सुशील मेहता
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सुशील मेहता
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मैं अवकाश प्राप्त डाक्टर हूँ
केन्द्रीय उत्पादन शुल्क दिवस हर साल 24 फरवरी को ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस मनाया जाता है क्योंकि 24 फरवरी 1944 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक कानून को बनाया गया था। बता दें कि केंद्रीय सीमा शुल्क और उत्पाद बोर्ड केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है और यह एक तरह का अप्रत्यक्ष कर है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और कस्टम बोर्ड के पास देश में कस्टम, जीएसटी, केंद्रीय एक्साइज, सर्विस टैक्स और नारकोटिक्स के प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। यह एक तरह का अप्रत्यक्ष कर है, जो कारखानों में निर्मित सभी तरह के उत्पादों पर लगता है। ब्रिटिश शासन में 1855 में उत्पाद शुल्क विभाग की स्थापना की गई थी। इस दिन को मनाना का उद्देश्य यह भी है कि देश के लोगों को केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड के महत्व को बताया जाए। इस दिन बोर्ड की ओर से कई सारे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इसमें सेमिनार, कार्यशालाएं, शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरुकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार समारोह शामिल हैं। #जागरूकता दिवस
जागरूकता दिवस - Central केन्द्रीय & ؟ CENTRAL , Dag 9 Excise AND , ; ؟ = गारत GOVERNMEN सरकार INDIA Or' देशसेवार्थ ' FEBRUARY 24 करसंचय Central केन्द्रीय & ؟ CENTRAL , Dag 9 Excise AND , ; ؟ = गारत GOVERNMEN सरकार INDIA Or' देशसेवार्थ ' FEBRUARY 24 करसंचय - ShareChat
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - "आज का मंत्र " रोगान शेषा नपहंसि तुष्टा भीष्टान् रुष्टा तु कामान् सकलान 1 f4t त्वामाश्रितानां न नराणां त्वामाश्रिता ह्य़ा श्रयतां प्रयान्ति ।। भावार्थः देवी ! आप प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हैं और होने पर मनोवांछित कुपित सभी कामनाओं का नाश कर देती हैं | जो लोग आपकी शरण में हैं॰ उनपर विपत्ति तो आती ही মী যৎ ভ্য नहीं ; आपकी शरण मनुष्य दूसरों को शरण देनेवाले हो जाते हैं | (दुर्गा सप्तश्लोकी) @myquote "आज का मंत्र " रोगान शेषा नपहंसि तुष्टा भीष्टान् रुष्टा तु कामान् सकलान 1 f4t त्वामाश्रितानां न नराणां त्वामाश्रिता ह्य़ा श्रयतां प्रयान्ति ।। भावार्थः देवी ! आप प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हैं और होने पर मनोवांछित कुपित सभी कामनाओं का नाश कर देती हैं | जो लोग आपकी शरण में हैं॰ उनपर विपत्ति तो आती ही মী যৎ ভ্য नहीं ; आपकी शरण मनुष्य दूसरों को शरण देनेवाले हो जाते हैं | (दुर्गा सप्तश्लोकी) @myquote - ShareChat
#✒ शायरी
