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Jan-Kranti hindi news bulletin
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2 days ago
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नगर निगम समस्तीपुर की अध्यक्षा पर आरोपों की बौछार, राजनीतिक माहौल गरम जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट विपक्षी पार्षदों तथा कुछ सामाजिक संगठनों ने अध्यक्षा के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े करते हुऐ पारदर्शिता की मांग की है। समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 6 अप्रैल, 2026)। समस्तीपुर में नगर निगम की राजनीति इन दिनों गरमाती जा रही है। नगर निगम की अध्यक्षा पर एक के बाद एक आरोप लगाए जाने से स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पार्षदों तथा कुछ सामाजिक संगठनों ने अध्यक्षा के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पारदर्शिता की मांग की है। विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप : आरोप लगाने वालों का कहना है कि शहर में कई विकास योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जबकि कागज़ों में कार्य पूर्ण दिखाया गया है। कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि सड़क, नाली एवं सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्यों में भारी अनियमितता हुई है। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि— कई वार्डों में सड़क निर्माण अधूरा नाली निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग। सफाई व्यवस्था बदहाल : योजनाओं में पारदर्शिता की कमी इन मुद्दों को लेकर पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय में विरोध भी दर्ज कराया। वित्तीय गड़बड़ी के भी लगे आरोप : कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी की भी आशंका जताई है। उनका कहना है कि योजनाओं के बजट और वास्तविक कार्यों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। इसको लेकर जांच की मांग भी की जा रही है। अध्यक्षा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद : वहीं नगर निगम की अध्यक्षा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि— सभी कार्य नियमानुसार हो रहे हैं विकास योजनाएं तेजी से चल रही हैं राजनीतिक द्वेष के कारण लगाए जा रहे आरोप। अध्यक्षा ने कहा कि यदि किसी को शिकायत है तो वे जांच के लिए स्वतंत्र हैं और नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सहयोग करेगा। राजनीतिक सरगर्मी तेज : मामले के तूल पकड़ने के बाद शहर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कुछ पार्षदों ने विशेष बैठक बुलाने की मांग की है, जबकि नागरिक भी नगर निगम की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि: क्या आरोपों की जांच होगी क्या विशेष बैठक बुलाई जाएगी या मामला राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा फिलहाल, नगर निगम समस्तीपुर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और शहर की जनता की नजरें आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news #moj_content ##Bihar politics #🆕 ताजा अपडेट
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2 days ago
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भाकपा माले के जिला पर्यवेक्षक लोकेश राज की उपस्थिति में नामांकन पत्रों की जांच ##Bihar politics #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news #moj_content #🆕 ताजा अपडेट
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2 days ago
