बिनोद कुमार शर्मा
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बिनोद कुमार शर्मा
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#टुण्डिराज गणेश चतुर्थी
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#श्री रामलला दर्शन अयोध्या
श्री रामलला दर्शन अयोध्या - आज के दर्शन श्री रामलला , अयोध्या धाम २१ फरवरी २०२६ Binod kumav Shavnal आज के दर्शन श्री रामलला , अयोध्या धाम २१ फरवरी २०२६ Binod kumav Shavnal - ShareChat
#जय माँ विंध्यवासिनी🙏🏻🚩
जय माँ  विंध्यवासिनी🙏🏻🚩 - 0 फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - चतुर्थी, संवत् २०८२, दिन शनिवार, २१ फरवरी २०२६८ * *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* 0 फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - चतुर्थी, संवत् २०८२, दिन शनिवार, २१ फरवरी २०२६८ * *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* - ShareChat
#जय महाकाल दर्शन।।
जय महाकाल दर्शन।। - जय श्री महाकाल *श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन* फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि चतुर्थी, संवत् २०८२, दिन - शनिवार, २१ फरवरी २०२६ ऊँ नमः शिवाय* शरी महाकालेश्वर भर्म आरती द्शेनि जय श्र अहकाल जय श्री महाकाल *श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन* फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि चतुर्थी, संवत् २०८२, दिन - शनिवार, २१ फरवरी २०२६ ऊँ नमः शिवाय* शरी महाकालेश्वर भर्म आरती द्शेनि जय श्र अहकाल - ShareChat
*एक साधु की प्रेरक कहानी* *जीवन में हम जो चाहते हैं वही हमें मिलता है। यह बात सुनने में बहुत आसान लगती है लेकिन इसका गहरा मतलब बहुत कम लोग समझ पाते हैं। आज हम आपको एक ऐसे साधु की कहानी सुनाएंगे जो रोज़ घाट के किनारे बैठकर चिल्लाया करता था, जो चाहोगे सो पाओगे। इस कहानी में छुपा संदेश आपकी ज़िंदगी बदल सकता है और आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।* *घाट के किनारे एक साधु* *गंगा नदी के किनारे एक छोटा सा गाँव था। उस गाँव में एक बूढ़े साधु रहते थे। वो रोज़ सुबह घाट पर बैठ जाते थे और लोगों से कहते थे, जो चाहोगे सो पाओगे। लोग उनकी बात सुनते थे, कुछ हँसते थे, कुछ उन्हें पागल समझते थे लेकिन कोई भी उनकी बात को गंभीरता से नहीं लेता था।* *साधु बाबा की आदत थी कि वो जो भी उनके पास आता था उससे पूछते थे, बेटा तुम क्या चाहते हो? और जवाब सुनने के बाद कहते थे, जो चाहोगे सो पाओगे। इस बात को सुनकर कुछ लोग खुश होते थे, कुछ उन्हें मूर्ख समझते थे।* *मोहन की मुलाकात* *एक दिन मोहन नाम का एक युवक घाट पर पहुँचा। वो बहुत परेशान दिख रहा था। उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं और आँखों में उदासी थी। साधु बाबा ने उसे देखा और पास बुलाया।* *साधु बाबा ने पूछा, बेटा क्या हुआ, तुम इतने परेशान क्यों हो? मोहन ने कहा, बाबा मेरी ज़िंदगी में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। न नौकरी मिल रही है, न पैसा है, घर में झगड़े होते रहते हैं। मुझे लगता है कि मेरी किस्मत ही खराब है।* *साधु बाबा मुस्कुराए और बोले, बेटा जो चाहोगे सो पाओगे। मोहन ने गुस्से में कहा, बाबा मैं अच्छी ज़िंदगी चाहता हूँ, खुशियाँ चाहता हूँ, पैसा चाहता हूँ लेकिन मुझे कुछ नहीं मिल रहा।