Akshay Jamdagni
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🚨 95% लोग नहीं जानते जन्माष्टमी का यह 1 अचूक वैदिक उपाय, जिससे बदल सकता है आपका भाग्य और घर में गूँज सकती है दिव्य संतान की किलकारी!
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🕉️ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! 🕉️
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🚩 दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide 🚩
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🪔 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamdagni 🪔
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🌤️ दिनांक - 01 सितंबर 2026
🌤️ दिन - मंगलवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन - दक्षिणायन
🌤️ ऋतु - शरद ॠतु
🌤️ मास - भाद्रपद
🌤️ पक्ष - कृष्ण
🌤️ तिथि - चतुर्थी सुबह 07:41 तक तत्पश्चात पंचमी
🌤️ नक्षत्र - अश्विनी 02 सितम्बर रात्रि 02:42 तक तत्पश्चात भरणी
🌤️ योग - वृद्धि रात्रि 11:39 तक तत्पश्चात ध्रुव
🌤️ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:13 से 01:03 तक
🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:43 से 03:33 तक
🌤️ राहुकाल - शाम 03:47 से शाम 05:21 तक
🌤️ यमगंड - सुबह 09:30 से 11:04 तक
🌤️ गंडमूल - 01 सितम्बर पूरे दिन व रात्रि 02:42 तक (अश्विनी नक्षत्र)
🌤️ सूर्योदय - 06:23
🌤️ सूर्यास्त - 06:53
👉 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे
🚩 व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी,(सूर्योदय से सुबह 07:41 तक),पंचक (समाप्त : प्रातः 03:23)
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💥 विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
👉🏻 जन्माष्टमी पर चूकना मत! इस 1 उपाय से दिव्य संतान की होगी प्राप्ति
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🌷 जन्माष्टमी 🌷
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➡ 04 सितम्बर 2026 शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है।
🙏🏻 भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है | - ब्रह्मवैवर्त पुराण
🌷 गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत 🌷
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👩🏻 जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं..... उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है..... ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है |
🌷 20 करोड एकादशी का फल देनेवाला व्रत 🌷
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🙏 जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।
🙏 भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।
🙏 एकादशी का व्रत हजारों - लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है
🙏 एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।
बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर - उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।
🙏 इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते - पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।
⚡ पंच उपाय: जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में किया गया जप और पूर्ण मानसिक उपवास 20 करोड़ एकादशियों के फल और दिव्य संतान का साक्षात वरदान देता है।
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📢 इस शक्तिशाली वैदिक उपाय को अभी सेव करें ताकि सही विधि न भूलें, और इसे अपने परिवार व मित्रों के साथ शेयर करके कमेंट में 'जय श्री कृष्णा' लिखें!
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