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भाकपा माले जिला सम्मेलन के डेलीगेट चुनाव के लिए 21 उम्मीदवारों ने किया नामांकन जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट जिला पर्यवेक्षक लोकेश राज की उपस्थिति में नामांकन पत्रों की जांच के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार डेलीगेट का कराया जाएगा चुनाव : सुरेंद्र प्रसाद सिंह समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 6 अप्रैल 2026)। भाकपा माले के 18 - 19 अप्रैल को कल्याणपुर के वीरसिंहपुर के चंदा विवाह भवन में आहूत जिला सम्मेलन को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। डेलीगेट चयन प्रक्रिया के तहत कुल 21 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसमें किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, ललन दास, मुंशीलाल राय, मजदूर नेता प्रभात रंजन गुप्ता, शंकर महतो, छात्र नेता जीतेंद्र सहनी, युवा नेता मो० एजाज, मो० शाद एवं मो० क्यूम, फूटपाथी दुकानदार नेता मो० अबुबकर, मनोज साह, मो० गुलाब एवं मुकेश कुमार गुप्ता, आशा एवं रसोईया संघ की रंजू कुमारी, रेखा कुमारी, सविता सिंह, ऐपवा नेत्री सुलेखा कुमारी एवं नीलम देवी आदि प्रमुख हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। ताजपुर के शंकर टाॅकीज रोड के फलमंडी स्थित अस्थाई चुनाव कार्यालय पर नामांकन के दौरान प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जिला सम्मेलन संगठन को मजबूत करने, राजनीतिक परिस्थिति पर विचार-विमर्श करने और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करने का महत्वपूर्ण मंच होगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में किसानों, मजदूरों, छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि जिला पर्यवेक्षक लोकेश राज की उपस्थिति में नामांकन पत्रों की जांच के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार डेलीगेट का चुनाव कराया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न स्तरों पर बैठकों का दौर जारी है और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #moj_content ##Samastipur news #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Bihar politics
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2 days ago
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निजी विद्यालयों की कमीशनखोरी के खिलाफ समस्तीपुर में विरोध मार्च, सभा आयोजित जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट सरकारी एवं निजी विद्यालयों में हो एनसीईआरटी बुक से पढ़ाई : सुरेंद्र प्रसाद सिंह जब देश में एक शिक्षा नीति हो सकती है तो सरकारी एवं निजी विद्यालयों में एक समान किताब क्यों नहीं हो सकता : रामबली सिंह समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 5 अप्रैल 2026)। निजी विद्यालयों द्वारा किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, डायरी, टेस्ट, एडमिशन, री-एडमिशन आदि में कमीशनखोरी के विरोध में नागरिक समाज के बैनर तले रविवार को शहर में विरोध मार्च निकाला गया तथा सभा का आयोजन किया गया। स्कूल द्वारा छात्र-अविभावकों के शोषण-लूट के खिलाफ रविवार को नागरिक समाज से जुड़े नागरिकों ने शहर के स्टेडियम गोलंबर के पास इकट्ठा होकर अपने-अपने हाथों में बैनर मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विरोध मार्च निकाला। नारे लगाकर विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय पर पहुंचा जोरदार नारेबाजी के बाद मार्च सभा में बदल गया। सभा की अध्यक्षता नागरिक समाज के संयोजक सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह ने किया। सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी सह मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाकर या तो स्कूल से किताब, कापी, यूनिफॉर्म, टाई, बेल्ट, डायरी देते हैं या फिर बाजार में निर्धारित दुकान से ही खरीदने को मजबूर करते हैं जिससे छात्र- अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। वहीं विद्यालय टेस्ट, एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन के नाम पर मोटी रकम अविभावक से वसूलती है। उन्होंने कहा कि जब देश में एक शिक्षा नीति हो सकती है तो सरकारी एवं निजी विद्यालयों में एक समान किताब क्यों नहीं हो सकता है। सभा को संबोधित करते हुए राजद नेता राकेश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के नाम पर इस तरह की वसूली पूरी तरह गलत है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। समाजसेवी