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#guljar ki shayari #Gulzar ki shyari #🎤 महफिल ए शायरी #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
guljar ki shayari - सोलवेदा समेट लो इन नाज़ुक पलों को ना जाने ये लम्हें हो ना हो, हो भी ये लम्हें क्या मालूम शामिल उन पलो में, हम हो ना हो। गुलज़ार  hindl soulvedacom सोलवेदा समेट लो इन नाज़ुक पलों को ना जाने ये लम्हें हो ना हो, हो भी ये लम्हें क्या मालूम शामिल उन पलो में, हम हो ना हो। गुलज़ार  hindl soulvedacom - ShareChat

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