बिहारी जी

Naman News
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13 hours ago
#क्राइम न्यूज #बिहार #📰 बिहार अपडेट #बाढ़ ##😢बिहार: जहरीली शराब से कई मौतें 🔴जहरीली शराब से चार मौतें और पुलिस की जल्दबाजी क्यों🤔 बाढ़ के बेढ़ना गांव में चार युवकों की मौत ने बिहार में शराबबंदी की पोल एक बार फिर खोल दी है। शराब पीने के बाद चार लोगों की एक साथ मौत हुई तो पहली आशंका जहरीली शराब की हुई। लेकिन पुलिस ने कुछ ही समय में इसे नया रूप दे दिया—शराब जहरीली नहीं थी, बल्कि शराब में जहर मिलाकर चार लोगों की हत्या की गई और इसके पीछे कथित प्रेम प्रसंग से पैदा हुई रंजिश थी। सवाल यह नहीं कि पुलिस की यह थ्योरी सही है या गलत। सवाल यह है कि क्या जांच पूरी होने से पहले पुलिस को इसे सार्वजनिक निष्कर्ष की तरह पेश करना चाहिए था? ग्रामीण एसपी के अनुसार मुख्य आरोपी ने पूछताछ में शराब में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि निशु का आरोपी की बहन से कथित प्रेम संबंध था और इसी रंजिश में यह साजिश रची गई। लेकिन आरोपी का बयान अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं होता। उसे स्वतंत्र साक्ष्यों से पुष्ट करना पड़ता है। और सबसे गंभीर बात—पुलिस ने इस कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ी महिला का नाम भी सार्वजनिक चर्चा में ला दिया। महिला ने इस आरोप से इनकार करते हुए पुलिस से सबूत मांगा है। किसी महिला की निजी जिंदगी को सार्वजनिक रूप से हत्या की वजह बताना मामूली बात नहीं है। @यदि पुलिस के पास मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, तस्वीरें, लोकेशन या अन्य ठोस प्रमाण हैं तो उसे जांच में शामिल किया जाए। अब महिला पुलिस से साक्ष्य माँग रही है नहीं तो वो पुलिस पर मान हानि का मुक़दमा करेगी। मामले में एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। मृतक पंकज के परिवार ने पुरानी हत्या के एक मामले में उसकी गवाही और कथित धमकी का हवाला दिया है। यह आरोप भी अभी सिद्ध नहीं है, लेकिन यह बताता है कि जांच को केवल प्रेम प्रसंग के कोण तक सीमित करना उचित नहीं होगा। शराब में जहर था तो एफएसएल बताएगा। जहर किसने खरीदा, उसका पता लगाया जाना चाहिए। किसने शराब में मिलाया, इसका वैज्ञानिक प्रमाण होना चाहिए। चारों ने वही शराब पी थी तो उनमें जहर की मात्रा क्या थी, यह सामने आना चाहिए। पांचवें व्यक्ति ने यदि वही शराब नहीं पी और वह बच गया, तो उसकी भूमिका और बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। सबसे बढ़कर यह पता लगना चाहिए कि हत्या की वजह वास्तव में क्या थी।लेकिन पुलिस के लिए सबसे आसान रास्ता एक कहानी बनाकर उसके आधार पर जांच आगे बढ़ाना है। कठिन रास्ता है—हर संभावना को खुला रखना और फिर सबूतों के आधार पर कहानी तक पहुंचना। बिहार में जहरीली शराब से मौत कोई नई बात नहीं। शराबबंदी के बावजूद शराब पहुंचती है, बिकती है और लोग मरते हैं। ऐसे में हर शराब से जुड़ी सामूहिक मौत को केवल स्थानीय विवाद या निजी रंजिश में बदल देना भी खतरनाक है। इससे उस बड़े सवाल से ध्यान हट सकता है कि आखिर जहरीला पदार्थ या अवैध शराब लोगों तक पहुंची कैसे। अगर यह हत्या है तो हत्यारे और साजिशकर्ता सामने आने चाहिए। अगर जहरीली शराब है तो उसके कारोबारी और संरक्षण देने वाले बेनकाब होने चाहिए। और अगर पुलिस की शुरुआती कहानी गलत साबित होती है तो जांच में जल्दबाजी करने वालों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। चार मौतों का सच किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस से तय नहीं होगा।सच एफएसएल की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों और अदालत में टिकने वाले प्रमाणों से तय होगा। पुलिस का काम सबसे पहले कहानी सुनाना नहीं है।पुलिस का काम सच तक पहुंचना है।
Naman News
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13 hours ago
#📰 बिहार अपडेट #बिहार #नाबालिक से दुष्कर्म #क्राइम न्यूज बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कार सवार तीन युवकों द्वारा अपहरण कर गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता रविवार को इलाज के लिए अकेले कुटुंबा अस्पताल जा रही थी, तभी रास्ते में गांव के ही तीन लड़कों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और मुंह में गमछा बांधकर सुनसान जगह (अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन की ओर) ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ गलत काम किया। दरिंदगी के दौरान एक आरोपी ने दावा किया कि 'तुम मेरी 22वीं शिकार हो'।आरोपियों द्वारा हत्या की साजिश रचने पर पीड़िता ने जान बख्शने की गुहार लगाई और कहा कि 'जब बुलाओगे आ जाऊंगी', जिसके बाद आरोपियों ने उसे घर से डेढ़ किलोमीटर पहले छोड़ दिया। परिजनों के साथ कुटुंबा थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर गठित SIT टीम ने कार्रवाई करते हुए 3 में से 2 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश में छापेमारी जारी है। पीड़िता को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Parmod Jain
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4 days ago
बिहार के एक परिवार ने नव विवाहित जोड़े के लिए घर में पूजा रखी. पूजा कराने के लिए एक बाबा को बुलाया गया. पूजा के दौरान लड़के के बाप ने एक विधि-विधान में मदद करनी चाही तो बाबा ने डंडा उठाया सट से दे मारा, डंडा लड़की को लगा मैं यह देख कर हैरान हूं कि आखिर ऐसी कौन-सी पूजा होती है और इस पुजारी को किसने हक़ दिया है इस तरह डंडा मारने को , कुछ ग़लत हो रहा था तो बता सकता था लेकिन इस तरह से डंडा मारना क्या सही है? क्या डंडा मारने वाली पूजा हो रही है? #बिहार
Parmod Jain
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7 days ago
बिहार के मधेपुरा से रक्षाबंधन के दिन हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शादी के करीब 19 दिन बाद पति अपनी पत्नी को मायके छोड़ने निकला था। चौसा बस स्टैंड पर पत्नी के कहने पर पति मिठाई लेने गया, लेकिन वापस लौटा तो पत्नी गायब मिली। पुलिस ने शिकायत के बाद मोबाइल लोकेशन और पूछताछ के आधार पर कथित प्रेमी तक पहुंचकर महिला को बरामद कर लिया। दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले किया गया। #बिहार