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Akshay Jamdagni
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29 days ago
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🏵️ 🌷 वर्षों बाद बुधवारी अष्टमी 2026 का अत्यंत शक्तिशाली संयोग | नवरात्रि के अंतिम 3 दिनों के चमत्कारी फल 🔱 माँ कालरात्रि की कृपा से भय और शत्रुओं का नाश 🚩 📝 25–26 मार्च, 2026: बुधवारी अष्टमी का दुर्लभ खगोलीय संयोग—जिसे सूर्य ग्रहण के समान पुण्यदायी माना जाता है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों के महत्व, माँ कालरात्रि की पूजा की सही विधि, और मंत्र जाप, दान-पुण्य तथा गुड़ का भोग लगाने से प्राप्त होने वाले चमत्कारी लाभों के बारे में जानें। 🌷 बुधवारी अष्टमी 2026 का दुर्लभ संयोग 🙏🏻 बुधवार, 25 मार्च, 2026 को दोपहर 1:50 बजे से लेकर 26 मार्च को सूर्योदय तक, बुधवारी अष्टमी नामक एक विशेष खगोलीय संयोग बन रहा है। इस विशिष्ट चंद्र तिथि (तिथि) को अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। 🙏🏻 इस अवधि के दौरान किए गए मंत्र जाप (जप), ध्यान, पवित्र स्नान, दान-पुण्य, या श्राद्ध (पितृ कर्म) जैसे कोई भी कार्य अक्षय माने जाते हैं—अर्थात् इनसे अविनाशी और शाश्वत पुण्य की प्राप्ति होती है। (संदर्भ: शिव पुराण, विद्येश्वर संहिता, अध्याय 10) शास्त्रों में कहा गया है कि सोमवती अमावस्या (सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या), रविवारी सप्तमी (रविवार को पड़ने वाली सप्तमी), मंगलवारी चतुर्थी (मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी), और बुधवारी अष्टमी (बुधवार को पड़ने वाली अष्टमी) का महत्व सूर्य ग्रहण के समान होता है। ऐसे दिन किया गया प्रत्येक शुभ कार्य शाश्वत और अक्षय फलों की प्राप्ति कराने वाला माना जाता है। 🔱 मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए एक शुभ समय यह विशिष्ट चंद्र तिथि उन आध्यात्मिक साधकों (साधकों) के लिए विशेष महत्व रखती है, जो अपने जीवन में उन्नति, शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने की अभिलाषा रखते हैं। 👉 इस दिन किए जाने वाले कार्य: मंत्र जाप और ध्यान पवित्र स्नान दान-पुण्य और नेक कार्य पूर्वजों के लिए श्राद्ध कर्म इस शुभ काल में लिए गए संकल्प (व्रत) व्यक्ति के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने वाले माने जाते हैं। 🌷 नवरात्रि के अंतिम 3 दिनों का महत्व 👉🏻 यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों का व्रत (उपवास) रखने में असमर्थ है, तो उसे कम से कम अंतिम तीन दिनों का व्रत अवश्य रखना चाहिए। इस प्रथा का पालन करने से उतना ही आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होता है, जितना कि पूरे नौ दिनों की नवरात्रि का। अंतिम तीन दिनों सप्तमी, अष्टमी, और नवमी तिथियों (चंद्र दिवसों)—के दौरान व्रत रखना, संपूर्ण नवरात्रि व्रत रखने के बराबर माना जाता है। विशेष रूप से, सप्तमी बुधवार, 25 मार्च को; अष्टमी गुरुवार, 26 मार्च को; और नवमी शुक्रवार, 27 मार्च को पड़ रही है। 📅 तिथियाँ: सप्तमी: 25 मार्च, 2026 (बुधवार) अष्टमी: 26 मार्च, 2026 (गुरुवार) नवमी: 27 मार्च, 2026 (शुक्रवार) इन तीन दिनों के दौरान व्रत रखने से पूरे नवरात्रि व्रत के बराबर आध्यात्मिक फल प्राप्त होते हैं। यह एक सरल, फिर भी अत्यंत प्रभावशाली आध्यात्मिक अभ्यास है। 🌺 सप्तमी के दिन यह विशेष अनुष्ठान करें 🙏🏻 नवरात्रि की सप्तमी तिथि (सातवें दिन) पर, माँ दुर्गा को भोग (पवित्र नैवेद्य) के रूप में गुड़ अर्पित करें। ऐसा करने से आपकी प्रत्येक इच्छा और मनोकामना पूर्ण हो सकती है। 👉 लाभ: इच्छाएँ और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। जीवन में मधुरता और स्थिरता का संचार होता है। पारिवारिक सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है। 🔥 माँ कालरात्रि की दिव्य महिमा 🙏🏻 माँ कालरात्रि शत्रुओं का संहार करने वाली हैं। वे महाशक्ति (माँ दुर्गा) का सातवाँ स्वरूप हैं। माँ कालरात्रि काल (समय/मृत्यु) का नाश करने वाली हैं; इसी कारण उन्हें कालरात्रि के नाम से जाना जाता है। माँ कालरात्रि की पूजा करते समय, भक्त को अपना ध्यान भानु चक्र (जिसे आज्ञा चक्र या तीसरी आँख भी कहा जाता है) पर केंद्रित करना चाहिए, जो माथे के मध्य में स्थित होता है। इस पूजा के परिणामस्वरूप, भानु चक्र की सुप्त शक्तियाँ जागृत हो जाती हैं। माँ कालरात्रि के प्रति भक्ति हमारे मन से हर प्रकार के भय को मिटा देती है। यह जीवन की किसी भी समस्या को पल भर में सुलझाने की शक्ति प्रदान करती है। शत्रुओं का नाश करने वाली माँ कालरात्रि, अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं। 