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#☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝अनमोल ज्ञान - हमें पहले ध्यान की पहचान अपने राधे शरीर को कराना होती है। सर्वप्रथन तो राधे स्नानआदि करके अपने शरीरको स्वच्छ और पवित्र करलें। बादमें अपने आराध्य का फोटो पश्चिम दिशाकी ओर मुँह करके रखें। यानी आप जब उसके सामने बैठें तो आपका मुँह पूर्व की दिशा की ओरहो। फ़ोटो को किसी (zff) पर स्थापित करें टेबल या 3ತf ।उस फोटो को प्रथम गुलाब जल से पोछें। बादमें उसेतिलक करें और उसके सामने दीपक जलाएँ गाय केधी काया तिल केतेलका और बादमें दरी परअपना एक ٠3٦~ SசS आत्मा भी अंदर  सिद्धासन में या वज्रासन में आसन पर பu  i बैठें , एक निच्छित समय पर बैठें एक औरउस परमात्मासे मिलने कारास्ता निचच्छित समय तक बैठें  3<FI भाग - ६ ೦ आपक u 2೦( ೆ हमें पहले ध्यान की पहचान अपने राधे शरीर को कराना होती है। सर्वप्रथन तो राधे स्नानआदि करके अपने शरीरको स्वच्छ और पवित्र करलें। बादमें अपने आराध्य का फोटो पश्चिम दिशाकी ओर मुँह करके रखें। यानी आप जब उसके सामने बैठें तो आपका मुँह पूर्व की दिशा की ओरहो। फ़ोटो को किसी (zff) पर स्थापित करें टेबल या 3ತf ।उस फोटो को प्रथम गुलाब जल से पोछें। बादमें उसेतिलक करें और उसके सामने दीपक जलाएँ गाय केधी काया तिल केतेलका और बादमें दरी परअपना एक ٠3٦~ SசS आत्मा भी अंदर  सिद्धासन में या वज्रासन में आसन पर பu  i बैठें , एक निच्छित समय पर बैठें एक औरउस परमात्मासे मिलने कारास्ता निचच्छित समय तक बैठें  3<FI भाग - ६ ೦ आपक u 2೦( ೆ - ShareChat