सह अधिवक्ता संजय कुमार बबलू ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे स्कूलों की जांच कर कारवाई की जाए ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर शीघ्र रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अपने अध्यक्षीय संबोधन में रामबली सिंह ने छात्र, अभिभावक और आमजन से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। मौके पर जयलाल राय, राम विनोद पासवान, मो० अकबर अली, एसके निराला, अमित जायसवाल, अमित कुमार, अर्जुन राय, मनोज कुमार सिंह, मनोज शर्मा, मो० सगीर, राजू कुमार, लोकेश राज, जीतेंद्र कुमार आदि गणमान्य सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #moj_content ##Samastipur news
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4 days ago
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भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर किया लाखों रुपये की ठगी, शिकायत दर्ज जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट लाखों रूपये के ठगी करने वाले भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर भुक्तभोगी ने लगाया गुहार समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क, 04 अप्रैल, 2026)। उत्तरप्रदेश में संचालित भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का भुक्तभोगी हीरालाल चौरसिया पूर्व संस्था जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीम अध्यक्ष अनील कुमार गिरी पर आरोप लगाते हुऐ नगर थानाध्यक्ष समस्तीपुर को विगत फरवरी माह में ईमेल के माध्यम से शिकायत करते न्याय की गुहार लगाया है। उक्त आशय से संवधित शिकायत पत्र प्रेस को दिखाते हुऐ बताया की अनिल कुमार गिरी, पिता- लल्लू प्रसाद गिरी, निवासी ग्राम- कंचनपुर मटियारी, पो0+थाना - चिनहट, जिला- लखनऊ उत्तरप्रदेश, पिन-226025 निवासी संस्थापक भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर लिया गया। मालूम है की हीरालाल चौरसिया, पुत्र- रामोतार चौरसिया,निवासी मोहल्ला- अम्बेदकर नगर वार्ड सं0- 22, थाना- नगर, जिला- समस्तीपुर का निवासी हैं। उन्होंने बताया की मेरे द्वारा यू ट्यूब पर विगत वर्ष 2022 में एक विज्ञापन देखा भ्रष्टाचार व अपराध विरोधी राष्ट्रीय संगठन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, नाम अनिल कुमार गिरी, मो० नं०- 9838862100, जिसका उद्देश्य भारत को भ्रष्टाचार व अपराधमुक्त बनाना तथा नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराना बताया गया। उक्त विज्ञापन से प्रभावित हो संस्थापक अनिल कुमार गिरी के उक्त मोबाईल पर सम्पर्क किया तो उन्होनें मुझे संस्था से जुड़ने का आग्रह किया और सदस्याता शुल्क मो0 1100/- रूपया लेकर सदस्य सह जिला अध्यक्ष दिनांक- 31.12. 2022 को बनाया और ऑनलाईन मीटिंग का तारीख बता मीटिंग में बुलाया करते थे और मीटिंग के दौरान ही जानकारी दी गई की आप लोग में से जो कोई बेरोजगार है और नौकरी करना चाहते हैं तो हम उसे उत्तरप्रदेश सचिवालय में सहायक के पद पर लखनऊ में नौकरी दिला सकते है। उनके बातों से काफी प्रभावित हुआ। उपरांत उन्होनें हमें अपने कार्यालय चिनहट लखनऊ बुलाया और कहा हम आपके लड़का को सचिवालय सहायक पद पर रखा दूँगा। आप मात्र दस लाख जमा कीजिए मैं एक बार देने में असमर्थता बताई तो किस्त में ही पैसा देने की बात कह अपना बैंक एकाउण्ट नम्बर और मेरे लड़का का सभी प्रमाण-पत्र ले लिया गया । उपरांत फरवरी माह 2023 से 06 जुलाई 2023 तक दस लाख गिरी जी के एकाउण्ट सं०- 309021069950 में मेरे द्वारा अपने एस० बी० आई० बाजार शाखा समस्तीपुर (मारवाड़ी बाजार) एकाउण्ट सं0- 37698726727 के माध्यम से उनके एकाउण्ट में राशि भेजा जो बैंक के स्टेटमेन्ट से जगजाहिर है। तदोपरान्त गिरी जी ने कहा कि दिसम्बर 2023 से फरवरी 2024 के बीच सर्विस ज्वाईन करा दूँगा। परन्तु फरवरी या जून 2024 बीत गया तो मुझे शंका हुआ कि मैं ठगा जा रहा हूँ तो उनसे पुनः सम्पर्क किया तो शीघ्र ज्वाईन कराने का आश्वासन दिया गया, सितम्बर 2024 तक रूकने को कहा गया। लाचारण 07 अक्टूबर 2024 को उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में जाकर मिला तो उन्होनें कहा भरोसा नहीं है तो पैसा वापस मिल जायेगा और एक लाख का एक चेक काटकर चेक सं0- 172833 दे दिया पर समस्तीपुर जब मैं बैंक में जमा किया तो उनके एकाउण्ट में पैसा हीं नहीं था और चेक बैंक द्वारा रिटर्न कर दिया गया जब इसकी सूचना उन्हें दिया तो उनके द्वारा कहा गया हम पैसा जमा कर आपको सूचित कर देंगे जब चेक जमा कीजिएगा चेक बाउन्स नहीं कराईये बाद में आके। उसके बाद से जब भी मोबाईल से सम्पर्क करना चाहा तो मोबाईल बन्द पाया गया। थक हारकर 08 नवम्बर 2025 को लखनऊ उनके कार्यालय पर गया तो कार्यालय बन्द पाया और जब उनके घर पर गया तो गिरी जी का सहायक जितेन्द्र कुमार यादव एवं पत्नी ने गिरी जी से बात कराया तो उन्होनें कहा अभी हम बाहर हैं। आप वापस जाईये हम पैसा एकाउण्ट में जमा कर सूचित कर देंगे। पर न तो आज तक पैसा एकाउण्ट में जमा किया गया और ना ही हमें सूचित हीं किया गया। इस प्रकार मेरे साथ धोखा धड़ी का कार्य कर नौकरी दिलाने के नाम पर दस लाख रूपया का गबन कर गए। इधर कुछ दिन पहले पता चला है कि अमरजीत कुमार एवं चन्दन कुमार के साथ भी ऐसा हीं धोखा धड़ी किया गया है। भुक्तभोगी हीरा लाल चौरसिया ने थानाध्यक्ष समस्तीपुर सहित उत्तरपप्रदेश सरकार से शिकायत पत्र भेजकर गुहार लगाते हुऐ कहा है की अनिल कुमार गिरी के विरूद्ध उचित कानूनी कार्रवाई कर मुझे पैसा वापस दिलाने का कष्ट करते हुऐ उचित कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना यह है थानाध्यक्ष इनके आवेदन पर क्या संज्ञान लेते है न्याय दिला पाते हैँ या अन्य की तरह इनकी शिकायत भी जस का तस धूल फांकती है आलमारी की शोभा बनकर। समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ ##Samastipur news #moj_content #🆕 ताजा अपडेट
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जिला उद्योग केन्द्र के बंद ताले और अंदर उद्यमियों की वार्ता — इसके पीछे का राज क्या..? जनक्रांति कार्यालय विशेष रिपोर्ट समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क, 03 अप्रैल 2026)। समस्तीपुर जिला उद्योग केन्द्र में इन दिनों कुछ अलग ही हलचल देखने को मिल रही है। बाहर से 05 बजते ही कार्यालय के दरवाजे पर ताला लटक जाता जाता है, लेकिन अंदर उद्यमियों के साथ बैठक और वार्ता चलने की चर्चा तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय उद्यमियों और आम लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में जिला उद्योग केन्द्र में कुछ चुनिंदा उद्यमियों को बुलाकर अंदर बैठक की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान कार्यालय का मुख्य द्वार बंद रहता है और आम लोगों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। इससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि यदि उद्योग से जुड़ी योजनाओं, अनुदान या अन्य सुविधाओं को लेकर बैठक हो रही है, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए। कई उद्यमियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई, जबकि कुछ सीमित लोगों को ही बैठक में शामिल किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि जिला उद्योग केन्द्र का उद्देश्य सभी उद्यमियों को समान अवसर देना है। ऐसे में बंद कमरे में होने वाली बैठकों से संदेह की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह बैठक किसी विशेष योजना, निरीक्षण या प्रशासनिक चर्चा से जुड़ी हो सकती है, जिसके कारण सीमित स्तर पर बातचीत की जा रही हो। हालांकि इस पूरे मामले पर जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे रहस्य और गहराता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर क्या स्पष्टता देता है और क्या सभी उद्यमियों को समान रूप से जानकारी उपलब्ध कराई जाती है या नहीं। फिलहाल, समस्तीपुर जिला उद्योग केन्द्र के बंद ताले और अंदर चल रही वार्ता चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग जानना चाहते हैं — आखिर इसके पीछे का असली राज क्या है..? ##Samastipur news #moj_content #📢 ताज़ा खबर 🗞️