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Nilesh Kumar
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5 घंटे पहले
प्रेस नोट | 15/04/2026 पंचतत्व सत्याग्रह से झुका प्रशासन: सांकेतिक फांसी के आगे पस्त हुआ छतरपुर–पन्ना का सिस्टम अमित भटनागर के नेतृत्व में उग्र हुआ जनआंदोलन, प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें—फिर भी जारी रहेगा संघर्ष छतरपुर/पन्ना (मध्यप्रदेश) केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहा आदिवासी-किसान आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज आंदोलनकारियों ने “पंचतत्व सत्याग्रह” के तहत जल, जंगल, जमीन और जीवन की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक प्रदर्शन किया, जिसमें सांकेतिक फांसी सत्याग्रह ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया। पंचतत्व सत्याग्रह: संघर्ष का नया प्रतीक आज आंदोलनकारियों ने पांच तत्वों— जल, मिट्टी, अग्नि (चिता), वायु (सांकेतिक फांसी) और उपवास—के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। जल सत्याग्रह: केन नदी में खड़े होकर विरोध, मिट्टी सत्याग्रह: अपनी जमीन बचाने का संकल्प, चिता आंदोलन लगातार जारी, विस्थापन - मृत्यु का संदेश भूख/चूल्हा बंद आंदोलन: पूरे गांव में भोजन त्याग, वायु सत्याग्रह (सांकेतिक फांसी): आज 5 आंदोलनकारियों ने सांकेतिक फांसी लगाकर चेतावनी दी, यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के “हाथ-पैर फूल गए” और तत्काल वार्ता करनी पड़ी। प्रशासन ने मानीं अहम मांगें लगातार दबाव और बढ़ते जनसमर्थन के बीच छतरपुर और पन्ना जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय: पूरी तरह पारदर्शी सर्वे होगा स्थानीय SDM को हटाकर बाहरी SDM तैनात किए जाएंगे, हर गांव में SDM/डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी सर्वे करेंगे, 7 दिनों के भीतर सर्वे पूरा करने का आश्वासन, SDM बिजावर की हस्तक्षेप समाप्त, गांव के बदले सुविधायुक्त नया गांव बसाने पर सहमति कट-ऑफ डेट अप्रैल 2026 करने पर विचार, मुआवजा बढ़ाने पर चर्चा: 12.30 लाख → 25 लाख अन्य परियोजनाओं में 5 लाख → 12.30 लाख, आदिवासी महिलाओं के लिए विशेष पैकेज पर सहमति (ऊपरी स्तर पर चर्चा) फिर भी क्यों जारी रहेगा आंदोलन? आंदोलनकारियों का कहना है कि: प्रशासन पहले भी कई बार लिखित आश्वासन देकर मुकर चुका है, इसलिए केवल आश्वासन नहीं, जमीन पर लागू निर्णय चाहिए अमित भटनागर (नेतृत्वकर्ता, जय किसान संगठन) ने कहा: हमने हर लोकतांत्रिक रास्ता अपनाया, लेकिन बार-बार धोखा मिला। अब यह आंदोलन सिर्फ अधिकार नहीं, अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। जब तक न्याय जमीन पर नहीं दिखेगा, आंदोलन जारी रहेगा।” आंदोलन का बढ़ता प्रभाव हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान आंदोलन | #india #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #mp #📹 वायरल वीडियो #📹 वायरल वीडियो #📹 ट्रेंडिंग वीडियो