Jyotish and vastudosh

Akshay Jamdagni
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2 days ago
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🚨 जन्माष्टमी पर सिर्फ एक पत्ता और थोड़ा सा दूध दूर करेगा आपकी बरसों पुरानी आर्थिक तंगी! 🚨 ​💥 20 करोड़ एकादशी के बराबर फल देने वाली मोहरात्रि का महा-रहस्य और आज का अचूक पंचांग! 💥 ​⚡ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! ⚡ ​🚩 ~ दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide ~ 🚩 ​💎 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamadagni 💎 ​🌤️ दिनांक - 03 सितंबर 2026 ​🌤️ दिन - गुरूवार ​🌤️ विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082) ​🌤️ शक संवत - 1948 ​🌤️ अयन - दक्षिणायन ​🌤️ ऋतु - शरद ऋतु ​🌤️ मास - भाद्रपद (गुजरात महाराष्ट्र अनुसार श्रावण) ​🌤️ पक्ष - कृष्ण ​🌤️ तिथि - सप्तमी 04 सितंबर रात्रि 02:25 तक तत्पश्चात अष्टमी ​🌤️ नक्षत्र - कृत्तिका रात्रि 12:29 तक तत्पश्चात रोहिणी ​🌤️ योग - व्याघात शाम 06:33 तक तत्पश्चात हर्षण ​🌤️ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:13 से 01:03 तक ​🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:44 से 03:34 तक ​🌤️ राहुकाल - दोपहर 02:12 से शाम 03:46 तक ​🌤️ यमगण्ड काल - सुबह 06:23 से 07:57 तक ​🌤️ गण्डमूल - आज गण्डमूल नक्षत्र नहीं है ​🌤️ सूर्योदय - 06:23 ​🌤️ सूर्यास्त - 06:52 ​👉 दिशाशूल - दक्षिण दिशा में ​🚩 व्रत पर्व विवरण - शीतला सप्तमी ​💥 विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) ​💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए। (स्कन्द पुराण) ​💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। ​🌿 जन्माष्टमी का अचूक धन-समृद्धि उपाय 🌿 ――――――――――――――――――――――――――― 👉🏻 जन्माष्टमी की रात्रि को एक साबुत पान का पत्ता लें। उस पर कुमकुम अथवा अष्टगंध से 'श्रीं' लिखें। इसके बाद थोड़े से कच्चे दूध और गंगाजल से दक्षिणावर्ती शंख द्वारा लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। पूजन के बाद यह पान का पत्ता अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। इस उपाय से दरिद्रता दूर होकर मां लक्ष्मी की स्थाई कृपा प्राप्त होती है। ​🌷 जन्माष्टमी व्रत की महिमा 🌷 ―――――――――――――――――― ​➡ 04 सितम्बर 2026 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। ​➡ १] भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं |” ​➡ २] धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है |” ​🌷 चार रात्रियाँ विशेष पुण्य प्रदान करनेवाली हैं 🌷 ――――――――――――――――――――――――――― ​🙏 १) दिवाली की रात २) महाशिवरात्रि की रात ३) होली की रात और ४) कृष्ण जन्माष्टमी की रात। इन विशेष रात्रियों का जप, तप, जागरण अत्यंत पुण्य प्रदायक है। ​🙏 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मन्त्र जपते हुए जागने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। (शिवपुराण, कोटिरूद्र संहिता अ. 37) ​🌷 जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा 🌷 ――――――――――――――――――――――― ​🙏🏻 जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है। इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं। ​🙏🏻 जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है। ​🙏🏻 ‘वायु पुराण’ में उल्लेख है कि जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मनाकर भोजन ग्रहण करता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियों को तार लेता है। इसका अर्थ यह नहीं कि गंभीर रोग या मधुमेह से पीड़ित लोग भी भूखे रहें। बालक, दुर्बल तथा वृद्धजन फलाहार ले सकते हैं। ​🙏🏻 जन्माष्टमी के दिन किया गया जप अनंत गुना फल देता है। पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको 'क्लीं कृष्णाय नमः' मंत्र अथवा गुरु मंत्र का थोड़ा भी जप करने का अवसर मिले, उसके त्रिताप नष्ट हो जाते हैं। ​🙏🏻 ‘भविष्य पुराण’ के अनुसार यह व्रत सुख-शांति, आरोग्य, दीर्घायु प्रदान करने वाला और दुर्भाग्य को दूर भगाने वाला है। ​👇 अपनी सहभागिता दर्ज करें 👇 ―――――――――――――――――― 👉 क्या आप इस जन्माष्टमी व्रत रख रहे हैं? कमेंट में 'जय श्री कृष्णा' लिखकर अपनी हाजिरी लगाएं और इस दुर्लभ पंचांग व अचूक उपाय को अपने परिवार और मित्रों के साथ अवश्य साझा करें! ​#panchang #aajkapanchang #janmashtami #krishnajanmashtami #sheetalasaptami #hinduism #sanatandharma #shrikrishna #muhurat #choghadiya #bhakti #hinducalendar #astrovastukosh #akshayjamdagni #astrovastukosh ##akshayjamdagni #❤️जीवन की सीख #🙏शाम की आरती🪔 #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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4 days ago