* *साधु बाबा की सीख* *साधु बाबा ने धीरे से मोहन का हाथ पकड़ा और कहा, बेटा तुम झूठ बोल रहे हो। तुम अच्छी ज़िंदगी नहीं चाहते, तुम सिर्फ परेशानियों के बारे में सोचते हो। सुबह उठते ही तुम्हारी पहली सोच यही होती है कि आज फिर क्या गलत होगा। दिन भर तुम बस अपनी तकलीफों को गिनते रहते हो।* *मोहन चुप हो गया क्योंकि बात सच थी। साधु बाबा ने आगे कहा, तुम हर वक्त यही सोचते हो कि मेरे पास पैसा नहीं है, मुझे नौकरी नहीं मिल रही, मेरी किस्मत खराब है। और जो तुम सोचते हो वही तुम्हें मिलता है। तुम परेशानी चाहते हो और वही तुम्हें मिल रही है।* *सोच बदलो, ज़िंदगी बदल जाएगी* *साधु बाबा ने समझाया, बेटा ज़िंदगी एक आईने की तरह है। जो तुम उसे दिखाओगे वही वो तुम्हें दिखाएगी। अगर तुम हर वक्त दुख की बात सोचोगे तो दुख ही मिलेगा। अगर तुम खुशी की बात सोचोगे, अच्छी चीज़ों के बारे में सोचोगे तो वो भी तुम्हारे पास आएंगी।* *मोहन ने पूछा, लेकिन बाबा मेरे पास तो अभी कुछ भी नहीं है, मैं कैसे खुश रहूँ? साधु बाबा बोले, तुम्हारे पास दो आँखें हैं, दो हाथ हैं, दो पैर हैं, सोचने के लिए दिमाग है, काम करने के लिए ताकत है। दुनिया में कितने लोग ये सब चीज़ें पाने के लिए तरसते हैं। पहले इनका शुक्र अदा करो, फिर देखो कैसे तुम्हारी ज़िंदगी बदलती है।* *मोहन की नई शुरुआत* *उस दिन से मोहन ने अपनी सोच बदलनी शुरू की। सुबह उठते ही वो साधु बाबा की बात याद करता था और सोचता था कि आज का दिन अच्छा रहेगा। जब भी कोई परेशानी आती थी तो वो खुद से कहता था कि यह समस्या नहीं, एक मौका है सीखने का।* *धीरे धीरे मोहन का रवैया बदलने लगा। लोग उसे पहले से ज़्यादा खुश और सकारात्मक देखने लगे। उसकी इसी सकारात्मक सोच को देखकर एक व्यापारी ने उसे अपनी दुकान में काम पर रख लिया। मोहन ने मेहनत से काम किया और कुछ ही महीनों में उसकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई।* *साधु बाबा का आशीर्वाद-* *एक साल बाद मोहन फिर से घाट पर गया। इस बार उसके चेहरे पर मुस्कान थी और आँखों में चमक थी। उसने साधु बाबा के पैर छुए और कहा, बाबा आपने सच कहा था, जो चाहोगे सो पाओगे। मैंने अपनी सोच बदली और मेरी ज़िंदगी बदल गई।* *साधु बाबा ने प्यार से उसका सिर सहलाया और बोले, बेटा यह तो मैं पहले दिन ही कह रहा था। तुम सिर्फ समस्याओं के बारे में सोचते थे तो समस्याएं मिलती थीं। अब तुम समाधान और खुशियों के बारे में सोचते हो तो वही मिल रहा है।* *कहानी का संदेश-* *यह कहानी हमें यह सिखाती है कि हमारे जीवन में जो कुछ भी घटता है वो हमारी सोच का नतीजा होता है। अगर हम हर वक्त नकारात्मक बातें सोचेंगे, दुख के बारे में सोचेंगे तो वही हमारे पास आएगा। लेकिन अगर हम सकारात्मक सोचेंगे, अच्छी बातों पर ध्यान देंगे तो खुशियाँ खुद ब खुद हमारे पास आएंगी।* *बहुत से लोग साधु बाबा की बात पर ध्यान नहीं देते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि यह बस एक पागल बूढ़े की बातें हैं। लेकिन जिन्होंने इस बात को समझा और अपनी ज़िंदगी में उतारा, उनकी ज़िंदगी बदल गई।* *आज से बदलाव शुरू करें* *अगर आप भी अपनी ज़िंदगी में बदलाव चाहते हैं तो आज से ही अपनी सोच बदलना शुरू करें। सुबह उठते ही अच्छी बातें सोचें, अपने पास जो है उसका शुक्र अदा करें। परेशानियों को समस्या नहीं बल्कि मौका समझें। आप देखेंगे कि धीरे धीरे आपकी ज़िंदगी में बदलाव आने लगेगा।* *याद रखें, जो चाहोगे सो पाओगे। यह सिर्फ एक कहावत नहीं है, यह ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है।* *-रामकृपा-* #किस्से-कहानी
