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#🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🕋इस्लामिक दुआ 🤲 - 5dl4 गुनार्हों के बाद भी अगर दुआ की तौफीक है॰॰॰  अगर तू गुनाह कर चुका है, लेकिन फिर भी तुझे दुआ की तौफीक मिल रही है। तो समझ ले, ತಷಾಹಕ तुझसे नाराज़ नहीं, बल्कि तुझे का रास्ता दे हैॉये सबसे बड़ी रहा निशानी है कि रब अभी भी तुझे अपना मानता है। दुआ वही कर पाता है जिसका दिल पूरी तरह नहीं मरा होता। रो॰ तौबा कर, सजदे में गिर - और देख कैसे ' যল पारी कुछ नहीं - लगाता है। सिवाय अल्लाह की रहमत के। 5dl4 गुनार्हों के बाद भी अगर दुआ की तौफीक है॰॰॰  अगर तू गुनाह कर चुका है, लेकिन फिर भी तुझे दुआ की तौफीक मिल रही है। तो समझ ले, ತಷಾಹಕ तुझसे नाराज़ नहीं, बल्कि तुझे का रास्ता दे हैॉये सबसे बड़ी रहा निशानी है कि रब अभी भी तुझे अपना मानता है। दुआ वही कर पाता है जिसका दिल पूरी तरह नहीं मरा होता। रो॰ तौबा कर, सजदे में गिर - और देख कैसे ' যল पारी कुछ नहीं - लगाता है। सिवाय अल्लाह की रहमत के। - ShareChat