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🚨 95% लोग नहीं जानते जन्माष्टमी का यह 1 अचूक वैदिक उपाय, जिससे बदल सकता है आपका भाग्य और घर में गूँज सकती है दिव्य संतान की किलकारी! ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🕉️ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! 🕉️ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🚩 दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide 🚩 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🪔 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamdagni 🪔 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🌤️ दिनांक - 01 सितंबर 2026 ​🌤️ दिन - मंगलवार ​🌤️ विक्रम संवत 2083 ​🌤️ शक संवत -1948 ​🌤️ अयन - दक्षिणायन ​🌤️ ऋतु - शरद ॠतु ​🌤️ मास - भाद्रपद ​🌤️ पक्ष - कृष्ण ​🌤️ तिथि - चतुर्थी सुबह 07:41 तक तत्पश्चात पंचमी ​🌤️ नक्षत्र - अश्विनी 02 सितम्बर रात्रि 02:42 तक तत्पश्चात भरणी ​🌤️ योग - वृद्धि रात्रि 11:39 तक तत्पश्चात ध्रुव ​🌤️ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:13 से 01:03 तक ​🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:43 से 03:33 तक ​🌤️ राहुकाल - शाम 03:47 से शाम 05:21 तक ​🌤️ यमगंड - सुबह 09:30 से 11:04 तक ​🌤️ गंडमूल - 01 सितम्बर पूरे दिन व रात्रि 02:42 तक (अश्विनी नक्षत्र) ​🌤️ सूर्योदय - 06:23 ​🌤️ सूर्यास्त - 06:53 ​👉 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे ​🚩 व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी,(सूर्योदय से सुबह 07:41 तक),पंचक (समाप्त : प्रातः 03:23) ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​💥 विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) ​💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण) ​💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। ​👉🏻 जन्माष्टमी पर चूकना मत! इस 1 उपाय से दिव्य संतान की होगी प्राप्ति ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🌷 जन्माष्टमी 🌷 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​➡ 04 सितम्बर 2026 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। ​🙏🏻 भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है | - ब्रह्मवैवर्त पुराण ​🌷 गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत 🌷 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​👩🏻 जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं..... उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है..... ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है | ​🌷 20 करोड एकादशी का फल देनेवाला व्रत 🌷 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🙏 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है । ​🙏 भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता । ​🙏 एकादशी का व्रत हजारों - लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है ​🙏 एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए । ​बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर - उधर का कचरा अपने मुख में न डालें । ​🙏 इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते - पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें। ​⚡ पंच उपाय: जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में किया गया जप और पूर्ण मानसिक उपवास 20 करोड़ एकादशियों के फल और दिव्य संतान का साक्षात वरदान देता है। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​📢 इस शक्तिशाली वैदिक उपाय को अभी सेव करें ताकि सही विधि न भूलें, और इसे अपने परिवार व मित्रों के साथ शेयर करके कमेंट में 'जय श्री कृष्णा' लिखें! ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​#panchang #hindupanchang #dainikpanchang #shubhmuhurat #janmashtami #krishnajanmashtami #astrology #vastu #hinducalendar #sanatandharma #radhakrishna #vedicastrology #🙏 माँ वैष्णो देवी ##akshayjamdagni #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख #🙏शाम की आरती🪔
