#🙏🌷🌲 जय मां भगवती🌲🌷🙏 #🙏🌷जय मां भगवती 💐🙏 #जय मां भगवती
ब्रह्मा विष्णु महेश जी, शक्ति रूप आधार।
कण-कण व्यापक चेतना, वंदत है संसार।।
अर्थ: ब्रह्मा, विष्णु और शिव (महेश) जी साक्षात परम शक्ति के ही रूप और आधार हैं। इस संसार का कण-कण उनकी व्यापक चेतना (प्राण/ऊर्जा) से भरा हुआ है, और पूरा संसार उनकी वंदना (पूजा) करता है।
भावार्थ:त्रिदेव एक ही शक्ति हैं: यह दोहा बताता है कि सृष्टि को बनाने वाले (ब्रह्मा), चलाने वाले (विष्णु) और संहार करने वाले (महेश) अलग नहीं हैं। वे एक ही परम चेतना (सुप्रीम पावर) के तीन रूप हैं।
कण-कण में ईश्वर: संसार की हर छोटी-से-छोटी चीज़ या जीव में वही एक ईश्वर वास करता है। परमात्मा किसी एक जगह नहीं, बल्कि हर जगह मौजूद हैं।सार्वभौमिक सत्य: पूरी दुनिया उस परम शक्ति के आगे सिर झुकाती है क्योंकि वही जीवन का असली आधार है।
भक्ति संदेश: भेदभाव का अंत: ईश्वर को अलग-अलग नामों (ब्रह्मा, विष्णु, शिव) में बांटकर लड़ने के बजाय, उन्हें एक ही मानकर भक्ति करें।हर जीव का सम्मान: जब भगवान कण-कण में हैं, तो हमें हर इंसान, पशु-पक्षी और प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।समर्पण का भाव: हमें उस सर्वव्यापक चेतना के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहना चाहिए और अहंकार को छोड़कर ईश्वर की शरण में रहना चाहिए।🙏