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#आज का मंत्र
आज का मंत्र - आज का मंत्र" नमो नमस्तेस्तु सदा विभावसो , सर्वात्मने सप्तहयाय भानवे। अनंतशक्तिर्मणि भूषणेन , वदस्व भक्तिं मम मुक्तिमव्ययाम्। | भावार्थः मैं प्रातः समय शरीर, वाणी और मन के द्वारा ब्रह्मा, इन्द्र आदि देवताओं से स्तुत और पूजित, वृष्टि के कारण एवं अवृष्टि के हेतु , तीनों लोकों के पालन में तत्पर और सत्व आदि त्रिगुण रूप धारण करने वाले तरणि (सूर्य भगवान) को HARAagI @myquote आज का मंत्र" नमो नमस्तेस्तु सदा विभावसो , सर्वात्मने सप्तहयाय भानवे। अनंतशक्तिर्मणि भूषणेन , वदस्व भक्तिं मम मुक्तिमव्ययाम्। | भावार्थः मैं प्रातः समय शरीर, वाणी और मन के द्वारा ब्रह्मा, इन्द्र आदि देवताओं से स्तुत और पूजित, वृष्टि के कारण एवं अवृष्टि के हेतु , तीनों लोकों के पालन में तत्पर और सत्व आदि त्रिगुण रूप धारण करने वाले तरणि (सूर्य भगवान) को HARAagI @myquote - ShareChat