इस प्रकार की वारदातों के कारण सिखों की छवि धूमिल होती जा रही है और उनकी पाँच निशानियों पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं । कोर्ट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य से स्पष्ट होता है कि हत्या पर्शियन ब्लेड से की गई थी ना कि किरपान से । एक व्यक्ति के कृत्य से पूरे सिख पंथ को निशाने पे नहीं…#🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट#शिरोमणी अकाली दल#सिक्ख धर्म#🗞️पॉलिटिकल अपडेट#दिल्ली
दिल्ली सरकार एवं भारत के होम मिनिस्टर से अपील है कि वे चुनावी प्रक्रिया को 31 दिसंबर 2026 तक निपटाये जाना सुनिश्चित करें एवं मंत्री की दख़लंदाज़ी से प्रबंधन को मुक्त करायें : परमजीत सिंह सरना#🗞️पॉलिटिकल अपडेट#सियासत पर नजर#🙏गुरुद्वारा#sikh#चुनाव