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परिणय वैवाहिकी
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10 hours ago
विषय: रेलवे टिकटों के स्वतः निरस्त होने पर अत्यधिक कैंसिलेशन चार्ज और अनुचित कटौती के संबंध में शिकायत पत्र। श्रीमान जी, सादर नमस्कार महामहिम प्रधानमंत्री महोदय / माननीय रेल मंत्री महोदय / माननीय उच्चतम न्यायालय भारतीय रेलवे एक शासकीय प्रकल्प है जिसका मुख्य उद्देश्य जनता को सेवा प्रदान करना है। आज के डिजिटल और कंप्यूटरीकृत युग में ऑनलाइन टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन की पूरी प्रक्रिया स्वतः (ऑटोमैटिक) होती है, जिसमें किसी भी रेलवे कर्मचारी या क्लर्क के मानवीय श्रम की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में रेलवे द्वारा टिकट कैंसिलेशन के नाम पर यात्रियों से भारी-भरकम राशि का काटा जाना पूरी तरह से अनुचित और अव्यवहारिक है। जब रेलवे की विफलता के कारण टिकट कंफर्म नहीं हो पाता और वह स्वतः वेटिंग लिस्ट से कैंसिलेशन की स्थिति में आ जाती है, तो इसके लिए यात्री को दण्डित करना और उसकी गाढ़ी कमाई से इतनी भारी कटौती करना न्यायसंगत नहीं है। टिकट कंफर्म नहीं हो पाती हैं और फिर स्वतः कैंसिल होती हैं, इसका मतलब है कि रेलवे को किसी तरह का नुकसान नहीं हो रहा क्योंकि बर्थ खाली जा ही नहीं रही है और इसलिए वह हरजाना यात्रियों से वसूलना उचित नहीं। ट्रेनों का यह हाल है कि क्षमता से अधिक पैसेंजर उसमें सफर कर रहे हैं और रेलवे की जितनी व्यवस्था है सीटों की, उससे कई गुना अधिक सवारियों का टिकट देकर लोग झूल के, भर के, वेटिंग में, फर्श में बैठ के यात्रा कर रहे हैं। तो रेलवे का कोई नुकसान नहीं हो रहा। वह बस क्षमता से दो गुना से चार गुना तक सवारी बिठा के रेलवे चलता है और काफी फायदा, मुनाफा कमाता है। ऐसे में उसे कैंसिलेशन चार्ज वसूलना बिल्कुल भी उचित नहीं है जबकि आप खुद टिकट कंफर्म करने में विफल हो जाते हैं। एक पूरी यात्रा के दौरान यदि पहली कनेक्टिंग टिकट कंफर्म नहीं हो पाती है, तो मजबूरी में यात्री को आगे की सभी जुड़ी हुई टिकटें भी निरस्त करनी पड़ती हैं। इस व्यवस्था के कारण एक ही बार में यात्रियों का भारी नुकसान होता है, जैसा कि इस प्रकरण में मेरे साथ हुआ जहाँ चार अलग-अलग टिकटों के निरस्तीकरण पर कुल 1871.25 रुपये का भारी नुकसान सहना पड़ा है। यह आम आदमी और गरीब वर्ग के लिए बहुत ही पीड़ादायक और नुकसानदेह है। रेलवे को इस प्रकार की व्यावसायिक और मनमानी कटौतियों से बचना चाहिए। यदि तकनीकी रखरखाव या सिस्टम का कोई मामूली खर्च है भी, तो उसकी वास्तविक लागत की गणना करके केवल न्यूनतम और वास्तविक खर्च ही लिया जाना चाहिए और रेलवे की गलती का खामियाजा आम जनता को भुगतना बंद होना चाहिए। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस नीति की अव्यवहारिकता पर विचार करते हुए टिकटिंग व्यवस्था में सुधार किया जाए और अनुचित रूप से काटे गए शुल्कों के संबंध में उचित कदम उठाए जाएं। निरस्त टिकटों एवं वित्तीय नुकसान का विवरण: 1. पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (12141): पीएनआर (PNR) 8746733812, यात्रा दिनांक 31 मई / 01 जून, कुल यात्री: 5 वयस्क, कुल बुकिंग अमाउंट: ₹2992.70, रिफंड प्राप्त राशि: ₹2375.00, कुल कटौती (नुकसान): ₹617.70 2. तपोवन एक्सप्रेस (17618): पीएनआर (PNR) 4336140128, यात्रा दिनांक 27 मई, कुल यात्री: 5 वयस्क, कुल बुकिंग अमाउंट: ₹492.70, रिफंड प्राप्त राशि: ₹175.00, कुल कटौती (नुकसान): ₹317.70 3. आरजीडी एलटीटी एक्सप्रेस (13201): पीएनआर (PNR) 6701400053, यात्रा दिनांक 26-27 मई, चार्ट तैयार होने के बाद वेटलिस्ट होने के कारण स्वतः निरस्त, कुल यात्री: 5 वयस्क, कुल बुकिंग अमाउंट: ₹2567.70, रिफंड प्राप्त राशि: ₹2250.00, कुल कटौती (नुकसान): ₹317.70 4. नांदग्राम एक्सप्रेस (11002): पीएनआर (PNR) 8248988297, यात्रा दिनांक 03 जुलाई, कुल यात्री: 5 वयस्क, कुल बुकिंग अमाउंट: ₹769.95, रिफंड प्राप्त राशि: ₹151.80, कुल कटौती (नुकसान): ₹618.15 कुल वित्तीय नुकसान (Total Loss): ₹1871.25 (लगभग अठारह सौ इकहत्तर रुपये) विशेष नोट: उपर्युक्त सूची में क्रमांक 3 पर दी गई ट्रेन (13201) का दिनांक 26-27 मई का टिकट कंफर्म नहीं हो सका था और वह स्वतः कैंसिल हुई थी। उस पहली टिकट के कंफर्म न होने और स्वतः कैंसिल होने की वजह से ही आगे की बाकी की सारी टिकटें हमें मजबूरी में कैंसिल करनी पड़ीं। भइया मौहारी शुक्ल (रामबालक शुक्ल) - संचालक परिणय वैवाहिकी , सतना, मध्यप्रदेश 9644596447 #rail lines #Rail status Train view Train travel #rail #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह संस्काररी रिश्तों का संगम, परिणय वैवाहिकी Narendra Modi PMO India Ministry of Railways, Government of India Ashwini Vaishnaw