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3 days ago
चार धाम यात्रा 2026 का शुभारंभ 🙏 प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देवभूमि Uttarakhand में शुरू हुई पवित्र चार धाम यात्रा पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। Kedarnath Temple सहित चारों धामों की यह यात्रा भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक है। 🔹 PM की खास अपील: यात्रा के दौरान अपनाएं “डिजिटल उपवास” और प्रकृति की अद्भुत सुंदरता को करीब से महसूस करें। 🔹 5 संकल्प अपनाएं: ✅ स्वच्छता बनाए रखें ✅ पर्यावरण का सम्मान करें ✅ सेवा और सहयोग की भावना रखें ✅ “Vocal for Local” को बढ़ावा दें ✅ अनुशासन और सुरक्षा का पालन करें प्रधानमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स से भी अपील की है कि वे उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाएं। #CharDhamYatra #Kedarnath #Uttarakhand #SpiritualIndia #EkBharatShreshthaBharat #🛕केदारनाथ धाम के खुले कपाट 🙏
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2 months ago
🌞 उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा में 1 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया 📍 Uttarakhand ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) से अधिक सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता का आंकड़ा पार कर लिया है। राज्य की कुल स्थापित सौर क्षमता अब लगभग 1027.87 मेगावाट हो गई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व और नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” और हरित ऊर्जा के विज़न ने राज्य में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया है। 🔆 प्रमुख बिंदु 397 मेगावाट – ग्राउंड माउंटेड सोलर परियोजनाएं 241 मेगावाट – रूफटॉप सोलर (PM सूर्य घर योजना) 137 मेगावाट – मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 110 मेगावाट – वाणिज्यिक नेट मीटरिंग 51 मेगावाट – कैप्टिव सोलर प्लांट 37 मेगावाट – नहर-टॉप एवं नहर-बैंक परियोजनाएं 26 मेगावाट – सरकारी भवनों पर सोलर इंस्टॉलेशन वर्तमान में 100 मेगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता स्थापित की जा रही है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में Uttarakhand Renewable Energy Development Agency (UREDA) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सौर परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया। 🌱 यह उपलब्धि न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन को भी मजबूत करती है। #🆕 ताजा अपडेट
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3 months ago
उत्तराखंड नीत‍ि आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में शीर्ष पर छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान; मुख्यमंत्री धामी ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया नई दिल्ली/देहरादून। नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स (EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता राज्य की निर्यात-उन्मुख नीतियों, बेहतर व्यापारिक माहौल और मजबूत बुनियादी ढांचे का परिणाम है। मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई, कहा—राज्य के लिए गर्व का क्षण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि छोटे राज्यों की श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल करना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत आधारभूत ढांचे और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के हर जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों और राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत बने। नीति आयोग ने बताया—निर्यात आर्थिक विकास की रीढ़ नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। निर्यात न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, बल्कि वैश्विक वैल्यू चेन में भागीदारी बढ़ाने और व्यापार घाटे को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद उत्तराखंड की यह रैंकिंग निवेश आकर्षित करने और राज्य में औद्योगिक विकास के नए आयाम खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडेक्स में शीर्ष स्थान मिलने से राज्य में नए निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा, जिससे रोजगार व औद्योगिक विस्तार को गति मिलेगी। #🆕 ताजा अपडेट
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3 months ago
छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड पर सरकार सख्त, मुख्यमंत्री ने कहा– ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं देहरादून, 28 दिसंबर। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। हत्या में शामिल एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी की सूचना देने वाले को ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि आरोपी शीघ्र ही पुलिस हिरासत में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के प्रति सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी प्रकट कीं। #🆕 ताजा अपडेट
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3 months ago
छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड पर सरकार सख्त, मुख्यमंत्री ने कहा– ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं देहरादून, 28 दिसंबर। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगी और इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। हत्या में शामिल एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी की सूचना देने वाले को ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम नेपाल भी भेजी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि आरोपी शीघ्र ही पुलिस हिरासत में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के प्रति सरकार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी और ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं भी प्रकट कीं। #🆕 ताजा अपडेट
