यह केवल सूचना प्रसारण नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और सकारात्मक सोच के माध्यम से विकास को नई दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क की भूमिका जनता को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर देहरादून में ऐसा भव्य आयोजन होना गर्व की बात है। यह सम्मेलन न केवल जनसंपर्क क्षेत्र को नई पहचान देगा, बल्कि युवाओं के लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर होगा। पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के पदाधिकारियों ने बताया कि यह तीन दिवसीय महाकुंभ देशभर के जनसंपर्क पेशेवरों, मीडिया प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाएगा। सम्मेलन में डिजिटल मीडिया की भूमिका, नई संचार प्रवृत्तियों और जनसंचार के आधुनिक आयामों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसका उद्देश्य विकसित भारत के भविष्य के लिए एक मजबूत और संवेदनशील संचार ढांचा तैयार करना है। कार्यक्रम में पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट, और सदस्य अनिल वर्मा, वैभव गोयल, संजय पांडे, नवीन कंदारी, दीपक नौटियाल, सुशील सती व सुनील राणा उपस्थित रहे। #PRSI #PublicRelations #ViksitBharat2047 #Dehradun #Uttarakhand #PublicRelationsMahakumbh #📢22 अक्टूबर के अपडेट 🗞️
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