🔥 1931 — जब अंबेडकर ने ब्रिटिश साम्राज्य के सामने भारत के वंचितों की आवाज़ बुलंद की।
लंदन में हुए Round Table Conference के दौरान डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने सिर्फ़ राजनीतिक सत्ता की बात नहीं की—उन्होंने दलितों और वंचित वर्गों के अधिकार, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय का सवाल ब्रिटिश सरकार के सामने मजबूती से रखा। ⚖️📜
उनकी लड़ाई किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं थी—
उस भारत के लिए थी, जहाँ इंसान की पहचान उसकी जाति नहीं, उसके अधिकार हों। 🔥✊
1931 का सवाल आज भी ज़िंदा है—
क्या संविधान में लिखी बराबरी समाज की ज़मीन तक पहुँची?
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