सुखदेव

Ajay Sharma
556 ने देखा
17 दिन पहले
AI indicator
*शहीद सुखदेव थापर अमर रहें* 🇮🇳🙏 *15 मई 1907 - 23 मार्च 1931* *कोटि-कोटि नमन है उस वीर को* जिसने सिर्फ 23 साल की उम्र में हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूम लिया। *अमर शहीद सुखदेव थापर जी* - नाम ही काफी है सीना गर्व से चौड़ा करने के लिए। भगत सिंह और राजगुरु के साथ "इंकलाब जिंदाबाद" का नारा बुलंद करने वाले, लाला लाजपत राय के अपमान का बदला लेने वाले, HSRA के वो स्तंभ जिन्होंने कहा था: *"अगर बहरों को सुनाना है तो आवाज़ बहुत तेज़ करनी होगी"* सांडर्स वध और असेम्बली बम कांड में उनकी भूमिका ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। जेल में भी वो झुके नहीं, टूटे नहीं। 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में भगत सिंह-राजगुरु के साथ फाँसी पर चढ़कर वो अमर हो गए। *उनका जीवन हमें सिखाता है:* मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं। अन्याय के सामने झुकना नहीं। और आज़ादी की कीमत खून से चुकानी पड़ती है। आज उनकी जयंती पर हम सब संकल्प लें कि उनके सपनों का भारत बनाएंगे - जहाँ भय, भूख और भ्रष्टाचार न हो। *विनम्र श्रद्धांजलि* 🌺 *जय हिन्द, जय भारत* 🦚 #सुखदेव
🇭ARISH🇯AHIREY
829 ने देखा
17 दिन पहले
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान “मैं जली हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं जो मिट गया वतन पर मैं वो शहीद हूं” — सुखदेव थापर "मैं जली हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं जो मिट गया वतन पर मैं वो शहीद हूं" — सुखदेव थापर (15 मई 1907 – 23 मार्च 1931) मां भारती की स्वतंत्रता हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी “अमर शहीद सुखदेव जी” की 119वीं जयंती पर उन्हें शत-शत नमन ! उन्होंने कम आयु में ही अपने साहस, त्याग और राष्ट्रसमर्पण से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका अमर बलिदान प्रत्येक भारतवासी के लिए प्रेरणा और गौरव का प्रतीक है। #🇮🇳सुखदेव थापा जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि🙏💐 #स्वतंत्रता सेनानी #सुखदेव जी #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳 देशभक्ति #🎖️देश के जांबाज