👉 साधना का मुख्य बिंदु: ध्यान करते समय, भक्त को अपना ध्यान *भानु चक्र* (जो माथे के मध्य में स्थित है) पर केंद्रित करना चाहिए। 👉 लाभ: सभी प्रकार के भय समाप्त हो जाते हैं। नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। जीवन की बाधाएँ शीघ्रता से दूर हो जाती हैं। माँ कालरात्रि अपने भक्तों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अडिग और अविचल बने रहने की शक्ति प्रदान करती हैं। 🚩 निष्कर्ष बुधवारी अष्टमी और नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों का एक साथ आना, एक अत्यंत शक्तिशाली आध्यात्मिक अवसर प्रस्तुत करता है। यदि इन दिनों में पूर्ण श्रद्धा और अनुशासन के साथ साधना की जाए, तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं। यह काल केवल पूजा-अर्चना का समय ही नहीं है, बल्कि यह अपने अंतर्मन को जागृत करने का एक अवसर है—एक ऐसा समय जब Astro Vastu Kosh: आपकी प्रगति का साथी 🚩 अब रोज़ाना का पंचांग, शुभ मुहूर्त और सटीक उपाय सीधे आपके फोन पर उपलब्ध हैं। अपने दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और सही योजना के साथ करें। ✅ हमसे जुड़ें और अपडेट रहें: 🔹 WhatsApp Group: https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID 🔹 WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va51s5wLtOj7SaZ6cL2E जय माता दी! शुभ नववर्ष! 🙏🚩 #नवरात्रि2026 #हिंदू_नववर्ष #संवत्सर2083 #ज्योतिष #ChaitraNavratri #AstroVastuKosh #Rashifal2026 #AstroUpdate #VedicAstrology #akshayjamdagni #astrovastukosh क्या आप अपनी कुंडली के अनुसार इस अधिकमास में किए जाने वाले विशेष दान या उपायों के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #🙏शाम की आरती🪔 #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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1 months ago
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🚩 *~ आज 23 मार्च 2026 का #वैदिक #हिंदू #panchag पंचांग Astro Vastu Kosh~* 🚩 https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID?mode=gi_t 🌤️ *दिनांक - 23 मार्च 2026* 🌤️ *दिन - सोमवार* 🌤️ *#विक्रम #संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *#शक संवत -1948* 🌤️ *#अयन - उत्तरायण* 🌤️ *#ऋतु - वसंत ॠतु* 🌤️ *#मास - चैत्र* 🌤️ *#पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *#तिथि - पंचमी शाम 06:38 तक तत्पश्चात षष्ठी* 🌤️ *#नक्षत्र - कृत्तिका रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात #रोहिणी* 🌤️ *#योग - विष्कंभ रात्रि 12:22 तक तत्पश्चात प्रीति* 🌤️*#राहुकाल - सुबह 08:10 से सुबह 09:41 तक* 🌤️ *#सूर्योदय - 06:41* 🌤️ *#सूर्यास्त - 06:49* 👉 *#दिशाशूल - पूर्व दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री पंचमी,स्कन्द षष्ठी* 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🚩~ ~🚩 🌷 *#चैत्र #नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *अभी नवरात्रि चल रही हैं । इसमें देवी मां को प्रसन्न करने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। श्रीमद्देवीभागवत महापुराण में कुछ ऐसे ही उपायों के बारे में बताया है, जिसे नवरात्रि में नवमी या अष्टमी को अपनाकर आप भी सुख, समृद्धि और शांति पा सकते हैं। साथ ही बुरी नजर से लेकर कलह जैसी बाकी समस्याओं को भी दूर कर सकते हैं।* 💰 *#समृद्धि के लिए* *माता के मंदिर में जाकर मूर्ति के सामने एक पान के पत्ते पर केसर में इत्र व घी मिलाकर स्वस्तिक बनाएं ।अब उस पर कलावा लपेटकर एक सुपारी रखें।* 💶 *#पैसों की तंगी के लिए* *नवमी तिथि या अष्टमी तिथि को माता का ध्यान कर घर के मंदिर में गाय के गोबर के उपले पर पान, लौंग, कर्पूर, व इलायची गूगल के साथ ही कुछ मीठा डालकर माता को धुनी (हवन) दें ।* 🚶🏻 *#रुकावटें दूर करने के लिए* *माता के मंदिर में पान बीड़ा चढ़ाएं, इस पान में कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और सुमन कतरी के साथ ही लौंग का जोड़ा रखें । सुपारी व चूना न डालें।