नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। सुबह स्नान कर, मंदिर में कलश स्थापना करें, चौकी पर माता की फोटो स्थापित करें। सफेद या लाल फूल, सिंदूर, रोली चढ़ाएं, घी का दीपक जलाएं, और सफेद मिठाई/गाय का घी 👉भोग लगाएं। "ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः" मंत्र का जाप करें।
माता शैलपुत्री पूजन विधि (Day 1):
👉कलश स्थापना: सर्वप्रथम ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (विशेषकर सफेद या लाल) धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
👉चौकी स्थापना: चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर माता शैलपुत्री की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
👉पूजा प्रक्रिया: माता को सिंदूर, अक्षत (चावल), रोली और लाल/सफेद फूल अर्पित करें।
👉भोग: मां शैलपुत्री को गाय के घी या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
👉मंत्र: माँ का ध्यान करें और “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
🌹आरती: देशी घी का दीपक जलाकर माता की आरती करें।
विशेष: इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌹पूजा का महत्व: माँ शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं और स्थिरता व शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
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