विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
विश्व भर में प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया गया. इस अवसर पर उपभोक्ताओं को उनके कन्ज्यूमर राइट्स अथवा उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इस दिवस को मनाये जाने का उद्देश्य ग्राहकों को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाना और उन्हें जागरुक बनाना है।
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस दुनिया भर के देशों द्वारा मानवाधिकारों पर सम्मेलन आयोजित करके और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न तरीकों पर चर्चा आयोजित करके मनाया जाता है। • विश्व में पहली बार भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी द्वारा 15 मार्च 1983 को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया था.
• कैनेडी ने अपने भाषण में पहली बार उपभोक्ता अधिकारों की परिभाषा को रेखांकित किया. वे विश्व के पहले व्यक्ति माने जाते हैं जिन्होंने औपचारिक रूप से 'उपभोक्ता अधिकारों' को परिभाषित किया था. इसके बाद प्रतिवर्ष इसे 15 मार्च से मनाया जाने लगा है।
• गौरतलब है कि भारत में प्रतिवर्ष 24 दिसंबर, को ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ मनाया जाता है। । #जागरूकता दिवस
पापमोचिनी एकादशी
चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में जो एकादशी पड़ती है उसे पापमोचिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखना बेहद शुभफलदायी माना गया है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मन का मैल साफ हो जाता है।
पापमोचिनी एकादशी के बारे में शास्त्रों में बताया गया है कि इस व्रत को करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर किया जा सकता है और इसके साथ ही मन के बुरे विचार भी नष्ट हो जाते हैं। पापमोचिनी एकादशी का व्रत करने वाले जातकों का चंद्रमा भी शुभ फल देता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पीले फूलों से पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। कुछ लोग इस दिन पूर्ण उपवास करते हैं तो कुछ लोग इस दिन एक पहर भोजन करके व्रत करते हैं। इस दिन नवग्रहों की पूजा करना सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन व्रत करने वाले जातकों को संसार के सभी सुख प्राप्त होते हैं। #शुभ कामनाएँ 🙏
मीन संक्रांति
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों का राशि परिवर्तन तो इसका व्यापक प्रभाव मनुष्यों के जीवन पर पड़ता है। सभी 09 ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन करते रहते हैं। इसी में सभी ग्रहों के राजा भगवान सूर्यदेव भी है जो एक महीने के अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सूर्य के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। सालभर में कुल 12 संक्रांतियां पड़ती है। सूर्यदेव जिस राशि में भ्रमण करते हैं उस नाम से संक्राति कहा जाता है। सूर्यदेव अभी कुंभ राशि की यात्रा पर है ऐसे में यह कुंभ संक्रांति कहलाएगी। इसके बाद यानी 15 मार्च को सूर्यदेव मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे तब इस मीन संक्रांति वैसे तो सभी संक्रांतियों का विशेष महत्व होता है लेकिन मीन संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान करने पर विशेष रूप से फलदायी मानी गई है। इस दिन सुबह जल्दी से उठकर भगवान सूर्यदेव की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। ज्योतिष में सूर्यदेव को आत्मा और मान-सम्मान का कारक ग्रह माना गया है इसलिए संक्रांति पर गंगा स्नान और सूर्यदेव की पूजा करने पर पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। संक्रांति के दिन में गुप्त शत्रुओं का नाश करने और मन से नकारात्मक ऊर्जा का दूर करने के लिए आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।मीन संक्रांति
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों का राशि परिवर्तन तो इसका व्यापक प्रभाव मनुष्यों के जीवन पर पड़ता है। सभी 09 ग्रह समय-समय पर राशि परिवर्तन करते रहते हैं। इसी में सभी ग्रहों के राजा भगवान सूर्यदेव भी है जो एक महीने के अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सूर्य के गोचर को संक्रांति कहा जाता है। सालभर में कुल 12 संक्रांतियां पड़ती है। सूर्यदेव जिस राशि में भ्रमण करते हैं उस नाम से संक्राति कहा जाता है। सूर्यदेव अभी कुंभ राशि की यात्रा पर है ऐसे में यह कुंभ संक्रांति कहलाएगी। इसके बाद यानी 15 मार्च को सूर्यदेव मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे तब इस मीन संक्रांति वैसे तो सभी संक्रांतियों का विशेष महत्व होता है लेकिन मीन संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान करने पर विशेष रूप से फलदायी मानी गई है। इस दिन सुबह जल्दी से उठकर भगवान सूर्यदेव की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। ज्योतिष में सूर्यदेव को आत्मा और मान-सम्मान का कारक ग्रह माना गया है इसलिए संक्रांति पर गंगा स्नान और सूर्यदेव की पूजा करने पर पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। संक्रांति के दिन में गुप्त शत्रुओं का नाश करने और मन से नकारात्मक ऊर्जा का दूर करने के लिए आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।
#शुभ कामनाएँ 🙏













