GodKabirVani

Rimpi Saini
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16 days ago
#godkabir #MondayMotivation सुरति करों मेरे साइयां, हम हैं भवजल माहि । आपे ही वहि जाहिगे, जौं नहि पकरी वाहि ॥ मेरे साई सिरजनहार हम पर ध्यान दो, हमें भुला न दो । भवसागर में हम डूब रहे हैं। तुमने यदि हाथ न पकड़ा तो बह जायंगे । अपने खुद के उबारे तो हम उबर नहीं सकेंगे । #सत_भक्ति_संदेश
sandeep
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3 months ago
#supremegodkabir कबीर साहेब जी अपनी वाणी में कहते हैं कि- जो मम संत सत उपदेश दृढ़ावै (बतावै), वाके संग सभि राड़ बढ़ावै। या सब संत महंतन की करणी, धर्मदास मैं तो से वर्णी।। कबीर साहेब अपने प्रिय शिष्य धर्मदास को इस वाणी में ये समझा रहे हैं कि जो मेरा संत सत भक्ति मार्ग को बताएगा उसके साथ सभी संत व महंत झगड़ा करेंगे। ये उसकी पहचान होगी।