* 💰 *#व्यापार वृद्धि के लिए* *किसी भी देवी मंदिर में जाकर अपनी गल्तियों के लिए माफी मांगे । माता को पान बीड़ा चढ़ाएं और 9 मीठे पान कन्याओं को दान करें ।* 🙄 *#बुरी #नजर के लिए* *माता के मंदिर में पान रखकर नजर लगे व्यक्ति को पान में गुलाब की 7 पंखुड़ियां रखकर खिलाएं । नजर दोष दूर होगा ।* ☺ *#आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए* *पान के पत्ते की जड़ को माता भुनेश्वरी का ध्यान करते हुए घिसकर तिलक लगाएं ऐसा करने से आपकी आकर्षण शक्ति बढ़ने लगेगी ।* 🤵🏻👰🏻 *#पति #पत्नी में अनबन हो तो* *नवमी की रात चंदन और केसर पाउडर मिलाकर पान के पत्ते पर रखें । फिर दुर्गा माताजी की फोटो के सामने बैठ कर चंडी स्तोत्र का पाठ करें ।रोजाना इस पाउडर का तिलक लगाएं ।* 🚩 *~ ~*🚩 🌷 *#नवरात्रियों की #सप्तमी तिथि* 🌷 🙏🏻 *नवरात्रियों के दिनों में जप, सुमिरन विशेष किया जाता है | और वृत्तोत्सव ग्रंथ के अनुसार और भविष्यपुराण में आता है कि, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जप करें | मंत्र इसप्रकार है – ॐ धात्रेय नम: | ॐ धात्रेय नम: | ॐ धात्रेय नम: | ॐ धात्रेय नम: |* *इस मंत्र से भगवान का पूजन, सूर्यनारायण को अर्घ्य देने से आयु, आरोग्य और ऐश्वर्य की विशेष वृद्धि होती है |* 💥 *विशेष - 25 मार्च 2026 बुधवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है।* 🚩 *~ ~* 🚩 🌷 *#चैत्र #नवरात्रि 🌷 🙏🏻 *भय का नाश करती हैं मां कात्यायनी* *नवरात्रि के षष्ठी तिथि पर आदिशक्ति दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा करने का विधान है। महर्षि कात्यायनी की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं। नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा और आराधना होती है। माता कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रृति की सिद्धियां साधक को स्वयंमेव प्राप्त हो जाती हैं। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौलिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं।* 🚩 *~ ~* 🚩 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *नवरात्र की षष्ठी तिथि यानी छठे दिन माता दुर्गा को शहद का भोग लगाएं ।इससे धन लाभ होने के योग बनने हैं ।* https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID?mode=gi_t #astrovastukosh #akshayjamdagni #नवरात्रि #hindu #हिंदू #mahadev #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #astrovastukosh
Akshay Jamdagni
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1 months ago
🔥 🔱 नव संवत्सर 2083 का महाफलादेश: नवरात्रि की शुरुआत किस नक्षत्र, राशि और लग्न में हुई? जानें सभी राशियों पर असर 🔮✨ 🔮✨शुभ हिंदू नव संवत्सर 2083 एवं चैत्र नवरात्रि की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। आज 19 मार्च 2026 को एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग के साथ नए वर्ष का आगाज़ हुआ है। इस वर्ष की ग्रह स्थिति ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत ही प्रभावशाली है, जो आने वाले समय में बड़े बदलावों का संकेत दे रही है। ✨ नक्षत्र, राशि और लग्न की स्थिति इस नवसंवत्सर की शुरुआत उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और मीन राशि के साथ हुई है। संवत्सर के आरंभ के समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न विद्यमान है। मीन लग्न का अर्थ है कि इस वर्ष की नींव आत्मचिंतन, मोक्ष की आकांक्षा और उच्च आदर्शों पर टिकी है। यह लग्न देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव में आता है, और चूंकि इस वर्ष के राजा भी बृहस्पति हैं, इसलिए यह संयोग धर्म, शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में विशेष शुभ फल देने वाला सिद्ध होगा। 🏛️📖 👑 संवत्सर 2083 का मंत्रिमंडल इस संवत के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल हैं। राजा बृहस्पति: इनके प्रभाव से सामाजिक व्यवस्था, कानून और शिक्षा के मामलों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेंगे। ⚖️ मंत्री मंगल: मंगल के मंत्री होने से जनसाधारण को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अग्नि, युद्ध और आकस्मिक दुर्घटनाओं की आशंका बनी रह सकती है। 🔥⚔️ सेनाधिपति चंद्रदेव: राजा, मंत्री और सेनाधिपति की यह त्रयी बताती है कि पूरे वर्ष ज्ञान और पराक्रम के बीच एक संतुलन बना रहेगा, हालांकि आम जनता को धैर्य और संयम से काम लेना होगा। 