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कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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11 days ago
एक कविता मजदूर दिवस पर मेहनत में कोई कसर नहीं होती, खुशियाँ कभी मयस्सर नहीं होती, ढो रहा हूं अपनी ज़िंदगी का बोझ तकलीफ की मेरी ख़बर नहीं होती! फटती एड़ियां पड़ते छाले हाथों में, किसी को हमारी फ़िकर नहीं होती! रोज़ाना ही रहता है दर्द मेरे बदन में, शिक़ायत पर ये अक्सर नहीं होती! #sumitkikalamse ✍सुमित मानधना 'गौरव', सूरत 😎 #📚कविता-कहानी संग्रह #1, मई मजदूर दिवस 🙏 #🙏1,मई मजदूर दिवस 👍s #kavita #कविता
B R S
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26 days ago
Funny Kavita 🌹🎉 kavi ki udaan,🌹🎉 #kavita #kavi sammelan
Dr. Mulla Adam Ali
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1 months ago
जिम्मेदारी कंधों पर रखी हुई, एक अनकही सी बात है, हर कदम को दिशा देती, जीवन की ये सौगात है। कभी बोझ सी लगती है, कभी गर्व का एहसास, जिम्मेदारी ही बनाती है, इंसान को ख़ास॥ ~ डॉ. मुल्ला आदम अली ©® Dr. Mulla Adam Ali's Poem: Responsibility #poetry #hindi #Responsibility #कविता #kavita