Akshay Jamdagni
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6 days ago
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⚡ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! ⚡ ​गलत समय पर की गई शुरुआत बनते काम बिगाड़ सकती है, इसलिए आज का अभिजित मुहूर्त और विशेष नियम देखकर ही अपने दिन की योजना बनाएं। ​🚩 ~ दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide ~ 🚩 ══════════════════════════════════════════ ​💎 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamadagni 💎 ​🌤️ दिनांक - 30 अगस्त 2026 ​🌤️ दिन - रविवार ​🌤️ विक्रम संवत 2083 ​🌤️ शक संवत - 1948 ​🌤️ अयन - दक्षिणायन ​🌤️ ऋतु - शरद ॠतु ​🌤️ मास - भाद्रपद ​🌤️ पक्ष - कृष्ण ​🌤️ तिथि - द्वितीया सुबह 09:36 तक तत्पश्चात तृतीया ​🌤️ नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद 31 अगस्त रात्रि 03:44 तक तत्पश्चात रेवती ​🌤️ योग - धृति 31 अगस्त रात्रि 03:46 तक तत्पश्चात गण्ड ​🌤️ राहुकाल - शाम 05:22 से शाम 06:57 तक ​🌤️ गुलिक काल - दोपहर 03:47 से शाम 05:22 तक ​🌤️ अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:04 तक ​🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:44 से दोपहर 03:35 तक ​🌤️ गण्डमूल मुहूर्त - 31 अगस्त रात्रि 03:44 से आरंभ (रेवती नक्षत्र) ​🌤️ सूर्योदय - 06:22 ​🌤️ सूर्यास्त - 06:55 ​👉 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे ​🚩 व्रत पर्व विवरण - व्रत ​💥 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) ​💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए। (स्कन्द पुराण) ​💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। ​🌷 बहुला चतुर्थी 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​🙏🏻 भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार यह चतुर्थी 31 अगस्त, सोमवार को है। ​🌷 ऐसे करें व्रत 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​👩🏻 महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें। ​👉🏻 शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है। ​🌷 कजरी तीज 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​🙏🏻 भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि इस बार (31 अगस्त, सोमवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है। कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है। चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है। ​🙏🏻 कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं। नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा। मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी। इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है। व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है। ​🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​➡ 31 अगस्त 2026 सोमवार को संकष्ट चतुर्थी चन्द्रोदय रात्रि (08:36) ​🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों | ​👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं – ​🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे । ​🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये । ​🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें । ​🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है । ​🌷 ॐ अविघ्नाय नम: ​🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम: ​समय की सही गति ही आपकी ऊर्जा और प्रयासों को फलदायी बनाती है। आज के शुभ समय का लाभ उठाएं और प्रतिकूल समय से बचें। ​👉 इस पंचांग को अभी सेव करें और अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करके उनका दिन भी मंगलमय बनाएं। प्रतिदिन प्रामाणिक वैदिक पंचांग के लिए चैनल से जुड़े रहें। ​#panchang #hindupanchang #aajkapanchang #shubhmuhurat #abhijeetmuhurat #astrology #vedicastrology #ganeshpooja #kajriteej #vastutips #akshayjamdagni #astrovastukosh #🙏शाम की आरती🪔 #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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7 days ago
