#🪔देवी कुष्मांडा🪷
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
पावन चैत्र नवरात्र के चतुर्थ दिवस पर, जगतजननी माँ अम्बे के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्माण्डा के चरणों में प्रणाम और यही प्रार्थना है कि हे मैया सबका मंगल और कल्याण कीजिए, रोग, शोक, भय से मुक्त कर यश, बल, दीर्घायु प्रदान कीजिए।
हे मैया अपने बच्चों को खुशहाल और आनंदमय जीवन का आशीर्वाद दीजिए।
जय माँ कूष्माण्डा!
#🙏चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं🫂👏 #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान