ShareChat
click to see wallet page
search
#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - & "g7' ಪತತ' पहुँचाने का भाव रखते हैं, तो सबसे जब हम किसी पहले हमारी अपनी मानसिक शांति भंग होती है। यानी पाप का दंड Tw उसी क्षण मिलना शुरू हो जाता है जब विचार मन में आता है..!! भी हम किसी को दुख पहुंचाना चाहते हैं है पाप? दूसरे | ٩ जब विचार में या कृत्य में, तभी पाप घटित हो जाता है।जो व्यक्ति दूसरे Hi को दुख पहुंचाना चाहता है, कृत्य में या भाव में, वह पाप में ग्रसित हो जाता है। जो व्यक्ति इस पृथ्वी पर किसी को भी दुख नहीं Tu पहुंचाना चाहता , कृत्य में या विचार में, वह पाप के बाहर हो जाता है। अगर मन में किसी का बुरा करने की इच्छा आ गई, तो भले ही कृत्य न आध्यात्मिक स्तर पर वह ऊर्जा नकारात्मक हो गई। Gu हुआ हो, लेकिन विचार ने अपना प्रभाव तुम पर छोड़ दिया। पुत्तर मेरी बातों का मूल मंत्र यही है कि अहिंसा और किसी का 0 आत्म सम्मान " ही जीवन का सही मार्ग है। जब आप किसी का बुरा नहीं चाहते , तो आप पाप से मुक्त हैं और तुमको उसी धैर्य का उपयोग खुद को फिर से पाने के लिए करना चाहिए..! !अँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! & "g7' ಪತತ' पहुँचाने का भाव रखते हैं, तो सबसे जब हम किसी पहले हमारी अपनी मानसिक शांति भंग होती है। यानी पाप का दंड Tw उसी क्षण मिलना शुरू हो जाता है जब विचार मन में आता है..!! भी हम किसी को दुख पहुंचाना चाहते हैं है पाप? दूसरे | ٩ जब विचार में या कृत्य में, तभी पाप घटित हो जाता है।जो व्यक्ति दूसरे Hi को दुख पहुंचाना चाहता है, कृत्य में या भाव में, वह पाप में ग्रसित हो जाता है। जो व्यक्ति इस पृथ्वी पर किसी को भी दुख नहीं Tu पहुंचाना चाहता , कृत्य में या विचार में, वह पाप के बाहर हो जाता है। अगर मन में किसी का बुरा करने की इच्छा आ गई, तो भले ही कृत्य न आध्यात्मिक स्तर पर वह ऊर्जा नकारात्मक हो गई। Gu हुआ हो, लेकिन विचार ने अपना प्रभाव तुम पर छोड़ दिया। पुत्तर मेरी बातों का मूल मंत्र यही है कि अहिंसा और किसी का 0 आत्म सम्मान " ही जीवन का सही मार्ग है। जब आप किसी का बुरा नहीं चाहते , तो आप पाप से मुक्त हैं और तुमको उसी धैर्य का उपयोग खुद को फिर से पाने के लिए करना चाहिए..! !अँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! - ShareChat