सुशील मेहता
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सुशील मेहता
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मैं अवकाश प्राप्त डाक्टर हूँ
#शुभ रात्रि
शुभ रात्रि - GooD NighT SweeT DreamS GooD NighT SweeT DreamS - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें गजल ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में अभी मोहब्बत नई्नई है हैं पलकें दिलों में उल्फत नईन्नई है ख़ामोश लब हैं झुकी अभी न हमको सुकूं मिलेगा अभी न आएगी नींद तुमको अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई नई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएं फ़ज़ां में खुशबू नयी नयी है गुलों पे रंगत रंगत नईननई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई ्नई है जो खानदानी रईस हैं वो मिज़ा रखते हैं नरम अपना है तुम्हारी दौलत नई ्नई है तुम्हारा लहज़ा बता रहा ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नईनई है सा कुदरत ने क्या नवाजा कि आके बैठे हैं पहली सफ़ में जरा शोहरत ` अभी से उड़ने लगे हवा में अभी तो ٦؟ ٦٤٤ ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है बमों की बरसात हो रही है पुराने जांबाज़ सो रहे हैं को कर रहा वो जिसकी ताकत नईननई है दुनिया Jm ' ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है Motivationat Videos App Want खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें गजल ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में अभी मोहब्बत नई्नई है हैं पलकें दिलों में उल्फत नईन्नई है ख़ामोश लब हैं झुकी अभी न हमको सुकूं मिलेगा अभी न आएगी नींद तुमको अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई नई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएं फ़ज़ां में खुशबू नयी नयी है गुलों पे रंगत रंगत नईननई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई ्नई है जो खानदानी रईस हैं वो मिज़ा रखते हैं नरम अपना है तुम्हारी दौलत नई ्नई है तुम्हारा लहज़ा बता रहा ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नईनई है सा कुदरत ने क्या नवाजा कि आके बैठे हैं पहली सफ़ में जरा शोहरत ` अभी से उड़ने लगे हवा में अभी तो ٦؟ ٦٤٤ ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है बमों की बरसात हो रही है पुराने जांबाज़ सो रहे हैं को कर रहा वो जिसकी ताकत नईननई है दुनिया Jm ' ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है Motivationat Videos App Want - ShareChat
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - आज का मंत्र यदा संहरते चायं कुर्मो रात्रिस्तथा 4 तदा तत्त्वमसि पश्यन् कालो न पश्यते मुने II भावार्थः हे मुनिवर! जब दिन कार्य पूरा होकर रात आती है, उस समय तत्त्वदर्शी ज्ञानी पुरुष परमात्मा को ही देखता है, उसे काल दिखाई नहीं देता श्रीमद भगवतगीता @myquote आज का मंत्र यदा संहरते चायं कुर्मो रात्रिस्तथा 4 तदा तत्त्वमसि पश्यन् कालो न पश्यते मुने II भावार्थः हे मुनिवर! जब दिन कार्य पूरा होकर रात आती है, उस समय तत्त्वदर्शी ज्ञानी पुरुष परमात्मा को ही देखता है, उसे काल दिखाई नहीं देता श्रीमद भगवतगीता @myquote - ShareChat
