*एक गरीब ठेलेवाले की कहानी :-*
*एक अमीर आदमी और उसकी पत्नी अपनी शादी की पाँचवी सालगिरह बड़े ही धूम-धाम से मनाना चाहते थे. इस ख़ुशी के अवसर पर उन्होंने एक शानदार पार्टी आयोजित की थी. दोनों पार्टी के लिए बेहद उत्साहित थे और जोर-शोर से उसकी तैयारियाँ कर रहे थे।*
*पार्टी के कुछ दिन पहले दोनों ने बाज़ार जाकर ढेर सारी शॉपिंग की. अपने खरीदे गए सामान को घर पहुँचाने के लिए उन्होंने एक ठेला गाड़ी की ज़रूरत थी. सड़क किनारे खड़ा हुआ एक बूढ़ा गरीब ठेला गाड़ी वाला उन्हें दिखाई पड़ा. उसके कपड़े फटे हुए थे, शरीर कमज़ोर था और ऐसा लग रहा था कि मानो कई दिनों से वो भूखा है. उसकी हालत देखकर कोई भी ये अंदाज़ा लगा सकता था कि बड़ी ही मुश्किल से वो दो वक़्त की रोटी जुटा पाता होगा।*
*अमीर आदमी ने उस बूढ़े ठेला गाड़ी वाले से सामान घर पहुँचाने की बात करते हुए पैसों के बारे में पूछा. तो उसने बाज़ार की दर से बहुत की कम पैसे बताये. लेकिन फिर भी अमीर आदमी मोल-भाव करने लगा. कुछ देर मोल-भाव करने के बाद उसने बहुत ही कम कीमत पर ठेला गाड़ी वाले को राज़ी कर लिया. गरीबीवश बूढ़ा व्यक्ति कम पैसों में ही सामान पहुँचाने के लिए मान गया।*
*अमीर व्यक्ति ने बूढ़े ठेले वाले को पेशगी में कुछ राशि दी और अपना पता बताकर उसे सामान वहाँ पहुँचाने का कहकर अपनी पत्नि के साथ घर चला आया. घर आकर दोनों पति-पत्नि सामान आने का इंतज़ार करने लगे. बहुत देर इंतज़ार करने के बाद भी जब बूढ़ा आदमी सामान लेकर नहीं पहुँचा, तो दोनों को चिंता होने लगी।*
*पत्नि अपने पति पर गुस्सा फूट पड़ा, “मैं आपसे हमेशा कहती हूँ कि ऐसे लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए. आपने देखा नहीं था उस बूढ़े को. कितना गरीब लग रहा था. दो वक़्त का खाना भी शायद ही जुगाड़ पाता होगा और आपने इतने कीमती सामान उसके हाथों में सौंप दिए. मुझे तो लगता है कि वो सामान लेकर चंपत हो गया है. हमें तुरंत मार्केट जाकर उसका पता लगाना चाहिए या पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।"*
*पति को पत्नि की बात ठीक लगी और दोनों मार्केट के लिए निकल गए. मार्केट पहुँचने के ठीक पहले उन्हें एक ठेला वाला दिखाई पड़ा. ध्यान से देखने पर उन्हें अपना ही सामान उसके ठेले पर लदा हुआ दिखा दिया. वे तुरंत उस ठेला गाड़ी वाले के पास पहुँचे और उसे रोक लिया.*
*अमीर व्यक्ति की पत्नि पहले से ही गुस्से से भरी हुई थी, वो सोचने-समझने का मौका दिए बगैर ही उस ठेले वाले पर चिल्लाने लगी, “ऐ, हमारा सामान लेकर कहाँ जा रहे हो? और वो बूढ़ा चोर कहाँ है? हमने उस पर इतना भरोसा करके अपना कीमती सामान घर पहुँचाने के लिए उसे दिया और उसने हमारा सामान चोरी कर लिया. अब तुम्हारे साथ मिलकर वो उसे बेच रहा है. मैं अभी पुलिस को कॉल करती हूँ. जेल की चक्की पीसोगे तुम लोग.”*
*इतनी खरी-खोटी सुनने के बाद उस ठेले वाले से रहा न गया और वो बोल पड़ा, “मैडम, आप अमीर लोग हम गरीब लोगों को चोर ही समझते हैं. क्या करें आप लोगों की सोच ही ऐसी होती है. आप जिसे बूढ़े पर चोरी का इल्ज़ाम लगा रही हैं. वो कई दिनों से भूखा था, उसका शरीर कमज़ोर हो चुका था. उसकी बूढ़ी हड्डियाँ उसका इतना साथ नहीं दे पाई कि वो आपका सामान आपके घर पहुँचा पाता. उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. लेकिन मरने के पहले उसने मुझे आपके दिए एडवांस के पैसे दिए और पता बताकर मुझे आपका सामान आपके घर पहुँचाने के लिए कहा. मैं तो वही कर रहा था, आपका सामना आपके घर पहुँचा रहा था. मैडम हम लोग गरीब ज़रूर है, पर चोर नहीं.”*
*यह बात सुनकर अमीर आदमी की आँखें भर आई. उनकी पत्नि इतनी शर्मसार हुई कि उसकी हिम्मत ही नहीं हुई कि वह उस ठेले वाले से या अपने पति से आँखें मिला पाए।*
*-रामकृपा-* #किस्से-कहानी

