सुशील मेहता
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सुशील मेहता
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दोहा बुल्लेशाह #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - GG दोहा ठाकुरद्वारे ठग्ग बसें , 05 मसीत भाईद्वार हरि के द्वारे भिक्ख बसें, 1 fa एह हमरी बुल्लेशाह D GG दोहा ठाकुरद्वारे ठग्ग बसें , 05 मसीत भाईद्वार हरि के द्वारे भिक्ख बसें, 1 fa एह हमरी बुल्लेशाह D - ShareChat
12 दिसंबर, 1997 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 26 जून को अत्याचार के शिकार लोगों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया। यह दिन दुनिया भर के राष्ट्रों, नागरिक समाजों और व्यक्तियों से आह्वान करने के लिए मनाया जाता है कि वे यातना के शिकार लोगों और उन पर अत्याचार करने वालों को अपना समर्थन दें। अत्याचार के शिकार लोगों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस लोगों को अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का मौका देता है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को अपनाना यह स्वीकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम था कि यातना और अमानवीय व्यवहार सार्वभौमिक रूप से अवैध होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने उस दिन के लिए एक लोगो भी बनाया था। इसमें जैतून की शाखाओं से घिरे विश्व मानचित्र (अंटार्कटिका के बिना) का एक प्रक्षेपण है, जो शांति का प्रतीक है। लोगो सफेद या हल्के पीले रंग की पृष्ठभूमि पर काले रंग में दिखाई देता है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को अपनाना यह स्वीकार करने में एक आवश्यक कदम था कि यातना और अमानवीय व्यवहार सार्वभौमिक रूप से अवैध होना चाहिए। यह दिन लोगों को अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का मौका देता है। संयुक्त राष्ट्र यातना को इस प्रकार परिभाषित करता है - "कोई भी कार्य जिसके द्वारा गंभीर दर्द या पीड़ा, चाहे वह शारीरिक या मानसिक हो, जानबूझकर किसी व्यक्ति को दी जाती है"।संयोग से, अत्याचार के शिकार लोगों के समर्थन में पहला अंतर्राष्ट्रीय दिवस 1998 में मनाया गया, जिसने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 50वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया। घोषणा में कहा गया है कि "किसी भी व्यक्ति को यातना या क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार या दंड के अधीन नहीं किया जाएगा"। यातना के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर, अत्याचार पीड़ितों के लिए अंतर्राष्ट्रीय पुनर्वास परिषद और एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित, पुनर्वास केंद्र और मानवाधिकार संगठन, अत्याचार के खिलाफ लोगों को संवेदनशील बनाने और यातना पीड़ितों के प्रति आबादी के बीच सहानुभूति पैदा करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इनमें फोटो प्रदर्शनियां, पोस्टर वितरण, सेमिनार, जागरूकता अभियान और टेलीविजन विज्ञापन आदि शामिल हैं। अत्याचार के पीड़ितों के लिए अपने स्वैच्छिक कोष के माध्यम से, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रक्षकों, शरणार्थियों और प्रवासियों, स्वदेशी लोगों, और यौन और लिंग आधारित हिंसा के शिकार लोगों का समर्थन करता है। #जागरूकता दिवस
जागरूकता दिवस - STOP TORTURE INTERNATIONAL DAY IN SUPPORT OF VICTIMS OF TORTURE 26 JUNE STOP TORTURE INTERNATIONAL DAY IN SUPPORT OF VICTIMS OF TORTURE 26 JUNE - ShareChat
अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण हेतु 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसम्बर, 1987 को प्रस्ताव संख्या 42/112 पारित कर हर वर्ष 26 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस' मानाने का निर्णय लिया था। यह एक तरफ़ लोगों में चेतना फैलाता है, वहीं दूसरी ओर नशे के लती लोगों के उपचार की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण कार्य करता है। 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' के अवसर पर मादक पदार्थ एवं अपराध से मुक़ाबले के लिए 'संयुक्त राष्ट्र संघ' का कार्यालय यूएनओडीसी एक नारा देता है। इस अवसर पर मादक पदार्थों से मुक़ाबले के लिए विभिन्न देशों द्वारा उठाये गये क़दमों तथा इस मार्ग में उत्पन्न चुनौतियों और उनके निवारण का उल्लेख किया जाता है। '26 जून' का दिन मादक पदार्थों से मुक़ाबले का प्रतीक बन गया है। इस अवसर पर मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी एवं सेवन के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराया जाता है। समाज में दिन-प्रतिदिन शराब, मादक पदार्थों व द्रव्यों के सेवन की बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोकने के लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा अभियान चलाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में बढ़ती हुई मद्यपान, तम्बाकू, गुटखा, सिगरेट की लत एवं नशीले मादक द्रव्यों, पदार्थों के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराना था, ताकि मादक द्रव्य एवं मादक पदार्थों के सेवन की रोकथाम के लिए उचित वातावरण एवं चेतना का निर्माण हो सके। