पुज्या गौमाता के चरणों में परम् आनंद, अनंत शांति और दिव्य आशीर्वाद निहित है, पौराणिक धर्म शास्त्रों के अनुसार वैदिक गौवंश की सेवा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की क्रमशः प्राप्ति होती है।
#गौमहिमा
गौमाता की सेवा, गौवंश की रक्षा, गौ की उपासना, गऊ का चिंतन, गाय नंदी पुजन, गौअर्चन और गौसेवा (गौकार्य) से जुड़ा हर कर्म नर नारी को भगवान श्री कृष्ण जी का प्रिय बना देता है।
#गौमहिमा
तासां च प्रचरं कृत्वा तथैव सलिलाशयम्।
स्वर्गलोकमुपाश्नन्ति बहून्यब्दगणानि तु सस।।
'विष्णुधर्मोत्तरपुराण'
गौओं को चराकर उन्हें जलाशय तक घुमाकर जल पिलाने से मनुष्य अनन्त वर्षों तक स्वर्ग में निवास करता है।
#गौमहिमा
`गौमाता रुखा सुखा तृण (घास) खाकर अमृत रूपी गौदुग्ध प्रदान करती है,` गौवंश के आहार हेतु कलिकाल में गौधाम में सेवित गाय, नंदी को गौग्रास की अति आवश्यकता है, आप स्वयं और परिचित से खाखला दान होने की सूचना भिजवाएं, हम चारा परिवहन करके गौशाला पहुंचाएंगे।
#गौमहिमा