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⚡ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! ⚡ ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​🚩 ~ दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide ~ 🚩 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​💎 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamadagni 💎 ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ ​📌 पंचांग विवरण ════════════════════ ​🌤️ दिनांक - 29 अगस्त 2026 ​🌤️ दिन - शनिवार ​🌤️ विक्रम संवत - 2083 ​🌤️ शक संवत - 1948 ​🌤️ अयन - दक्षिणायन ​🌤️ ऋतु - शरद ऋतु ​🌤️ मास - भाद्रपद (गुजरात व महाराष्ट्र अनुसार श्रावण) ​🌤️ पक्ष - कृष्ण ​🌤️ तिथि - प्रतिपदा सुबह 09:56 तक, तत्पश्चात द्वितीया ​🌤️ नक्षत्र - पूर्वभाद्रपद 30 अगस्त रात्रि 03:42 तक, तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद ​🌤️ योग - सुकर्मा सुबह 06:36 तक, तत्पश्चात धृति ​📌 शुभ व अशुभ मुहूर्त काल ════════════════════ ​🌤️ राहुकाल - सुबह 09:30 से सुबह 11:05 तक ​🌤️ यमगंड काल - दोपहर 02:15 से दोपहर 03:50 तक ​🌤️ गंडमूल काल - आज गंडमूल नक्षत्र नहीं है ​🌤️ भद्रा काल - सुबह 09:56 से रात्रि 08:35 तक (स्वर्ग लोक भद्रा) ​🌤️ सूर्योदय - 06:22 ​🌤️ सूर्यास्त - 06:56 ​👉 दिशाशूल - पूर्व दिशा में ​🚩 व्रत पर्व विवरण ════════════════════ ​💥 शास्त्रोक्त विशेष नियम ════════════════════ ​प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा या पेठा) न खाएं, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला माना गया है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-38)। ​चातुर्मास के दिनों में तांबे व कांसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए (स्कन्द पुराण)। ​चातुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक होता है। ​🌷 व्रत की तिथि का समय 🌷 ════════════════════ ​🌞 व्रत की तिथि हमेशा सूर्योदय से लेकर यानी आज के सूर्योदय से अगले दिन के सूर्योदय तक व्रत की तिथि मानी जाती है। ​🌷 लक्ष्मी की बरकत के लिए विशेष उपाय 🌷 ════════════════════ ​🌿 ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाने से, गंगा जल रखने से या भगवान की मूर्ति रखने से घर में लक्ष्मी की बरकत होती है। ​🌱 घर के आँगन में बेल का पौधा लगाने से वो घर पाप नाशक व यशस्वी होता है। अगर उत्तर-पश्चिम में है तो यश बढेगा, उत्तर-दक्षिण में हो तो सुख-शांति बढेगी और बीच में है तो मधुर जीवन होगा। रविवार और द्वादशी को बेल के पौधे की परिक्रमा करें तो बड़े-बड़े ब्रह्महत्या जैसे पाप ठीक हो जाते हैं। ​🌳 घर में पीपल का पेड़ ठीक नहीं, लेकिन खेत-खलिहान में पश्चिम की तरफ पीपल का पेड़ बड़ा सम्पत्तिकारक है। ​🍏 अमावस्या, शुक्रवार व रविवार छोड़कर आंवले का रस रगड़ के स्नान करने से भी लक्ष्मी स्थायी होती है, ऐसा पद्म पुराण में आता है। ​🐄 गौझरण (गौ मूत्र) से शरीर को रगड़ के स्नान करने से पाप नाशक उर्जा पैदा होती है। ​🐄 गाय के दूध की दही वो रगड़ के थोड़ी देर "लक्ष्मी नारायण....लक्ष्मी नारायण" जप करें तो घर में लक्ष्मी स्थिर होती है। ​🌷 स्मृतिशक्ति बढ़ाने के लिए उपाय 🌷 ════════════════════ ​👉🏻 स्मृतिशक्ति बढ़ाने हेतु सिर में नित्य बादाम का तेल अल्प मात्रा में अथवा बादाम तेल व नारियल तेल मिलाकर लगाना लाभप्रद है। ​#panchang #hindupanchang #aajkapanchang #vedicastrology #astrology #vastutips #jyotish #sanatandharma #hinduism #muhurat #dailyhoroscope ##akshayjamdagni #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख #🙏शाम की आरती🪔