🌙 📅 13 महीनों का विशेष वर्ष (अधिकमास) हिंदू नववर्ष 2083 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार ज्येष्ठ का महीना बढ़ रहा है। इसके कारण इस वर्ष 12 के बजाय कुल 13 महीने होंगे। अधिकमास आरंभ: 17 मई 2026 अधिकमास समापन: 15 जून 2026 धार्मिक दृष्टि से यह समय जप, तप और दान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। 🙏✨ 🌙 मां दुर्गा की सवारी: पालकी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब नवरात्रि गुरुवार से शुरू होती है, तो मां दुर्गा की सवारी पालकी (डोली) मानी जाती है। देवी का पालकी पर आगमन सुख, शांति और आशीर्वाद का प्रतीक है, जो भक्तों के जीवन में सौम्यता लेकर आता है। 🌸🌺 🔮 सभी राशियों पर महाफलादेश (2083) यह वर्ष समग्र रूप से औसत बारिश, थोड़ी महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनाव वाला हो सकता है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से बहुत मजबूत रहेगा। मेष (Aries): करियर में दबाव रहेगा, लेकिन साल के अंत में सुधार होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। 📉 वृषभ (Taurus): मेहनत से बड़ी सफलता मिलेगी। वाहन या विलासिता पर खर्च बढ़ सकता है। 🚗 मिथुन (Gemini): अप्रैल के बाद वित्त और करियर में अचानक लाभ के योग हैं। 💰 कर्क (Cancer): स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें (पाचन/BP)। भावनात्मक स्थिरता बनाए रखें। 🧘 सिंह (Leo): शनि की ढैय्या का असर रहेगा। मार्च से नवंबर के बीच नई योजनाओं में देरी संभव है। ⏳ कन्या (Virgo): फरवरी से मई तक करियर में दबाव, लेकिन उसके बाद स्थितियां सुधरेंगी। ✅ तुला (Libra): जून तक महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। नेटवर्क बढ़ेगा और आर्थिक लाभ होगा। 🤝 वृश्चिक (Scorpio): आय के नए स्रोत बनेंगे। रक्त और पाचन संबंधी स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🩺 धनु (Sagittarius): मानसिक तनाव रह सकता है, पर अंत में आध्यात्मिक उन्नति और शुभ फल मिलेंगे। ✨ मकर (Capricorn): खर्च अप्रत्याशित हो सकते हैं। सितंबर से नवंबर के बीच मान-सम्मान मिलेगा। 🏆 कुंभ (Aquarius): जून तक अच्छी प्रगति होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। 🏡 मीन (Pisces): शुरुआत में पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। साल के अंत में सामाजिक मान्यता मिलेगी। 🌟 💡 विशेष सलाह इस मीन लग्न और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रभाव से यह वर्ष आध्यात्मिक मजबूती का है। नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा और गुरु/शनि की उपासना से कष्टों का निवारण होगा। धैर्य रखें और दान-पुण्य करते रहें। जय माता दी! शुभ नववर्ष! 🙏🚩 #नवरात्रि2026 #हिंदू_नववर्ष #संवत्सर2083 #ज्योतिष #ChaitraNavratri #AstroVastuKosh #Rashifal2026 #AstroUpdate #VedicAstrology #akshayjamdagni #astrovastukosh क्या आप अपनी कुंडली के अनुसार इस अधिकमास में किए जाने वाले विशेष दान या उपायों के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? #🙏 माँ वैष्णो देवी #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #🙏शाम की आरती🪔 #astrovastukosh
Akshay Jamdagni
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1 months ago
*卐~ आज का वैदिक हिन्दू पंचांग by Astro Vastu Kosh~卐* *🌸 🚩 ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि रचना के पावन पर्व 'रौद्र' नामक नूतन संवत्सर 2083 एवं हिंदू नव वर्ष की मंगलमयी शुभकामनाएँ! 🌸✨ 🌸* *🔱 आज का वैदिक पंचांग एवं वास्तु विशेष 🔱* *​प्रतिदिन शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धर्म-शास्त्रों की विशेष जानकारी के लिए हमारे आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हों।* ​Join Now: https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID *🌞दिनांक - 19 मार्च 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - चैत्र* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - अमावस्या प्रातः 06:52 तक, तत्पश्चात् प्रतिपदा प्रातः 04:52 मार्च 20 तक, तत्पश्चात् द्वितीया* *⛅नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद प्रातः 04:05 मार्च 20 तक तत्पश्चात् रेवती* *⛅योग - शुक्ल मध्यरात्रि 01:17 तक तत्पश्चात् ब्रह्म* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:05 से दोपहर 03:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:32* *⛅सूर्यास्त - 06:37 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:57 से प्रातः 05:44 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:11 से दोपहर 12:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:11 से मध्यरात्रि 12:58 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - चैत्री नूतन वर्ष वि. सं.