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Akshay Jamdagni
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⚡ दिन शुरू करने से पहले जानें आज के सटीक और प्रामाणिक मुहूर्त! ⚡ ​गलत समय पर की गई शुरुआत बनते काम बिगाड़ सकती है, इसलिए आज का अभिजित मुहूर्त और विशेष नियम देखकर ही अपने दिन की योजना बनाएं। ​🚩 ~ दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग | The Authentic Cosmic Guide ~ 🚩 ══════════════════════════════════════════ ​💎 Astro Vastu Kosh | By Akshay Jamadagni 💎 ​🌤️ दिनांक - 30 अगस्त 2026 ​🌤️ दिन - रविवार ​🌤️ विक्रम संवत 2083 ​🌤️ शक संवत - 1948 ​🌤️ अयन - दक्षिणायन ​🌤️ ऋतु - शरद ॠतु ​🌤️ मास - भाद्रपद ​🌤️ पक्ष - कृष्ण ​🌤️ तिथि - द्वितीया सुबह 09:36 तक तत्पश्चात तृतीया ​🌤️ नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद 31 अगस्त रात्रि 03:44 तक तत्पश्चात रेवती ​🌤️ योग - धृति 31 अगस्त रात्रि 03:46 तक तत्पश्चात गण्ड ​🌤️ राहुकाल - शाम 05:22 से शाम 06:57 तक ​🌤️ गुलिक काल - दोपहर 03:47 से शाम 05:22 तक ​🌤️ अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:04 तक ​🌤️ विजय मुहूर्त - दोपहर 02:44 से दोपहर 03:35 तक ​🌤️ गण्डमूल मुहूर्त - 31 अगस्त रात्रि 03:44 से आरंभ (रेवती नक्षत्र) ​🌤️ सूर्योदय - 06:22 ​🌤️ सूर्यास्त - 06:55 ​👉 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे ​🚩 व्रत पर्व विवरण - व्रत ​💥 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) ​💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए। (स्कन्द पुराण) ​💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है। ​🌷 बहुला चतुर्थी 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​🙏🏻 भाद्रपद महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को बहुला चतुर्थी व बहुला चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। इस बार यह चतुर्थी 31 अगस्त, सोमवार को है। ​🌷 ऐसे करें व्रत 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​👩🏻 महिलाएं इस दिन सुबह स्नान कर पवित्रता के साथ भगवान गणेशजी की आराधना आरंभ करें। भगवान गणेशजी की प्रतिमा के सामने व्रत का संकल्प लें। धूप, दीप, गंध, पुष्प, प्रसाद आदि सोलह उपचारों से श्रीगणेशजी का पूजन संपन्न करें। चंद्र उदय होने से पहले जितना हो सके कम बोलें। ​👉🏻 शाम होने पर फिर से स्नान कर इसी पूजा विधि से भगवान श्रीगणेशजी की उपासना करें। इसके बाद चन्द्रमा के उदय होने पर शंख में दूध, दूर्वा, सुपारी, गंध, अक्षत से भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करें और चतुर्थी तिथि को चंद्र्देव को अर्घ दें। इस प्रकार बहुला चतुर्थी व्रत के पालन से सभी मनोकामनाएं पूरी होने के साथ ही व्रती (व्रत करने वाला) के व्यावहारिक व मानसिक जीवन से जुड़े सभी संकट, विघ्न और बाधाएं समूल नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत संतान दाता तथा धन को बढ़ाने वाला है। ​🌷 कजरी तीज 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​🙏🏻 भाद्रपद मास के तीसरे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि इस बार (31 अगस्त, सोमवार) विशेष फलदायी होती है, क्योंकि यह तिथि माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शंकर तथा माता पार्वती के मंदिर में जाकर उन्हें भोग लगाने तथा विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन कजरी तीज का उत्सव भी मनाया जाता है। कजरी तीज को सतवा तीज भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को फूल-पत्तों से सजे झूले में झुलाया जाता है। चारों तरफ लोक गीतों की गूंज सुनाई देती है। ​🙏🏻 कई जगह झूले बांधे जाते हैं और मेले लगाए जाते हैं। नवविवाहिताएं जब विवाह के बाद पहली बार पिता के घर आती हैं तो तीन बातों के तजने (त्यागने) का प्रण लेती है- पति से छल कपट, झूठ और दुर्व्यवहार और दूसरे की निंदा। मान्यता है कि