✒ शायरी - जीना चाहा तो जिंदगी से दूर थे ह्म , मरना चाहा तो जीने को थे हम, मजबूर सर झुका कर कुबूल कर ली हर सजा , ೩ಫೇ बस कसूर इतना था कि 4 841 Motivational Videos App Want जीना चाहा तो जिंदगी से दूर थे ह्म , मरना चाहा तो जीने को थे हम, मजबूर सर झुका कर कुबूल कर ली हर सजा , ೩ಫೇ बस कसूर इतना था कि 4 841 Motivational Videos App Want - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - शहरयार Ta रवानी   से नहीं   है থিকণা  কীৎ दरिया की  ப = =1 & रिश्ता # గౌౌ IH यूँ था किये क़ैद-ए-्ज़मानी से थे बेज़ार edl जिन्हें अब   सैर-ए-्मकानी से नहीं है फ़ुर्सत आए न सच्चाई पे उस  की বামা নী   যক্ষী ख़ाइफ़ कोई गुल अहद-ए-खिज़ानी से नहीं है दोहराता   नहीं   मैं भी॰ गए   लोगों की নান इस   दौर को निस्बत भी॰ कहानी से नहीं है कहते हैं मिरे हक़ में सुख़न -फ़हम बस इतना है   मुआ'नी शेरों में  जो   ख़ूबी से   नहीं   है Moiivatioral Vicleos Appl Want शहरयार Ta रवानी   से नहीं   है থিকণা  কীৎ दरिया की  ப = =1 & रिश्ता # గౌౌ IH यूँ था किये क़ैद-ए-्ज़मानी से थे बेज़ार edl जिन्हें अब   सैर-ए-्मकानी से नहीं है फ़ुर्सत आए न सच्चाई पे उस  की বামা নী   যক্ষী ख़ाइफ़ कोई गुल अहद-ए-खिज़ानी से नहीं है दोहराता   नहीं   मैं भी॰ गए   लोगों की নান इस   दौर को निस्बत भी॰ कहानी से नहीं है कहते हैं मिरे हक़ में सुख़न -फ़हम बस इतना है   मुआ'नी शेरों में  जो   ख़ूबी से   नहीं   है Moiivatioral Vicleos Appl Want - ShareChat
नज्म मज़ाज #✒ शायरी
✒ शायरी - "নড়ম' इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन पतली बाँहें पतली गर्दन भोर भए मंदिर आई है आई नहीं है माँ लाई है से पहले जाग उठी है वक़्त नींद अभी आँखों में भरी है ठोड़ी तक लट आई हुई है यूँही सी लहराई हुई है आँखों में तारों की चमक है मुखड़े पे चाँदी की झलक है कैसी सुंदर है क्या कहिए नन्ही सी इक सीता कहिए धूप चढ़े तारा चमका है फूल खिला है पत्थर पर इक चाँद का टुकड़ा फूल की डाली कम सिन सीधी भोली भाली हाथ में पीतल की थाली है में चाँदी की बाली है কান दिल में लेकिन ध्यान नहीं है पूजा का कुछ ज्ञान नहीं है कैसी भोली छत देख रही है माँ बढ कर चुटकी लेती है चुपके चुपके हँस देती है हँसना रोना उस का मज़हब उस को पूजा से क्या मतलब ख़ुद तो आई है मंदिर में मन उस का है गुड़िया घर में मज़ाज Motivational Videos Appl Want "নড়ম' इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन पतली बाँहें पतली गर्दन भोर भए मंदिर आई है आई नहीं है माँ लाई है से पहले जाग उठी है वक़्त नींद अभी आँखों में भरी है ठोड़ी तक लट आई हुई है यूँही सी लहराई हुई है आँखों में तारों की चमक है मुखड़े पे चाँदी की झलक है कैसी सुंदर है क्या कहिए नन्ही सी इक सीता कहिए धूप चढ़े तारा चमका है फूल खिला है पत्थर पर इक चाँद का टुकड़ा फूल की डाली कम सिन सीधी भोली भाली हाथ में पीतल की थाली है में चाँदी की बाली है কান दिल में लेकिन ध्यान नहीं है पूजा का कुछ ज्ञान नहीं है कैसी भोली छत देख रही है माँ बढ कर चुटकी लेती है चुपके चुपके हँस देती है हँसना रोना उस का मज़हब उस को पूजा से क्या मतलब ख़ुद तो आई है मंदिर में मन उस का है गुड़िया घर में मज़ाज Motivational Videos Appl Want - ShareChat