‌ 2083 प्रारम्भ, गुडी पड़वा, चैत्री नवरात्रि प्रारंभ* *🌥️विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹गृह के समीपस्थ वृक्ष 🔹* *🔸 ईशान में आँवला शुभदायक है ।* *🔸 ईशान - पूर्व में कटहल एवं आम शुभदायक हैं ।* *🔸 (३) घरके पास काँटेवाले, दूधवाले तथा फलवाले वृक्ष स्त्री और सन्तान की हानि करनेवाले हैं । यदि इन्हें काटा न जा सके तो इनके पास शुभ वृक्ष लगा दें ।* *🔸 काँटेवाले वृक्ष शत्रु से भय देनेवाले, दूधवाले वृक्ष धनका नाश करनेवाले और फलवाले वृक्ष सन्तानका नाश करनेवाले हैं । इनकी लकड़ी भी घरमें नहीं लगानी चाहिये-* *आसन्नाः कण्टकिनो रिपुभयदाः क्षीरिणोऽर्थनाशाय ।* *फलिनः प्रजाक्षयकरा दारूण्यपि वर्जयेदेषाम् ॥* *(बृहत्संहिता ५३। ८६)* *(४) बदरी कदली चैव दाडिमी बीजपूरिका।* *प्ररोहन्ति गृहे यत्र तद्गृहं न प्ररोहति ॥* *🔸 (समरांगणसूत्रधार ३८ । १३१) 'बेर, केला, अनार तथा नींबू जिस घरमें उगते हैं, उस घर की वृद्धि नहीं होती । '* *🔸 अश्वत्थं च कदम्बं च कदलीबीजपूरकम् । गृहे यस्य प्ररोहन्ति स गृही न प्ररोहति ॥* *🔸 (बृहद्दैवज्ञ० ८७ ९) 'पीपल, कदम्ब, केला, बीजू नींबू ये जिस घरमें होते हैं, उसमें रहनेवाले की वंशवृद्धि नहीं होती ।'* *🔸 (५) घर के भीतर लगायी हुई तुलसी मनुष्यों के लिये कल्याणकारिणी, धन-पुत्र प्रदान करनेवाली, पुण्यदायिनी तथा हरिभक्ति देनेवाली होती है । प्रातःकाल तुलसीका दर्शन करनेसे सुवर्ण दानका फल प्राप्त होता है ।* *(ब्रह्मवैवर्तपुराण, कृष्ण० १०३ । ६२-६३ )* https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID?mode=gi_t #astrovastukosh #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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1 months ago
Chaitra Navratri 2026: हर इच्छा पूरी करने वाला Shubh Muhurat और घटस्थापना की Puja Vidhi विधि! 🌸✨ कल 19 मार्च 2026, गुरुवार से Chaitra Navratri 🌸 का पावन पर्व शुरू हो रहा है। इसी दिन से Hindu New Year (Vikram Samvat 2083) 🚩 का भी मंगलमय आरंभ होगा। Ghatasthapana (कलश स्थापना) के Shubh Muhurat 🏺✨ माता की चौकी सजाने और कलश स्थापना के लिए ये समय सबसे Best हैं: 🌅 Main Muhurat (Morning): सुबह 06:52 से 07:43 तक। (यह सबसे श्रेष्ठ समय है) ☀️ Abhijit Muhurat (Afternoon): दोपहर 12:05 से 12:53 तक। (सबसे शुभ घड़ी) ⏰ Choghadiya Muhurat: सुबह 06:52 से 10:10 तक। Mata Ka Vahan: डोली (Palki) 🧘‍♀️🏮 चूंकि नवरात्रि Thursday 🗓️ से शुरू हो रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा का आगमन Doli (पालकी) पर हो रहा है। "शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता॥" 📜 Doli पर आगमन का क्या होगा फल? 🧐 देवी भागवत पुराण के अनुसार, माता का डोली पर आना कुछ विशेष संकेत (Indications) देता है: 🤒 Health Care: इसे बीमारियों के प्रति सतर्क रहने का संकेत माना जाता है। 📉 Economic Status: देश-दुनिया की Economy में थोड़ी उथल-पुथल रह सकती है। 🌪️ Natural Alerts: यह समय अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने का है। Mata Ki Vidai: हाथी (Gaj) 🐘🌊 नवरात्रि का समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा। शुक्रवार को विदाई होने के कारण माता Elephant पर सवार होकर जाएंगी। ✅ Result: हाथी पर विदाई Extremely Lucky मानी जाती है! 🌧️ यह अच्छी बारिश और जीवन में Prosperity 💰 का प्रतीक है। Maa Shailputri Puja (Day 1) 🏔️🙏 💛 Lucky Color: कल पूजा के लिए Yellow Color के कपड़े पहनना बहुत अच्छा रहेगा। 🍯 Bhog: मां को गाय का शुद्ध घी अर्पित करें, इससे अच्छी सेहत (Good Health) का आशीर्वाद मिलता है। कलश स्थापना की अत्यंत सरल विधि (Ghatasthapana Step-by-Step) 🏺🙌 तैयारी: उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को साफ कर गंगाजल छिड़कें। 🧭 ज्वारे बोना: मिट्टी के बर्तन में साफ मिट्टी भरकर जौ (Barley) के बीज डालें। 🌾 कलश तैयार करें: तांबे या मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक बनाएं और मौली बांधें। कलश में जल, सिक्का, सुपारी और अक्षत डालें। 