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4 months ago
47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन–2025 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संबोधन देहरादून, 13 दिसंबर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “पीआर विज़न–2047 विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा”। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार और जनता के बीच विश्वसनीय, पारदर्शी और समयबद्ध संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आज देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित होटल एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित 47वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन–2025 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया तथा आयोजन स्थल पर लगी फोटो प्रदर्शनी और हस्तशिल्प स्टॉल का अवलोकन कर स्थानीय कलाकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “विकसित भारत @2047: विरासत के साथ विकास” रखी गई है। देशभर से जनसंपर्क एवं संचार विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ-साथ रूस से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी प्रदान किया है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जनसंपर्क केवल सूचना प्रसार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक सशक्त और प्रभावी स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि सूचना की अधिकता के साथ-साथ भ्रामक सूचनाओं की चुनौती भी गंभीर होती जा रही है, ऐसे में सही, तथ्यपरक और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा-संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में संवाद कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि विश्वास की बुनियाद है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक और पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसंपर्क संकट के समय एक प्रभावी कमांड सेंटर के रूप में कार्य कर सकता है और सकारात्मक राष्ट्रीय विमर्श के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से निकलने वाला यह विज़न विकसित भारत–2047 के संकल्प को नई दिशा देगा। राज्य के विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेज़ी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024–25 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग ₹3.78 लाख करोड़ तक पहुँचने की संभावना है तथा प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही राज्य के बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और बेरोज़गारी दर में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई और रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास हो रहा है। उत्तराखंड को धार्मिक पर्यटन, वेलनेस, एडवेंचर टूरिज़्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे, रोपवे परियोजनाएं और हवाई अड्डों का विस्तार राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। साथ ही, विंटर टूरिज़्म को बढ़ावा देकर वर्षभर पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। निवेश और उद्योग पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में राज्य को उल्लेखनीय सफलता मिली है। सिंगल विंडो सिस्टम और नई औद्योगिक व स्टार्टअप नीतियों के चलते उत्तराखंड एक उभरते निवेश केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि “एक जनपद–दो उत्पाद”, हाउस ऑफ हिमालयाज, मिलेट मिशन तथा नई पर्यटन और फिल्म नीति जैसी योजनाएं स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका को सशक्त बना रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तराखंड की उपलब्धियां पारदर्शी, प्रभावी और सहभागी शासन का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, जनसांख्यिकीय संतुलन और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नीतियां आज देश के लिए एक मॉडल बन रही हैं और विकसित भारत–2047 की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा और महिला शक्ति इस सदी की ध्वजवाहक बनेगी।” इस अवसर पर अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए PRSI द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, PRSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर अध्यक्ष श्री रवि बिजारनिया, रूस से आए प्रतिनिधि श्री मिखाइल मासलोव, सुश्री डेविडेंको यूलिया, सुश्री अन्ना तालानिना, तथा देशभर से आए जनसंपर्क और संचार विशेषज्ञ उपस्थित रहे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 15 दिसंबर को संपन्न होगा, जिसमें उत्तराखंड के 25 वर्षों की विकास यात्रा, मीडिया और जनसंपर्क, तकनीक, जीएसटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर अपराध, भ्रामक सूचना और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।
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5 months ago