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थ एवं गैर-कानूनी लेन-देन ज्यादा बढ़ जाने के कारण चिंता का विषय बन गया, तब यू।एन। जनरल असम्बली ने 7 दिसम्बर, 1987 में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं गैर-कानूनी लेने-देन विरोधी दिवस के रूप में मनाये जाने का निश्चय किया गया। इस दिवस के माध्यम से जन-साधारण को नशे के खतरे एवं नशे में गैर-कानूनी लेन-देन के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा उठाये जाने वाले कदमों को परिचित कराया जाना आवश्यक समझा। गया।। #जागरूकता दिवस
जागरूकता दिवस - नशा छोड़ें जीवन से नाता जोड़ें अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर हम सब मिलकर नशे के विरुद्ध आवाज उठाएँ और एक स्वस्थ सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण का संकल्प लें। २६ जून नशा छोड़ें जीवन से नाता जोड़ें अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर हम सब मिलकर नशे के विरुद्ध आवाज उठाएँ और एक स्वस्थ सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण का संकल्प लें। २६ जून - ShareChat
मोहर्रम मोहर्रम का महीना इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है। यह महीना शिया और सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह के 10वें दिन आशुरा मनाया जाता है। यह इस्लाम मजहब का प्रमुख त्योहार है। इस्लाम मजहब की मान्यता के अनुसार, कहा जाता है कि अशुरा के दिन इमाम हुसैन का कर्बला की लड़ाई में सिर कलम कर दिया था और उनकी याद में इस दिन जुलूस और ताजिया निकालने की रिवायत है। अशुरा के दिन तैमूरी रिवायत को मानने वाले मुसलमान रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों-अखाड़ों को दफन या ठंडा कर शोक मनाते हैं। इस दिन मस्जिदों पर फजीलत और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर विशेष तकरीरें होती हैं। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, अशुरा को मोहम्मद हुसैन के नाती हुसैन की शहादत के दिन रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को शिया और सुन्नी दोनों मुस्लिम समुदाय के लोग अपने-अपने तरीके से मनाते हैं। इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। यह कोई त्योहार नहीं बल्कि मातम का दिन है। जिसमें शिया मुस्लिम दस दिन तक इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं। इमाम हुसैन अल्लाह के रसूल यानी मैसेंजर पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे। मोहर्रम के दस दिनों तक बांस, लकड़ी का इस्तेमाल कर तरह-तरह से लोग इसे सजाते हैं और ग्यारहवें दिन इन्हें बाहर निकाला जाता है। लोग इन्हें सड़कों पर लेकर पूरे नगर में भ्रमण करते हैं सभी इस्लामिक लोग इसमें इकट्ठे होते हैं। इसके बाद इन्हें इमाम हुसैन की कब्र बनाकर दफनाया जाता है। एक तरीके से 60 हिजरी में शहीद हुए लोगों को एक तरह से यह श्रद्धांजलि दी जाती है। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - २६ जून २०२६ शुक्रवार मोहर्रंम "यौमे आशूरा" করনলা ক शहीदों को नमन ~[3 २६ जून २०२६ शुक्रवार मोहर्रंम "यौमे आशूरा" করনলা ক शहीदों को नमन ~[3 - ShareChat
राम लक्ष्मण द्वादशी द्वादशी हर चंद्रमाह के 12 वें दिन मनायी जाती है। ऐसा मानना है कि हर महीने में आने वाली द्वादशी को तुलसी के पेड़ की पूजा करना बहुत महत्वपूर्ण होता हैं। श्री रामलक्ष्मण द्वादशी की बात करें तो यह बहुत ही शुभ व्रत माना जाता है जो द्वादशी के दिन ही मनाया जाता है। ज्येष्ठ के महीने में और शुक्ल पक्ष के द्वादशी के दिन और निरजला एकादशी के बाद ही रामलक्ष्मण द्वादशी पड़ती है। वहीं, एक ग्रेगोरीयन कैलेंडर के अनुसार यह व्रत जून के महीने में ही पड़ता है। दरअसल त्रेता युग के समय, अयोध्या के शासक हुआ करते थे राजा दशरथ। उन्होंने रामलक्ष्मण द्वादाशी के दिन ही अपने वंस को आगे बढ़ाने के लिए भगवान से एक पुत्र के लिए प्रार्थना की थी। आखिरकार राजा दशरथ की प्रार्थना भगवान ने सुनी और अगले ही साल चैत्र मास नवमी के शुभ दिन भगवान राम का