रामप्रसाद बिस्मिल मेरे प्रेरणास्त्रोत

Praveen Kumar Yadav
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4 days ago
महान भारतीय क्रांतिकारी एवं काकोरी काण्ड की घटना के नायक रामप्रसाद बिस्मिल जी की 129 वी जन्मजयंती पर मैं उन्हें कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.आप का जन्म शाहजहाँपुर जिले में हुआ था.आप की माताजी का नाम मूलमती देवी जी तथा पिताजी का नाम मुरलीधर जी था.आप ने काकोरी काण्ड की घटना को अंजाम दिया था जिस घटना में आप का साथ अशफ़ाक़उल्लाह खा जी,राजेन्द्र लाहिड़ी जी तथा ठाकुर रोशन सिंह जी जैसे क्रांतिकारियों ने दिया था.यह घटना एक रेलगाड़ी लूट की घटना थी.क्रांतिकारियों द्वारा चलाए जा रहे स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने के लिए,धन की व्यवस्था के लिए शाहजहाँपुर में हुई बैठक के दौरान रामप्रसाद बिस्मिल जी ने अग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की योजना बनाई.इस योजना के बाद राजेन्द्र लाहिड़ी जी ने 9 अगस्त को लखनऊ जिले के काकोरी रेलवे स्टेशन से आठ डाऊन सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर रेलगाड़ी को चेन खींच कर रोक दिया और अन्य क्रांतिकारियों जैसे अशफ़ाक़उल्लाह जी व 6 सहयोगियों की सहायता से रेलगाड़ी का सरकारी खजाना लूट लिया जिस घटना के बाद अग्रेजो ने आप चारों लोगों का साथ देने वालो को कालापानी की सजा सुनाई तथा आप चारों क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई गई.19 दिसम्बर 1927 ई को गोरखपुर जेल में रामप्रसाद बिस्मिल जी को,राजेन्द्र लाहिड़ी जी को गोड़ा जेल में तो वही अशफ़ाक़उल्लाह खा जी को फैजाबाद जेल में तथा ठाकुर रोशन सिंह जी को इलाहाबाद जेल में फांसी पर लटका दिया गया.आप सभी क्रांतिकारियों का देश की आज़ादी के लिए दिया गया बलिदान हम भारतवासी हमेशा याद रखेंगे. "सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल मे है" भारत माता की जय,इंकलाब जिंदाबाद,जय हिंद जय भारत, शत् शत् नमन.🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏(11 जून 1897 ई०) #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 #🥰मोटिवेशन वीडियो #deshbhakti #रामप्रसाद बिस्मिल मेरे प्रेरणास्त्रोत #👍 डर के आगे जीत👌
Praveen Kumar Yadav
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5 months ago
आज महान भारतीय क्रांतिकारी एवं काकोरी काण्ड की घटना के नायक अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल जी के जेल स्थल (गोरखपुर) में उनको नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जहां आप को क्रूर अंग्रेजी हुकूमत ने 19 दिसंबर 1927 ई को फांसी पर लटका दिया था। राम प्रसाद बिस्मिल जी ने काकोरी कांड के बाद करीब 18 महीने की कानूनी प्रक्रिया और जेल में समय बिताया, जिसमें गोरखपुर जेल में फांसी से पहले के 4 महीने और 10 दिन (लगभग 123 दिन) उनके जीवन के अंतिम और महत्वपूर्ण दिन थे,जहाँ उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी और एक साधना केंद्र के रूप में जेल की कोठरी का उपयोग किया,जिसे अब "बिस्मिल कक्ष" के रूप में संरक्षित किया गया है। यह मेरे लिए काफी भावुक और गर्व करने वाला पल है। आप का जन्म शाहजहाँपुर जिले में हुआ था.आप की माताजी का नाम मूलमती देवी जी तथा पिताजी का नाम मुरलीधर जी था.आप ने काकोरी काण्ड की घटना को अंजाम दिया था जिस घटना में आप का साथ अशफ़ाक़उल्लाह खा जी,राजेन्द्र लाहिड़ी जी तथा ठाकुर रोशन सिंह जी जैसे क्रांतिकारियों ने दिया था.यह घटना एक रेलगाड़ी लूट की घटना थी.क्रांतिकारियों द्वारा चलाए जा रहे स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने के लिए,धन की व्यवस्था के लिए शाहजहाँपुर में हुई बैठक के दौरान रामप्रसाद बिस्मिल जी ने अग्रेजी सरकार का खजाना लूटने की योजना बनाई.इस योजना के बाद राजेन्द्र लाहिड़ी जी ने 9 अगस्त को लखनऊ जिले के काकोरी रेलवे स्टेशन से आठ डाऊन सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर रेलगाड़ी को चेन खींच कर रोक दिया और अन्य क्रांतिकारियों जैसे अशफ़ाक़उल्लाह जी व 6 सहयोगियों की सहायता से रेलगाड़ी का सरकारी खजाना लूट लिया जिस घटना के बाद अग्रेजो ने आप चारों लोगों का साथ देने वालो को कालापानी की सजा सुनाई तथा आप चारों क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई गई.19 दिसम्बर 1927 ई को गोरखपुर जेल में रामप्रसाद बिस्मिल जी को,राजेन्द्र लाहिड़ी जी को गोड़ा जेल में तो वही अशफ़ाक़उल्लाह खा जी को फैजाबाद जेल में तथा ठाकुर रोशन सिंह जी को इलाहाबाद जेल में फांसी पर लटका दिया गया.आप सभी क्रांतिकारियों का देश की आज़ादी के लिए दिया गया बलिदान हम भारतवासी हमेशा याद रखेंगे. "सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल मे है" भारत माता की जय,इंकलाब जिंदाबाद,जय हिंद जय भारत, शत् शत् नमन.🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏(11 जून 1897 ई०) #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #👍 डर के आगे जीत👌 #🌞 Good Morning🌞 #🥰मोटिवेशन वीडियो #रामप्रसाद बिस्मिल मेरे प्रेरणास्त्रोत