💧 पल्लव और नारियल: कलश पर आम के 5 पत्ते रखें। एक नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें। 🥥 स्थापना: कलश को जौ वाले पात्र के बीच में रखें और वरुण देव का आह्वान करें। सच्चे मन और सही मुहूर्त में की गई यह पूजा आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने वाली होगी। ✨ #AkshayJamdagni #AstroVastuKosh #ChaitraNavratri2026 #Ghatasthapana #ShubhMuhurat #MataKaVahan #VedicAstrology #HinduNewYear2083 #NavratriSpecial #VastuTips #🙏 माँ वैष्णो देवी ##akshayjamdagni #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh
Akshay Jamdagni
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📅🪔🌞 Danik Vaidik संपूर्ण Panchang पंचांग (Astro Vastu Kosh) 📅 17 मार्च 2026, मंगलवार | स्थान: मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) 📚 आज के सभी शुभ-अशुभ समय, तिथि और नक्षत्रों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है। अपनी दिनचर्या को ग्रहों के अनुकूल बनाएं। 🌅 दिनांक व समय 🌤️ सूर्योदय:👉 सुबह 06:27 🌤️ सूर्यास्त:👉 शाम 06:29 🌤️ चन्द्रोदय:👉 रात 05:55 🌤️ चन्द्रास्त:👉 PM 04:47 🗓️ पंचांग विवरण 🌤️ वार:👉 मंगलवार (हनुमान जी का दिन) 🌤️ विक्रम संवत:👉 2082 🌤️ अयन:👉 उत्तरायण 🌤️ मास (हिन्दी):👉 चैत्र 🌤️ पक्ष:👉 कृष्ण पक्ष 🌤️ तिथि:👉 त्रयोदशी – सुबह 09:23 तक, तत्पश्चात चतुर्दशी 🌤️ नक्षत्र:👉 शतभिषा – सुबह 06:09 तक, तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद 🌤️ योग:👉 सिद्ध – सुबह 08:15 तक, तत्पश्चात साध्य 🌤️ करण:👉 वणिज – सुबह 09:23 तक, तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) ✅ शुभ मुहूर्त 🌤️ अभिजीत मुहूर्त:👉 दोपहर 12:05 – 12:53 🌤️ विजय मुहूर्त:👉 दोपहर 02:28 – 03:16 🌤️ अमृत काल:👉 रात में 11:01 – 12:36 ✨ 🌤️ रवि योग:👉 नहीं 🌤️ सर्वार्थ सिद्धि योग:👉 नहीं ⚠️ अशुभ समय 🌤️ राहुकाल:👉 दोपहर 03:28 – 04:58 🐍 🌤️ यमगण्ड:👉 सुबह 09:27 – 10:58 ☠️ 🌤️ गुलिक काल:👉 दोपहर 12:28 – 01:58 ⏳ 🌤️ वर्ज्य काल:👉 दोपहर 01:30 – 03:05 🌤️ भद्रा:👉 सुबह 09:23 से रात्रि 08:59 तक 🌤️ भद्रावास:👉 मृत्यु - 09:23 सुबह से 08:59 रात्रि तक ✨ विशेष योग 🌤️ गण्डमूल:👉 नहीं 🌤️ पंचक:👉 पूरे दिन 🌤️ दिशा शूल:👉 उत्तर दिशा 🌤️ अग्नि वास:👉 पृथ्वी - 09:23 सुबह तक 🌤️ शिव वास:👉 भोजन में - 09:23 सुबह तक 🔍 करण फल सुबह 09:23 तक वणिज करण व्यापार और लेन-देन के लिए शुभ है। इसके बाद विष्टि (भद्रा) प्रारंभ होगी, जिसमें मांगलिक कार्य वर्जित हैं। 🪔 आज का उपाय मंगलवार को हनुमान जी की कृपा पाने हेतु लाल चंदन का तिलक करें और बजरंग बाण का पाठ करें। 🙏 आज का सुविचार "साहस और विश्वास से किया गया कार्य ही जीवन में विजय दिलाता है।" 📱 हमें फॉलो करें: ऐसी ही दैनिक जानकारी और सटीक ज्योतिषीय समाधान के लिए अभी हमारे पेज को फॉलो करें। 📍 Astro Vastu Kosh - Akshay Jamdagni मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश (Muzaffarnagar, Uttar Pradesh) #Panchang #DailyPanchang #AstroVastuKosh #AkshayJamdagni #Muzaffarnagar #Astrology #VedicWisdom #ShubhMuhurat #FridayVibes #SuccessTips #Jyotish #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख ##akshayjamdagni #astrovastukosh
Akshay Jamdagni
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1 months ago
*🔱 🌞 खरमास 2026: 14 मार्च से 14 अप्रैल तक क्यों रुक जाते हैं विवाह और शुभ कार्य? जानें नियम, महत्व और उपाय 🪔📿* *✨ 🌼 खरमास 2026 14 मार्च से 14 अप्रैल तक रहेगा। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते? जानें खरमास का ज्योतिषीय कारण, धार्मिक महत्व, व्रत-पूजन विधि और पौराणिक कथा। 🌞📖🪔* https://whatsapp.com/channel/0029Va51s5wLtOj7SaZ6cL2E 🌞 खरमास 2026 विशेष 14 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है। वे वर्ष भर में क्रमशः 12 राशियों में गोचर करते हैं और हर गोचर का पृथ्वी तथा मानव जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ता है। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों, यानी धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब उस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। साल में दो बार खरमास आता है। एक बार जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे धनुर्मास कहा जाता है, और दूसरी बार जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे मीन खरमास कहा जाता है। 