#🙏कर्म क्या है❓#🌸 सत्य वचन#🙏गुरु महिमा😇#☝अनमोल ज्ञान#❤️जीवन की सीख
#GodMorningWednesday
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काल ब्रह्म के लोक में शांति व सुख का नामोनिशान भी नहीं है।
त्रिगुणी माया से उत्पन्न काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, राग-व्देष, हर्ष-शोक, लाभ-हानि, मान-बड़ाई रूपी अवगुण हर जीव को परेशान किए हुए हैं।
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#GodMorningTuesday
वीरों की धरती पर मानवता की सेवा।
सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान)
में 135 यूनिट रक्तदान कर संत रामपाल जी के
शिष्यों ने निभाया अपना सामाजिक धर्म।
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#GodMorningSunday
ये कसाई का लोक है।
कबीर परमात्मा ने कहा कि तुम जिस लोक में रह रहे हो ये कसाई का लोक है।
यहां कोई रहम नाम की चीज़ नहीं है। किसी का बेटा मरो। किसी की बेटी मरो।
पूरा क्षेत्र नष्ट हो जाओ।
इस काल में दया नाम की चीज़ नहीं है।
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#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी, जिला झज्जर में सन् 1717 में
जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के
रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् 1784, सन् 1727 में फाल्गुन मास
की सुदी द्वादशी को मिले थे।
इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा है:
सर्व कला सतगुरु साहेब की,
हरि आए हरियाणे नूँ।
कबीर परमेश्वर
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#GodMorningFriday
प्रथम संत को जीमाइए, पीछे भोजन भोग।
ऐसे पाप को टालिये, कटे नित्य का रोग।।
यदि आपके घर पर कोई संत (भक्त) आ जाए तो पहले
उसको भोजन कराना चाहिए, पीछे आप भोजन खाना चाहिए।
इस प्रकार अपने सिर पर नित्य आने वाले कष्ट को टालना चाहिए।
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सतपुरुष पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी संत गरीबदास जी महाराज के गुरु थे, जिन्होंने संत गरीबदास जी को सतलोक दर्शन कराने के बाद उनमें संपूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान समाहित किया। तत्पश्चात् गरीबदास जी ने ईश्वर की प्रत्यक्षदर्शी महिमा का गुणगान किया और सतग्रंथ (गरीब दास जी की वाणी का संग्रह) की रचना की।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं, यह चारों युग परवान | यह झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान ॥