उत्तराखंड को खनन सुधारों के लिए केंद्र से 100 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन देहरादून, 20 नवंबर 2025 — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में लगातार सुधार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण एक बार फिर से केंद्र सरकार से बड़ा प्रोत्साहन प्राप्त किया है। खनिज मंत्रालय ने वर्ष 2025–26 के लिए लघु खनिज सुधारों के अंतर्गत विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया है। इससे पहले, अक्टूबर 2025 में भी राज्य को SMRI रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिल चुका है। इस प्रकार, उत्कृष्ट सुधारों और प्रभावी नीतियों के कारण अब तक उत्तराखंड को कुल 200 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने खनन सुधारों पर विशेष ध्यान दिया और बेहतर नीतियों को लागू किया, जिससे उत्तराखंड देश में खनन क्षेत्र में नंबर एक स्थान प्राप्त करने में सफल रहा। केंद्रीय सरकार द्वारा 18 नवंबर 2025 को जारी नवीनतम कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, राज्य ने खनन क्षेत्र में अधिकांश सुधार-संबंधित कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू किया है। विशेष रूप से, उत्तराखंड ने लघु खनिज सुधारों से जुड़े 7 प्रमुख मानदंडों में से 6 को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे इसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उत्तराखंड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और व्यवसाय-मैत्रीपूर्ण नीतियों ने राज्य की राजस्व आय में भी वृद्धि की है। खनन विभाग का सशक्त प्रबंधन और नई नीतियों ने न केवल सरकारी आय बढ़ाई बल्कि खनन गतिविधियों में शामिल लाखों लोगों के लिए रोजगार भी सृजित किया। इन सुधारों से हजारों व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक लाभ भी मिला है। स्थानीय लोग और सरकारी एजेंसियां अब निर्माण सामग्री सस्ती दरों पर प्राप्त कर पा रहे हैं। खनन गतिविधियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाए और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। केंद्रीय सरकार ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया है कि उत्तराखंड खनन क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए, वित्त मंत्रालय के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये देने का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में उल्लेखित राज्यों—नागालैंड, जम्मू और कश्मीर, और उत्तराखंड—में उत्तराखंड का प्रदर्शन सर्वोत्तम आंका गया। मंत्रालय के अनुसार, सभी राज्यों ने अपने खनन सुधार प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाया है। इस उपलब्धि के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि खनन क्षेत्र उत्तराखंड सरकार के लिए प्रमुख राजस्व स्रोत बनकर उभरा है। बढ़ती पारदर्शिता, बेहतर नीति निर्माण और समय पर सुधारों के कारण उत्तराखंड राष्ट्रीय खनन परिदृश्य में मजबूत और विश्वसनीय पहचान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों का पालन कर रहे हैं। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-नीलामी प्रणाली और सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसे कई कदम लागू किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अवैध खनन पर नियंत्रण कड़ा किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड #📢20 नवंबर के अपडेट 🗞️
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5 months ago
उत्तराखंड स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 8260 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण देहरादून, 9 नवंबर – उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में ₹8,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की लंबी यात्रा तय की है — राज्य का बजट 4 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, बिजली उत्पादन चार गुना और सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 2 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है और राज्य अब पर्यटन, योग और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना सकता है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए UCC और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे साहसिक कदमों को प्रशंसनीय बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के मंत्र पर राज्य आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में नई ऊंचाइयां छू रहा है। #📢9 नवंबर के अपडेट 🗞️
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5 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती समारोह में की भागीदारी 🇮🇳 प्रधानमंत्री ने कहा — “उत्तराखंड ने 25 वर्षों में विकास और सेवा के नए आयाम स्थापित किए हैं। अगले 25 वर्ष ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने का समय है।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और राज्य की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। #UttarakhandAt25 #PMModi #Dehradun #SilverJubilee #ViksitBharat #Devbhoomi https://www.youtube.com/live/TRrjMDMtu6M?si=Upx2kqg0Vjaaydxi #📢9 नवंबर के अपडेट 🗞️
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6 months ago
🚩 कपाट बंदी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी श्री केदारनाथ धाम पहुंचेमुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की 🙏इस अवसर पर उन्होंने धाम में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और कहा कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन हेतु पहुंचे।मुख्यमंत्री ने कहा —“चारधाम यात्रा ना केवल प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाती है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड को पूरे विश्व में बसे सनातन धर्मावलंबियों से जोड़ती है।”उन्होंने तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों, स्थानीय कारोबारियों और तीर्थयात्रियों का आभार व्यक्त किया तथा वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अभी से तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जय बाबा केदार 🙏 #केदारनाथ #चारधामयात्रा #PushkarSinghDhami #DevbhoomiUttarakhand #BabaKedar #Uttarakhand #🛕केदारनाथ धाम शीतकाल के लिए हुए बंद 🙏