#एकता का पैगाम
हुजूर पाक' (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) इस्लाम धर्म के अंतिम और सर्वोपरि पैगंबर हैं। उन्हें अल्लाह का रसूल और मानवता के लिए मार्गदर्शन माना जाता है।
जन्म: लगभग 570 ईस्वी में मक्का (सऊदी अरब) में हुआ।आरंभिक जीवन: बहुत कम उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बाद आपके दादा और फिर चाचा ने आपकी परवरिश की। अपनी सच्चाई और ईमानदारी के कारण जवानी में ही आपको 'अल-अमीन' (विश्वसनीय) की उपाधि मिली।नबूवत: लगभग 40 वर्ष की आयु में आपको ईश्वरीय संदेश (वही) प्राप्त होना शुरू हुआ। आपने लोगों को एकेश्वरवाद (अल्लाह एक है) और नेकी का संदेश दिया।
रसूल ए पाक जेसी किसी की शान थोडी है
मिया नात ए नबी कहना आसान थोडी है नबी का नाम लेता है नबी पर जान दे देंगे बबी की शान से बढ़कर हमारी जान थोड़ी है #एकता का पैगाम
#एकता का पैगाम सकीना (स.अ.) इमाम हुसैन (अ.स.) की सबसे छोटी और अत्यंत लाडली बेटी थीं। उनके बारे में इमाम हुसैन (अ.स.) का दृष्टिकोण और उनके प्रति प्रेम के किस्से jaora📍
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यह चित्र हज़रत पीर सैय्यद सादिक शाह हुसैनी मदनी चिश्ती कादरी (Hazrat Peer Syed Sadiq Shah Hussaini Madani) की दरगाह शरीफ का है।यह पवित्र स्थान नासिक (Nashik),
#एकता का पैगाम
#एकता का पैगाम ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, जिन्हें दुनिया "गरीब नवाज" (गरीबों का मसीहा) के नाम से जानती है, इस्लाम के एक महान सूफी संत और भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक थे।
हर एक दिल की आवाज या गरीब नवाज
अली इब्ने अबी तालिब का जन्म 17 मार्च 600 मुसलमानों के तीर्थ स्थल काबा के अन्दर हुआ था। वे पैगम्बर मुहम्मद के चचाजाद भाई और दामाद थे और उनका चर्चित नाम हज़रत अली है। वे मुसलमानों के ख़लीफ़ा के रूप में जाने जाते हैं।
#एकता का पैगाम#🤲 इबादत#🤲 दुआएं