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राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस

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सुशील मेहता
1K views • 3 months ago
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है। वर्तमान परिपेक्ष्य में विभिन्न प्रजाति के जीव जंतु, प्राकृतिक स्रोत और वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा कि इन सबके पीछे क्या वजहें हैं? बढ़ती जनसंख्या, बढ़ता प्रदूषण, नष्ट होता पर्यावरण, प्रकृति और पर्यावरण का दोहन... ऐसे तमाम कारण हैं, जिनकी वजह से धरती पर जीवन का खतरा उत्पन्न हो रहा है, प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। प्रकृति के प्रति जिम्मेदारियों और जवाबदेहियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही हर साल विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। अब आप सोचेंगे कि प्रकृति संरक्षण की दिशा में आप क्या कर सकते हैं। आइए, चर्चा करते हैं कुछ प्रयासों पर, जिन्हें अपनी आदतों में ढाल कर हम और आप प्रकृति संरक्षण की दिशा में काफी कुछ कर सकते हैं। जल संरक्षण करें। पानी का दुरुपयोग करना बंद करें। जहां भी पानी बर्बाद हो रहा हो, उसे रोकें। नहाने के लिए, सफाई के लिए, गाड़ियां धोने के लिए बहुत ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें। ऊर्जा संरक्षण के लिए बिजली की बचत करें। काम होते ही बिजली के उपकरण बंद कर दें। गर्मी के दिनों में रात में कमरा ठंडा हो जाने पर एसी बंद भी कर सकते हैं। बिजली के साथ आपका बिजली बिल भी बचेगा। पेड़-पौधे हमारे लिए कितने जरूरी हैं, यह तो आप जानते ही हैं। इसलिए घरों और सार्वजनिक जगहों पर पेड़ जरूर लगाएं। उपहार स्वरूप पौधा देने की परंपरा शुरू कर सकते हैं। लोग ऐसी शुरुआत कर भी चुके हैं, जिसे बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की जरूरत है। बागवानी करें। खुद सब्जियां उगाएं। बाजार में मिल रही सब्जियां कीटनाशक और रसायनों का इस्तेमाल कर उगाई जाती हैं। ये रसायन पर्यावरण के लिए और ऐसी सब्जियां आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। ऐसी चीजों को खरीदें, जिसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सके और साथ ही वे प्रकृति में खुद से सड़-गल जाते हों। जैसे- पॉलीथिन की जगह कागज या जूट के बैग। #जागरूकता दिवस
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सुशील मेहता
583 views • 5 months ago
विश्व महासागर दिवस विश्व महासागर दिवस (अंग्रेज़ी: World Oceans Day) प्रतिवर्ष '8 जून' को मनाया विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 'विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस' प्रतिवर्ष '8 जून' को मनाया जाता है। इस दिवस को सबसे पहले 'जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन (डॉयचे हिरनट्यूमरहिल्फ़)' द्वारा मनाया गया था। चिकित्सा विशेषज्ञों का यह मानना है कि विश्व भर में हर दिन एक लाख में से दस लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं। 'ब्रेन ट्यूमर दिवस' पर विश्व के अनेक देशों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, जिनमें इस बीमारी के लक्षणों और इसके उपचार के बारे में आवश्यक जानकारियाँ दी जाती हैं। ब्रेन ट्यूमर सबसे घातक बीमारियों में गिनी जाती है। मस्तिष्क कैन्सर' यानी 'ब्रेन ट्यूमर' एक खतरनाक रोग है। समय रहते इसका उचित इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है। जब मानव शरीर में कोशिकाओं की अनावश्यक वृद्धि हो, लेकिन शरीर को इन अनावश्यक वृद्धि वाली कोशिकाओं की आवश्यकता न हो, तब इस अवस्था को ही कैंसर के नाम से जाना जाता है। ब्रेन के किसी हिस्से में पैदा होने वाली असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि ब्रेन ट्यूमर के रूप में प्रकट होती है। आखिर ब्रेन ट्यूमर होता क्‍या है और इसके लक्षण क्‍या हैं यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है, ताकि समय रहते इसका उपचार कराया जा सके. दरअसल, मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और यही ब्रेन ट्यूमर कहलाती हैं. यानी मस्तिष्‍क की कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने पर गांठ बन जाती है, यही ब्रेन ट्यूमर होता है. ब्रेन ट्यूमर की समस्‍या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्‍योंकि कई बार यह कैंसर की गांठ भी हो सकती है। है। समुद्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में की गई थी।[1] सन 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए 'पृथ्वी ग्रह' नामक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद और सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस संबंध में आधि‍कारिक मान्यता दिए जाने के बाद से यह दिवस मनाया जाने लगा है। विश्व महासागर दिवस मनाने का प्रमुख कारण विश्व में महासागरों के महत्व और उनकी वजह से आने वाली चुनौतियों के बारे में विश्व में जागरूकता पैदा करना है। इसके अलावा महासागर से जुड़े पहलुओं, जैसे- खाद्य सुरक्षा, जैव-विविधता, पारिस्थितिक संतुलन, सामुद्रिक संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग, जलवायु परिवर्तन आदि पर प्रकाश डालना है। महासागर हमारी पृथ्वी पर न सिर्फ जीवन का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी प्रमुख भूमिका अदा करता है। पृथ्वी पर जीवन का आरंभ महासागरों से माना जाता है। महासागरीय जल में ही पहली बार जीवन का अंकुर फूटा था। आज महासागर असीम जैव विविधता का भंडार है। हमारी पृथ्वी का लगभग 70 प्रतिशत भाग महासागरों से घिरा है। महासागरों में पृथ्वी पर उपलब्ध समस्त जल का लगभग 97 प्रतिशत जल समाया हुआ है। महासागरों की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि पृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशालपृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशाल महासागर मान लिया जाए तो उसकी तुलना में पृथ्वी के सभी महाद्वीप एक छोटे द्वीप से प्रतीत होंगे।पहला विश्व महासागर दिवस 8 जून, 2009 को मनाया गया था। इसके बाद से प्रतिवर्ष 8 जून को विश्व भर में 'विश्व महासागर दिवस' मनाया जाता है। यह दिवस सन 1992 में 'रियो डी जनेरियो' में हुए "पृथ्वी ग्रह" नामक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद और वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस सम्बंध में आधिकारिक मान्यता दिये जाने के बाद मनाया जाने लगा। महासागरों का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्त्व मानव के लिए इन्हें अतिमहत्त्वपूर्ण बनाता है। इसलिए महासागरों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से सन 1992 से प्रतिवर्ष 8 जून को "विश्व महासागर दिवस" के रूप में मनाया जाता है। #जागरूकता दिवस
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