चाणक्य का वचन #संतो के ज्ञान वर्धक वचन
संतो के ज्ञान वर्धक वचन - यदि कठिन समय (दुख के दिन) चल रहा है, तो धैर्य रखें और अच्छे कर्मों पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि कर्म ही अंत में परिणाम देता है। चाणक्य Want Motivational Videos App यदि कठिन समय (दुख के दिन) चल रहा है, तो धैर्य रखें और अच्छे कर्मों पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि कर्म ही अंत में परिणाम देता है। चाणक्य Want Motivational Videos App - ShareChat
शुभ मंगलवार #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - 24/02/2026 मासिक दुर्गाष्टमी शुभकामनाएं लोग आपके पास तब नहीं आते हो बल्कि वो तब आते हैं जब आप दुखी ; ٤١٥ ٤٠ जब वो खुद दुखी ; {ুন্নভবঔ্ గ్ౌగ: जुसुधी खुफु ٤٤٤ केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस ಊಿಊಟಾತಣಪಗಿಠBಣ सनाबनी रहे0 आपकेपखारपर्ण आपओर प्रातः अभिनन्दन Motivational Videos App Want 24/02/2026 मासिक दुर्गाष्टमी शुभकामनाएं लोग आपके पास तब नहीं आते हो बल्कि वो तब आते हैं जब आप दुखी ; ٤١٥ ٤٠ जब वो खुद दुखी ; {ুন্নভবঔ্ గ్ౌగ: जुसुधी खुफु ٤٤٤ केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस ಊಿಊಟಾತಣಪಗಿಠBಣ सनाबनी रहे0 आपकेपखारपर्ण आपओर प्रातः अभिनन्दन Motivational Videos App Want - ShareChat
#प्रातः विचार
प्रातः विचार - जो आपके साथ নিল স নান ক্রহনা মা, उनको कभी दिमाग से जवाब मत देना सुप्रमात Good आपका दिन शुभ हा Appl Want Motivational Videos जो आपके साथ নিল স নান ক্রহনা মা, उनको कभी दिमाग से जवाब मत देना सुप्रमात Good आपका दिन शुभ हा Appl Want Motivational Videos - ShareChat
#शुभ रात्रि
शुभ रात्रि - 30 शिवाय 30 6|0{: 848 शभ[ रात्रि आपकी रात्रि शुभ एवं मंगलमय हा 30 शिवाय 30 6|0{: 848 शभ[ रात्रि आपकी रात्रि शुभ एवं मंगलमय हा - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - 19q हादिसे मोहब्बतों के, मुक़द्दर से होते हैं, कोई टकरा के, कोई ठुकरा के चला गया।। किसको बीनाई मिली है, किसको तन्हाई मिली, कोई हँसता रह गया, कोई रोता चला गया।। इज़्ज़त ओ आबरु की अब किसको फिक्र है यहाँ, कोई नज़रे फेरकर, कोई बचता चला गया।। रहग़ुज़र में हर कोई, अपना ही किस्सा कह गया, कोई दिल को जीतकर, कोई हारता चला गया।। मजीद "इस कारवाँ में , सब मुसाफ़िर ही तो थे, कोई याद बन कर, कोई लुभाता चला गया।। बीनाई /आँख की रौशनी माजिद की ग़ज़ल Motivational Videos App Want 19q हादिसे मोहब्बतों के, मुक़द्दर से होते हैं, कोई टकरा के, कोई ठुकरा के चला गया।। किसको बीनाई मिली है, किसको तन्हाई मिली, कोई हँसता रह गया, कोई रोता चला गया।। इज़्ज़त ओ आबरु की अब किसको फिक्र है यहाँ, कोई नज़रे फेरकर, कोई बचता चला गया।। रहग़ुज़र में हर कोई, अपना ही किस्सा कह गया, कोई दिल को जीतकर, कोई हारता चला गया।। मजीद "इस कारवाँ में , सब मुसाफ़िर ही तो थे, कोई याद बन कर, कोई लुभाता चला गया।। बीनाई /आँख की रौशनी माजिद की ग़ज़ल Motivational Videos App Want - ShareChat