📅 वर्ष 2026 में खरमास का समय आरम्भ: 14 मार्च 2026, रात 01:01 बजे, सूर्य का मीन राशि में प्रवेश समाप्ति: 14 अप्रैल 2026, सुबह 09:33 बजे, सूर्य का मेष राशि में प्रवेश इस अवधि में सूर्य बृहस्पति की राशि में होने के कारण विवाह जैसे मंगल कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माने जाते। 🚫 खरमास में कौन-कौन से कार्य नहीं किए जाते खरमास को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों के लिए विराम का समय माना गया है। इस दौरान सामान्यतः निम्न कार्य नहीं किए जाते: विवाह और सगाई गृह प्रवेश मुंडन संस्कार यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार नए घर या भवन का शुभारम्भ विवाह मुहूर्त निर्धारित करते समय वर के लिए सूर्य का बल, वधू के लिए बृहस्पति का बल और दोनों के लिए चंद्रमा का अनुकूल होना आवश्यक माना जाता है। खरमास में यह संतुलन नहीं बनता, इसलिए विवाह से परहेज किया जाता है। 🪔 खरमास में क्या करना शुभ माना गया है यह महीना धार्मिक साधना और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए बहुत उत्तम माना गया है। इस दौरान विशेष रूप से इन कार्यों का महत्व बताया गया है: भगवान विष्णु या पुरुषोत्तम भगवान की पूजा रामायण या भगवद्गीता का पाठ विष्णु सहस्रनाम या विष्णु स्तोत्र का जप रुद्राभिषेक या शिव पूजा अन्न, वस्त्र, गुड़ और घी का दान जो लोग पूरे महीने व्रत करते हैं, वे सामान्यतः एक समय सात्विक भोजन लेते हैं और साधना पर ध्यान देते हैं। 📖 खरमास से जुड़ी पौराणिक कथा लोकमान्यता के अनुसार इस मास के पीछे एक रोचक कथा भी बताई जाती है। कहा जाता है कि सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ से निरंतर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। एक बार लंबे समय तक यात्रा करने के कारण उनके घोड़े अत्यंत थक गए और प्यास से व्याकुल हो गए। सूर्य देव उन्हें पानी पिलाने के लिए एक सरोवर के पास रुक गए। रुकने की अनुमति न होने के कारण सूर्य देव ने थोड़ी देर के लिए अपने रथ में घोड़ों की जगह गधों को जोड़ लिया। गधों के कारण रथ की गति धीमी हो गई। इसी कारण उस अवधि को खरमास कहा जाने लगा, क्योंकि संस्कृत में गधे को “खर” कहा जाता है। #astrovastukosh ##akshayjamdagni #🙏शाम की आरती🪔 #❤️जीवन की सीख #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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1 months ago
📅 दैनिक वैदिक पंचांग – मुजफ्फरनगर (उ.प्र.), भारत 🪔 शनिवार, 14 मार्च 2026 🌅 दिनांक व समय 🌤️ सूर्योदय: सुबह 06:30 🌤️ सूर्यास्त: शाम 06:27 🌤️ चन्द्रोदय: रात 04:15 🌤️ चन्द्रास्त: दोपहर 01:44 🗓️ पंचांग विवरण 🌤️ वार: शनिवार (शनि देव का दिन) 🌤️ विक्रम संवत: 2082 🌤️ अयन: उत्तरायण 🌤️ मास (हिन्दी): फाल्गुन 🌤️ पक्ष: कृष्ण पक्ष 🌤️ तिथि: दशमी – 08:10 AM तक, एकादशी 🌤️ नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा – सुबह 04:49 AM तक, तत्पश्चात श्रवण 🌤️ योग: वरीयान् – 10:43 AM तक 🌤️ करण: विष्टि (भद्रा) – 08:10 AM तक, तत्पश्चात बव - 08:48 PM तक ✅ शुभ मुहूर्त 🌤️ अभिजीत मुहूर्त: PM 12:05 – 12:53 🌤️ विजय मुहूर्त: PM 02:28 – 03:16 🌤️ अमृत काल: PM 09:56 – 11:40 ✨ 🌤️ रवि योग: नहीं 🌤️ सर्वार्थ सिद्धि योग: 04:49AM, मार्च 15 से 06:29 AM, मार्च 15 ⚠️ अशुभ समय 🌤️ राहुकाल: AM 09:30 – 11:00 🐍 🌤️ यमगण्ड: PM 01:59 – 03:28 ☠️ 🌤️ गुलिक काल: AM 06:30 – 08:00 ⏳ 🌤️ पाताल - 08:10 ए एम तक 🌤️ वर्ज्य काल: 11:38 AM से 01:21 PM 🌤️ भद्रा: 06:30 AM से 08:10 AM 🌤️ भद्रावास: पाताल - 08:10 AM तक ✨ विशेष योग 🌤️ गण्डमूल: नहीं 🌤️ पंचक: नहीं 🌤️ दिशा शूल: पूर्व दिशा 🌤️ आकाश - 08:10 AM तक 🌤️ शिववास: क्रीड़ा में - 08:10 AM तक 🔍 विशेष विवरण व करण फल सुबह ०८:१० तक विष्टि करण (भद्रा) होने के कारण मांगलिक कार्यों से बचें। इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा, जो स्थिर कार्यों और आरोग्य प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ है। शनिवार और श्रवण नक्षत्र का मेल न्याय और साधना के लिए उत्तम माना जाता है। ✨ आज का उपाय: शनि देव की कृपा पाने के लिए पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। 🙏 आज का सुविचार: "सही दिशा में किया गया छोटा सा प्रयास भी महान फल देता है। समय और कर्म का संतुलन ही जीवन की सफलता का आधार है।" #Panchang #DailyPanchang #Astrology #Vastu #AstroVastuKosh #Muzaffarnagar #AkshayJamdagni #ProfessionalAstrologer #SuccessTips #VedicWisdom #HomeHarmony #PositiveVibes #🙏 माँ वैष्णो देवी #🙏शाम की आरती🪔 #astrovastukosh ##akshayjamdagni #❤️जीवन की सीख