जन्म हुआ। इस खास दिन सारे भक्तजन व्रत रखते हैं ताकि उनके भी घर भगवान राम जैसा पुत्र जन्म लें और साथ ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाएं। आपको बता दें कि इस दिन श्री राम की पूजा बहुत ही धूम-धाम से होती है। बता दें कि कुछ राज्यों में जैसे कि उड़ीसा में लोग इस दिन रामलक्ष्मण द्वादाशी को चंपाका द्वादाशी के नाम से भी जानते हैं। पूरी के जगन्नाथ मंदिर में इस पर्व को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यही नहीं, उतकला ब्राह्मिण लोगों के लिए यह काफी शुभ और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस खास दिन लोग बड़ी श्रद्धा और लगन से सारी पूजा विधि-विधान से करते हैं और भगवान जगन्नाथ के सामने भोग भी चढ़ाते हैं, जिसे फिर प्रसाद के रूप में वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों को बांट दिया जाता है। चंपा के फूलों से पूजन करने से उसे विष्णु लोक में जगह मिलती है। चंपक द्वादशी पर किए गए विधिवत पूजन से व्यक्ति के सकल कार्य सिद्ध होते हैं। जो कार्य लंबे समय से लंबित पड़ें हैं वो जल्द ही संपूर्ण होकर सिद्ध भी होते हैं। भगवान विट्ठलेश श्रीकृष्ण का विधिवत पूजन कर उन पर चंपा फूलों के फूलों की माला चढ़ाएं अगर चंपा के फूल संभव न हों तो पीले-सफ़ेद फूलों की माला चढाएं यह उपाय मध्यान के समय करें। पूजा संपूर्ण होने के बाद हल्दी अथवा पीत चंदन की माला से इस मंत्र का तेह संभव जाप करें। जल्द ही सकल कार्य सिद्ध होंगे। यह मंत्र देवऋषि नारद द्वारा रचित पञ्चरात्रे कृष्ण स्तोत्र से है। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - २६ जून २०२६ शुक्रवार राम ही सत्य हैं, राम ही शिव हैं, राम ही सुंदर हैं, राम ही जीवन हैं IGIII I @183{0[ द्वादशी की हार्दिक शुभकामनाएं ! भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्रदान करें। जय श्री राम २६ जून २०२६ शुक्रवार राम ही सत्य हैं, राम ही शिव हैं, राम ही सुंदर हैं, राम ही जीवन हैं IGIII I @183{0[ द्वादशी की हार्दिक शुभकामनाएं ! भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्रदान करें। जय श्री राम - ShareChat
कुण्डली पलटू साहिब #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "ক্রুণ্ডলী" प्रेम बान जा के लगा सो जानैगा पीर सो जनैगा पीर काह मूरख से कहिये तिल भरि लगै न ज्ञान ताहि से चुप मै रहिये लाख कहै समुझाय बचन मूरख नहिं मानै तासे कहा बसाय ठान जो अपनी ठानै जोहि के जगत पियार ताहि से भक्ति न आवै सतसंगति से बिमुख और के सन्मुख धावै जिन कर हिया कठोर है ' पलटू धसै न तीर प्रेम बान जा के लगा सो जनेगा पीर (पलटू साहिब) Want Motivational Videos App "ক্রুণ্ডলী" प्रेम बान जा के लगा सो जानैगा पीर सो जनैगा पीर काह मूरख से कहिये तिल भरि लगै न ज्ञान ताहि से चुप मै रहिये लाख कहै समुझाय बचन मूरख नहिं मानै तासे कहा बसाय ठान जो अपनी ठानै जोहि के जगत पियार ताहि से भक्ति न आवै सतसंगति से बिमुख और के सन्मुख धावै जिन कर हिया कठोर है ' पलटू धसै न तीर प्रेम बान जा के लगा सो जनेगा पीर (पलटू साहिब) Want Motivational Videos App - ShareChat
चाणक्य का वचन #संतो के ज्ञान वर्धक वचन
संतो के ज्ञान वर्धक वचन - अपनी ही गलतियों fag से सीखने के जीवन छोटा पड़ सकता है। समझदारी इसी में है कि दूसरों की गलतियों और अनुभवों से सीख लें। चाणक्य Want Motivational Videos App अपनी ही गलतियों fag से सीखने के जीवन छोटा पड़ सकता है। समझदारी इसी में है कि दूसरों की गलतियों और अनुभवों से सीख लें। चाणक्य Want Motivational Videos App - ShareChat
शुभ शुक्रवार #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - महालक्ष्म्यै नमोः नमः 3 9|| ताकत आवाज में नहीं अपने विचारों में रखो क्योंकि फसल बारिश से होती हैं , बाढ़ से नहीं | रश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही भावना देखें , संभावना नहीं शर्त है EEETఊIొ 26/06/2026 शुभ {H@ लाभ जय माता दी যাম-লঃসতা द्वादशी शुभ कामनाएं की कृपा माता लक्ष्मी जीः आप और आपके परिवार परसदा बनी रहे !! अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस App Motivational Videos Want महालक्ष्म्यै नमोः नमः 3 9|| ताकत आवाज में नहीं अपने विचारों में रखो क्योंकि फसल बारिश से होती हैं , बाढ़ से नहीं | रश्ते बरकरार रखने की सिर्फ एक ही भावना देखें , संभावना नहीं शर्त है EEETఊIొ 26/06/2026 शुभ {H@ लाभ जय माता दी যাম-লঃসতা द्वादशी शुभ कामनाएं की कृपा माता लक्ष्मी जीः आप और आपके परिवार परसदा बनी रहे !! अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस App Motivational Videos Want - ShareChat