sita navmi

💐 प्रतिभा 🖤मंगल 💐
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21 days ago
श्री जानकी रामाभ्यां नमः 🙏 वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को माता सीता के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है, इस वर्ष सीता नवमी 25 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुष्य नक्षत्र के मध्याह्न काल में जब राजा जनक संतान प्राप्ति के लिये हल से यज्ञ भूमि जोत रहे थे। तब पृथ्वी से एक बालिका का प्राकट्य हुआ, जोती हुई भूमि तथा हल के नोक को भी सीता कहा जाता है, इसलिए बालिका का नाम सीता रखा गया था। वाल्मिकी रामायण के अनुसार, एक बार मिथिला में भयंकर सूखा पड़ा था प्रजा में हाहाकार मचा था। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए राजा जनक को एक ऋषि ने यज्ञ करने और खुद धरती पर हल चलाने का सुझाव दिया। राजा जनक ने अपनी प्रजा के लिए यज्ञ करवाया और फिर धरती पर हल चलाने लगे। तभी उनका हल धरती के अंदर किसी वस्तु से टकराया। मिट्टी हटाने पर उन्हें वहां सोने की डलिया में मिट्टी में लिपटी एक सुंदर कन्या मिली। जैसे ही राजा जनक सीता जी को अपने हाथ से उठाया, वैसे ही तेज बारिश शुरू हो गई। इस दिन भगवान श्री राम के साथ माता सीता की पूजा करने से 16 महान दानों और सभी तीर्थों के दर्शन के समान फल प्राप्त होता है। लक्ष्मी स्वरूपा माँ सीता जी की कृपा से दरिद्रता दूर होती है, एवं इस दिन व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में भी सुख-शांति आती है। इस दिन माता सीता को सोलह श्रृंगार की सामग्री, पीले रंग के फूल एवं भोग लगा कर पूजा करनी चाहिए, इस दिन ॐ जनकनंदिन्यै विद्महे, भूमिजायै धीमहि, तन्नो सीता प्रचोदयात् मंत्र का 108 बार जप करना भी शुभदायी माना गया है। सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये 🙏 #🪔शुभ शनिवार🙏 #सीता नवमी #🙏 सीता नवमी ✨ #🙏राम राम जी