Akshay Jamdagni
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1 months ago
🪔🌞 Danik Vaidik संपूर्ण Panchang पंचांग (Astro Vastu Kosh) 📅 13 मार्च 2026, शुक्रवार | स्थान: मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) 📚 आज के सभी शुभ-अशुभ समय, तिथि और नक्षत्रों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है। अपनी दिनचर्या को ग्रहों के अनुकूल बनाएं। 🌅 दिनांक व समय 🌤️ सूर्योदय: 👉 सुबह 06:32 🌤️ सूर्यास्त: 👉 शाम 06:26 🌤️ चन्द्रोदय: 👉 रात्रि 03:35 🌤️ चन्द्रास्त: 👉 दोपहर 12:45 (14 मार्च) 🗓️ पंचांग विवरण 🌤️ वार: 👉 शुक्रवार (देवी लक्ष्मी जी का दिन) 🌤️ विक्रम संवत: 👉 2082 🌤️ पक्ष: 👉 कृष्ण पक्ष 🌤️ तिथि: 👉 दशमी – पूर्ण रात्रि तक 🌤️ नक्षत्र: 👉 पूर्वाषाढ़ा – अगली सुबह 03:03 तक 🌤️ योग: 👉 व्यतीपात – सुबह 10:32 तक 🌤️ करण: 👉 वणिज – शाम 07:23 तक ✅ शुभ मुहूर्त 🌤️ अभिजीत मुहूर्त: 👉 दोपहर 12:05 – 12:53 ✅ 🌤️ विजय मुहूर्त: 👉 दोपहर 02:28 – 03:16 🌤️ अमृत काल: 👉 रात 09:47 – 11:32 ✨ 🌤️ निशिता मुहूर्त: 👉 रात 12:06 – 12:54 ⚠️ अशुभ समय 🌤️ राहुकाल: 👉 सुबह 11:00 – 12:29 🐍 🌤️ यमगण्ड: 👉 दोपहर 03:27 – 04:57 ☠️ 🌤️ गुलिक काल: 👉 सुबह 08:01 – 09:30 ⏳ 🌤️ भद्रा: 👉 शाम 07:23 से सुबह 06:30, मार्च 14 ✨ आज का दिन किस लिए शुभ है? आज शुक्रवार और दशमी तिथि का संयोग है। यह दिन आर्थिक निवेश, नए वस्त्रों की खरीदारी, और कला-संगीत से जुड़े कार्यों के लिए बहुत शुभ है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र होने के कारण आज जल से संबंधित कार्य और खेती की योजना बनाना लाभकारी रहेगा। 🙏 आज का सुविचार: "समय और भाग्य कभी भी बदल सकते हैं, इसलिए अच्छे समय में गर्व न करें और बुरे समय में धैर्य न खोएं। सही मुहूर्त में किया गया कर्म ही सिद्धि का द्वार है।" 📱 हमें फॉलो करें: ऐसी ही दैनिक जानकारी और सटीक ज्योतिषीय समाधान के लिए अभी हमारे पेज को फॉलो करें। 📍 Astro Vastu Kosh - Akshay Jamdagni मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश (Muzaffarnagar, Uttar Pradesh) #Panchang #DailyPanchang #AstroVastuKosh #AkshayJamdagni #Muzaffarnagar #Astrology #VedicWisdom #ShubhMuhurat #FridayVibes #SuccessTips #Jyotish #spiritualgrowth #❤️जीवन की सीख #astrovastukosh #🙏शाम की आरती🪔 ##akshayjamdagni #🙏 माँ वैष्णो देवी
Akshay Jamdagni
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1 months ago
🚩~ आज का वैदिक पंचांग ~ 🚩 https://chat.whatsapp.com/BsWPoSt9qSj7KwBvo9zWID?mode=gi_t 🌤️ *दिनांक - 11 मार्च 2026* 🌤️ *दिन - बुधवार* 🌤️ *विक्रम संवत 2082* 🌤️ *शक संवत -1947* 🌤️ *अयन - उत्तरायण* 🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु* 🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)* 🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 🌤️ *तिथि - अष्टमी 12 मार्च प्रातः 04:19 तक तत्पश्चात नवमी* 🌤️ *नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 10:00 तक तत्पश्चात मूल* 🌤️ *योग - वज्र सुबह 09:12 तक तत्पश्चात सिद्धि* 🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:47 से दोपहर 02:17 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 06:52* 🌤️ *सूर्यास्त - 06:45* 👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण- बुधवारी अष्टमी,(सूर्योदय से 12 मार्च प्रातः 04:19 तक)* 💥 *विशेष - *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)* *🚩🌷व्यतिपात योग🌷~🚩* ➡️ *12 मार्च 2026 सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक व्यतिपात योग है।* 🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।* 🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।* 🚩~** ~🚩 #astrovastukosh #akshayjamdagni #ProfessionalAstrologer #dailypanchang #हिंदू #hindu #mahadev #महाकाल #mahakal #🙏 माँ वैष्णो देवी ##akshayjamdagni #🙏शाम की आरती🪔 #astrovastukosh #❤️जीवन की सीख