#👌 अच्छी सोच👍
👌 अच्छी सोच👍 - *दुःख से बढ़कर इंसान का कोई और दुश्मन नहीं है, मन में उत्साह हो तो कोई कमजोर इंसान भी किसोी दुर्लभ काम को आसानी से कर सकता है।-रामकृपा * *सच्चा प्यार और रिश्ता वो है जो आपको जैसे आप हैंवैसे ही स्वीकार करे। अगर आपको अपनी पहचान खोनो पड़ रहो हैकिसो रिश्ते में तो उस रिश्ते को वहों छोड़ देना ही बेहतर है।-रामकृपा ' *दुःख से बढ़कर इंसान का कोई और दुश्मन नहीं है, मन में उत्साह हो तो कोई कमजोर इंसान भी किसोी दुर्लभ काम को आसानी से कर सकता है।-रामकृपा * *सच्चा प्यार और रिश्ता वो है जो आपको जैसे आप हैंवैसे ही स्वीकार करे। अगर आपको अपनी पहचान खोनो पड़ रहो हैकिसो रिश्ते में तो उस रिश्ते को वहों छोड़ देना ही बेहतर है।-रामकृपा ' - ShareChat
🌹🌷🙏 #शुभ शनिवार 🙏🌷🌹
शुभ शनिवार - शुभ शनिवार 3 21/02/26 अंजनीगर्भ नमस्ते संभूत सर्वभक्षाय वलीमुखाय कपीन्द्र सचिवोत्तम नमोडस्तुते। रामप्रिय सूर्यपुत्र नमस्तेडस्तु नमस्तुभ्यं भास्करे भय हनुमन् रक्ष सर्वदा दायच। ~ऊँ शं शनैश्चराय नमः~ 563#7=#:~ ~32 ~प्रातः नमन्~ रामकृपा श्री शनिदेव एवं हनुमान जी के असीम सुखी, स्वस्थ आप सदा कृपा से व आनंदित रहे शुभ शनिवार 3 21/02/26 अंजनीगर्भ नमस्ते संभूत सर्वभक्षाय वलीमुखाय कपीन्द्र सचिवोत्तम नमोडस्तुते। रामप्रिय सूर्यपुत्र नमस्तेडस्तु नमस्तुभ्यं भास्करे भय हनुमन् रक्ष सर्वदा दायच। ~ऊँ शं शनैश्चराय नमः~ 563#7=#:~ ~32 ~प्रातः नमन्~ रामकृपा श्री शनिदेव एवं हनुमान जी के असीम सुखी, स्वस्थ आप सदा कृपा से व आनंदित रहे - ShareChat
#जय महाकाल दर्शन।।
जय महाकाल दर्शन।। - जय श्री महाकाल *श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का सायंकालीन आरती श्रृंगार दर्शन* *७ फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - तृतीया, संवत् २०८२, दिन शुक्रवार, २० फरवरी २०२६७ * ऊँ नमः शिवाय* श्री महाकालेश्वर संध्या आरती दर्शन  जय श्री महाकाल *श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का आज का सायंकालीन आरती श्रृंगार दर्शन* *७ फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - तृतीया, संवत् २०८२, दिन शुक्रवार, २० फरवरी २०२६७ * ऊँ नमः शिवाय* श्री महाकालेश्वर संध्या आरती दर्शन - ShareChat
#श्री रामलला दर्शन अयोध्या
श्री रामलला दर्शन अयोध्या - आज कैे दर्शन श्री रामलला , अयोध्या धाम २० फरवरी २०२६ Binod kumar Sharma आज कैे दर्शन श्री रामलला , अयोध्या धाम २० फरवरी २०२६ Binod kumar Sharma - ShareChat
#जय माँ विंध्यवासिनी🙏🏻🚩
जय माँ  विंध्यवासिनी🙏🏻🚩 - फ फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - तृतीया, संवत् २०८२, दिन २० फरवरी २०२६८ * शुक्रवार *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* फ फाल्गुन, शुक्ल पक्ष, तिथि - तृतीया, संवत् २०८२, दिन २० फरवरी २०२६८ * शुक्रवार *जय जय मैय्या विंध्यवासिनी की* - ShareChat