झारखंड में छात्रों का हंगामा

Chandra.. Surya.. Shiva..Sai..K..Tejus
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3 days ago
Jharkhand Student Protest में छात्रों की बड़ी जीत! 🔥 JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के सरकार के फैसले के बाद छात्रों के आंदोलन ने एक बड़ा असर दिखाया है। यह गीत उन सभी students को dedicate है जिन्होंने अपने हक़, transparency और fair recruitment के लिए आवाज़ उठाई। Students Unity ने दिखा दिया — जब युवा एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो उनकी बात सुनी जाती है। #झारखंड में छात्रों का विरोध प्रदर्शन #student's unity #student protest #jssc new vacancy #Jharkhand
Chandra.. Surya.. Shiva..Sai..K..Tejus
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7 days ago
झारखंड के छात्रों की आवाज़ आज विधानसभा तक पहुँची है। यह गीत उस युवा शक्ति, सवाल और लोकतांत्रिक अधिकार की आवाज़ है जो कहती है—सरकारें जनता और छात्रों की बात सुनें। आज स्टूडेंट्स झारखंड विधानसभा तक पहुँचे हैं… कल संसद भी पहुँच सकते हैं। यह किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सवाल पूछने और अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के अधिकार की बात है। #Jharkhand #students ##StudentProtest#StudentMovement#YouthVoice#YouthPower #Jharkhand ##StudentRights #ProtestSong#YouthOfIndia#StudentVoice #Democracy #Loktantra#JharkhandNews #IndiaProt ##IndiaProtest#AwaazUthao #SawalKaro#YouthMovement #PoliticalSong गाँव के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा, बेहतर स्कूल और बराबर अवसर मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ “School Thik Karo” मिशन की आवाज़ को एक musical anthem के रूप में पेश कर रहे हैं। यह गीत CJP द्वारा Independence Day पर घोषित “School Thik Karo” campaign से प्रेरित है — एक ऐसी मुहिम, जिसका उद्देश्य गाँवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाना और बेहतर शिक्षा के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।
Chandra.. Surya.. Shiva..Sai..K..Tejus
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7 days ago
आज़ादी… आज़ादी… — क्या किसी नारे का इस्तेमाल ही उसकी पूरी कहानी तय कर देता है? भ्रष्टाचार से आज़ादी, पेपर लीक से आज़ादी, बेरोज़गारी से आज़ादी, नफ़रत से आज़ादी — क्या इन सवालों को उठाना भी विवाद का विषय होना चाहिए? यह गीत अभिव्यक्ति की आज़ादी, छात्र राजनीति, लोकतांत्रिकअसहमति और सवाल पूछने के अधिकारपर एक व्यंग्यात्मक और विचारोत्तेजक प्रस्तुति है।जब किसी नारे को उसके संदर्भ से अलग करके देखा जाता है, तो सवाल उठता है — क्या शब्दों का अर्थ हमेशा एक ही होता है? क्या किसी एक समूह द्वारा इस्तेमाल किए गए नारे से वह नारा हमेशा के लिए उसी समूह का हो जाता है? झारखंड में छात्रों द्वारा “आज़ादी” जैसे नारों को लेकर उठे विवाद/विरोध के संदर्भ में यह गीत एक सीधा सवाल पूछता है — क्या हर “आज़ादी” का नारा एक जैसा है? भ्रष्टाचार से आज़ादी माँगना, पेपर लीक से आज़ादी माँगना, बेरोज़गारी से आज़ादी माँगना, नफ़रत से आज़ादी माँगना — इन सवालों पर भी बातचीत होनी चाहिए। यह गीत किसी व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र के खिलाफ नहीं है। यह सवाल पूछने, असहमति व्यक्त करने और लोकतांत्रिक संवाद के अधिकार पर एक रचनात्मक टिप्पणी है। ##आज़ादी#FreedomOfSpeech#ProtestSong #jharkhand students 🙏