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#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🕌 मक्का मदीना 🤲
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - बाल चाहे कितने भी घने हों , हल्के तो होते ही हैं। अगर वे भारी होते, तो शायद सबको गंजा होना पडता | बाहर से चाहे कोई काला हो या सफेद, सबके अंग से एक जैसे ही होते हैं। अगर पेट में अंदर जगह न होती , तो इंसान दिन भर खाता रहता, लेकिन एक सीमा के बाद खाना बंद हो जाता है। मनुष्य के अस्तित्व की किसकी रचना है? बेशक, वह पूर्णता महान रचनाकार केवल अल्लाह ही है। ज़रूर सुभान अल्लाह बाल चाहे कितने भी घने हों , हल्के तो होते ही हैं। अगर वे भारी होते, तो शायद सबको गंजा होना पडता | बाहर से चाहे कोई काला हो या सफेद, सबके अंग से एक जैसे ही होते हैं। अगर पेट में अंदर जगह न होती , तो इंसान दिन भर खाता रहता, लेकिन एक सीमा के बाद खाना बंद हो जाता है। मनुष्य के अस्तित्व की किसकी रचना है? बेशक, वह पूर्णता महान रचनाकार केवल अल्लाह ही है। ज़रूर सुभान अल्लाह - ShareChat