विरहाग्नि में तप कर गौरी इसी दिन शिव से मिली थी। इस दिन पार्वती की सवारी निकालने की भी परम्परा है। व्रत में 16 सूत का धागा बना कर उसमें 16 गांठ लगा कर उसके बीच मिट्टी से गौरी की प्रतिमा बना कर स्थापित की जाती है तथा विधि-विधान से पूजा की जाती है। ​🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷 ══════════════════════════════════════════ ​➡ 31 अगस्त 2026 सोमवार को संकष्ट चतुर्थी चन्द्रोदय रात्रि (08:36) ​🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों | ​👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं – ​🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे । ​🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये । ​🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें । ​🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है । ​🌷 ॐ अविघ्नाय नम: ​🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम: ​समय की सही गति ही आपकी ऊर्जा और प्रयासों को फलदायी बनाती है। आज के शुभ समय का लाभ उठाएं और प्रतिकूल समय से बचें। ​👉 इस पंचांग को अभी सेव करें और अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करके उनका दिन भी मंगलमय बनाएं। प्रतिदिन प्रामाणिक वैदिक पंचांग के लिए चैनल से जुड़े रहें। ​#panchang #hindupanchang #aajkapanchang #shubhmuhurat #abhijeetmuhurat #astrology #vedicastrology #ganeshpooja #kajriteej #vastutips #akshayjamdagni #astrovastukosh #🙏शाम की आरती🪔 #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #🙏 माँ वैष्णो देवी
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Akshay Jamdagni
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🚩 रक्षाबंधन 2026: भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले जान लें यह शास्त्रीय नियम और शुभ समय रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि रक्षासूत्र बांधने की एक प्राचीन धार्मिक परंपरा भी है। इसलिए राखी बांधते समय तिथि, भद्रा और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना गया है। 👉🏻 राखी बांधने का शुभ समय, 28 अगस्त 2026 🌷 शुभ मुहूर्त विवरण 🌷 🌤️ पूर्णिमा तिथि समाप्त: सुबह 07:40 तक 🌤️ अमृत चौघड़िया: सुबह 06:21 से 07:56 तक 🌤️ शुभ चौघड़िया: सुबह 09:31 से 11:06 तक 🌤️ अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 से 12:54 तक 🌤️ चर एवं लाभ चौघड़िया: दोपहर 02:15 से शाम 05:25 तक 🙏🏻 भद्रा का विशेष ध्यान रखें 27 अगस्त को सुबह 09:08 से रात 08:52 तक भद्रा बताई गई है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार भद्रा काल में रक्षासूत्र बांधने से बचना चाहिए। इसलिए उदयातिथि पूर्णिमा के आधार पर 28 अगस्त को राखी बांधना शुभ माना गया है। 🕉️ रक्षासूत्र बांधते समय बोला जाने वाला पौराणिक मंत्र “येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” इस मंत्र का भाव है कि जिस रक्षासूत्र से महान पराक्रमी राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षासूत्र से मैं तुम्हें बांधता/बांधती हूं। हे रक्षा सूत्र, तुम सदैव स्थिर रहो और रक्षा करो। 🌺 रक्षाबंधन पर केवल राखी न बांधें, बल्कि सही तिथि, उचित समय और श्रद्धा के साथ रक्षासूत्र की इस प्राचीन परंपरा का पालन करें। 🙏🏻 आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं। #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh ##akshayjamdagni
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Akshay Jamdagni
602 views 2 months ago AI indicator
🔮 Astro Vastu Kosh Strategic Clarity by Akshay Jamdagni 📌 Daily Panchang | Vedic Astrology | Vastu Guidance | Spiritual Wisdom 🚩 सटीक गणनाओं के साथ दैनिक वैदिक हिंदू पंचांग 🚩 📍 स्थान: मुजफ्फरनगर | 📅 दिनांक: 23 जून 2026 ✨ दैनिक पंचांग के मुख्य 5 अंग • 📅 दिन (वार): मंगलवार • 🌙 तिथि: नवमी, 04:39 पी एम तक • 🌟 नक्षत्र: हस्त, 11:54 ए एम तक • ⚖️ योग: वरीयान्, 10:13 ए एम तक • 🔄 करण: कौलव, 04:39 पी एम तक 🗓️ मास, संवत व गोचर गणना • 🌗 मास / पक्ष: ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष • 📜 संवत: विक्रम संवत 2083 | शक संवत 1948 • 🌌 गोचर स्थिति: सूर्य मिथुन में | चन्द्रमा कन्या में (12:52 ए एम, 24 जून तक) • 👶 नवजात गणना: आज जन्मे बच्चों का नाम अक्षर: पू, ष, ण, ठ | राशि: कन्या ☀️ सूर्य गणना • 🌅 सूर्योदय: 05:20 ए एम • 🌇 सूर्यास्त: 07:22 पी एम 🟢 शुभ व अचूक समय (सकारात्मक ऊर्जा - कार्य सिद्धि हेतु) • ✅ अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:53 ए एम से 12:50 पी एम (सर्वश्रेष्ठ समय) • ✅ विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 पी एम से 03:38 पी एम (व्यापारिक डील, कोर्ट व यात्रा शुरुआत के लिए) • ✅ अमृत काल: 05:31 ए एम से 07:13 ए एम • ✅ गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:21 पी एम से 07:41 पी एम (बिना पंचांग देखे शुभ कार्यों हेतु) 🔴 अशुभ समय व निषेध (नकारात्मक ऊर्जा - टालने योग्य) • ⚠️ राहुकाल: 03:52 पी एम से 05:37 पी एम (नया काम शुरू करने से बचें) • ⚠️ गुलिक काल: 12:21 पी एम से 02:07 पी एम (शनि का प्रभाव, शुभ कार्य वर्जित हैं) • ⚠️ यमगंड काल: 08:51 ए एम से 10:36 ए एम (महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन टालें) • ⚠️ वर्ज्यम् काल: 08:35 पी एम से 10:20 पी एम (कलह व तनाव की आशंका, महत्वपूर्ण कार्य वर्जित) • 🚫 दिशाशूल: उत्तर दिशा में 👉 विशेष उपाय: जाना जरूरी हो तो गुड़ खाकर घर से निकलें। • 🛑 भद्रा / पंचक / गंडमूल: नहीं 🚫 आज के नियम व निषेध • 🍽️ भोजन निषेध: नवमी तिथि में लौकी (घीया) का सेवन वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इसके सेवन से स्वास्थ्य एवं ऊर्जा में बाधा उत्पन्न हो सकती है। • 🚷 विशेष निषेध: राहुकाल एवं वर्ज्यम् काल में नई यात्रा, महत्वपूर्ण अनुबंध, निवेश या शुभ कार्य प्रारंभ करने से बचें। 💡 आज का विशेष सूत्र व उपाय मंगलवार के दिन हनुमान जी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रातः या संध्या समय हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा गुड़ और चने का भोग अर्पित करें। कन्या राशि में स्थित चन्द्रमा आज विश्लेषण क्षमता और व्यावहारिक सोच को मजबूत करेगा। किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व भावनाओं के बजाय तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेना अधिक लाभकारी रहेगा। 🌐 हमारे साथ सोशल मीडिया पर जुड़ें 🌐 रोजाना सुबह अपने मोबाइल पर सटीक पंचांग और प्रामाणिक उपाय पाने के लिए हमसे अभी जुड़ें: 🟢 WhatsApp Channel: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029Va51s5wLtOj7SaZ6cL2E ##akshayjamdagni #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख #🙏शाम की आरती🪔 #🙏 माँ वैष्णो देवी (बिना अपना नंबर शेयर किए सीधे व्हाट्सएप पर पंचांग पाने के लिए चैनल को Follow करें) 📸 Instagram: @astrovastukosh (रोज के जरूरी ज्योतिषीय उपाय और वास्तु टिप्स रील्स व पोस्ट के माध्यम से देखें) 👥 Facebook Page: Astro Vastu Kosh 👉 https://www.facebook.com/astrovastukosh/ (हमारे आधिकारिक फेसबुक पेज को Like और Follow करें) 💼 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/akshay-jamdagni/ (स्ट्रैटेजिक क्लैरिटी और Professional Guidance के लिए जुड़ें) ⚙️ व्यक्तिगत ज्योतिष एवं वास्तु परामर्श (Paid Consultation) हेतु: • 🌐 हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: https://substack.com/@astrovastukosh (परामर्श बुक करने और अपॉइंटमेंट के लिए वेबसाइट पर दिए गए माध्यम का उपयोग करें) #panchang #astrology #vastutips #vijaymuhurat #gulikkaal #akshayjamdagni #astrovastukosh #sanatandharma
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