दोहा बुल्लेशाह #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - 5 दोहा बुल्ले नूँ लोक मत्तीं देंदे, बुल्लया तू जा बसो विच मसीती 1 विच मसीतां की कुझ हुंदा, जे दिलों नमाज़ ना कीती | बुल्लेशाह @myquote 5 दोहा बुल्ले नूँ लोक मत्तीं देंदे, बुल्लया तू जा बसो विच मसीती 1 विच मसीतां की कुझ हुंदा, जे दिलों नमाज़ ना कीती | बुल्लेशाह @myquote - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - मुनव्वर लखनवी गज़ल ब-्दामाँ हुस्न -ए-सद -रंग   से फ़िरदौस নিকলা हम ने जिस फूल को देखा वो गुलिस्ताँ निकला बलाओं हो   गए और में असीर दाद-्तलब हश्र इक   सिलसिला -ए-्ज़ुल्फ़ ए-परेशाँ  निकला और क्या शय है ये मेराज-ए-्मोहब्बत के सिवा কী   ৪ী   কয अरमाँ   निकला T आरज़ू आप ೫ 1z9-೯-೫ೆ = मिलाया को ख़ाक मुझ और  इस पर भी मैं सर-हल्क़ा ए-्दौराँ निकला रे ये  जज़्बा -ए-ख़ुद्दार की 'মুনলপয' उफ़ नुमूद इक 'अजब शान का शा'इर ये सुख़न- दाँ निकला Motivational Vidleos /oo Want मुनव्वर लखनवी गज़ल ब-्दामाँ हुस्न -ए-सद -रंग   से फ़िरदौस নিকলা हम ने जिस फूल को देखा वो गुलिस्ताँ निकला बलाओं हो   गए और में असीर दाद-्तलब हश्र इक   सिलसिला -ए-्ज़ुल्फ़ ए-परेशाँ  निकला और क्या शय है ये मेराज-ए-्मोहब्बत के सिवा কী   ৪ী   কয अरमाँ   निकला T आरज़ू आप ೫ 1z9-೯-೫ೆ = मिलाया को ख़ाक मुझ और  इस पर भी मैं सर-हल्क़ा ए-्दौराँ निकला रे ये  जज़्बा -ए-ख़ुद्दार की 'মুনলপয' उफ़ नुमूद इक 'अजब शान का शा'इर ये सुख़न- दाँ निकला Motivational Vidleos /oo Want - ShareChat
पद मीरा बाई #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - ன@@க पद मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई। माता छोड़़ी पिता छोड़़े छोड़े सगा सोई। साधाँ संग बैठ बैठ लोक लाज खोई।I संत देख दौड़़ि आई, जिगत देख रोई। प्रेम आँसू डार-्डार अमर बेल बोई।I मारग में तारण मिले संत नाम दोई। संत सदा सीस पर नाम हृदै सब होई।I अब तो बात फैल गई, जानै सब कोई। दासि मीरा लाल गिरधर, होई सो होईII मीराबाई Motivational Videos App Want ன@@க पद मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई। माता छोड़़ी पिता छोड़़े छोड़े सगा सोई। साधाँ संग बैठ बैठ लोक लाज खोई।I संत देख दौड़़ि आई, जिगत देख रोई। प्रेम आँसू डार-्डार अमर बेल बोई।I मारग में तारण मिले संत नाम दोई। संत सदा सीस पर नाम हृदै सब होई।I अब तो बात फैल गई, जानै सब कोई। दासि मीरा लाल गिरधर, होई सो होईII मीराबाई Motivational Videos App Want - ShareChat
बाल्मिकि का वचन #संतो के ज्ञान वर्धक वचन
संतो के ज्ञान वर्धक वचन - ShareChat
शुभ बुधवार #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - शुभ बुधवार 25/02/2026 शुभ प्रभात 8؟RI 35 गणपतयेः शुभ लाभ नमः [Burl; में बढ़ती हुई नफरत का एक कारण ये भी है कि आजकल लोग गैरों को अपना बनाने में और अपनों को नज़रअंदाज़ करने में लगे हैं !! श्री गौरीनंदन पुत्र गणपति जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे ४! App Want Motivational Videos शुभ बुधवार 25/02/2026 शुभ प्रभात 8؟RI 35 गणपतयेः शुभ लाभ नमः [Burl; में बढ़ती हुई नफरत का एक कारण ये भी है कि आजकल लोग गैरों को अपना बनाने में और अपनों को नज़रअंदाज़ करने में लगे हैं !! श्री गौरीनंदन पुत्र गणपति जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे ४! App Want Motivational Videos - ShareChat
#प्रातः विचार
प्रातः विचार - शुभ प्रभात घमंडी इंसान अपनी आवाज को भारी और अपने शब्द हल्के रखता है और समझदार इंसान अपनी आवाज हल्की और शब्द भारी रखता है Motivational VideosApp Want शुभ प्रभात घमंडी इंसान अपनी आवाज को भारी और अपने शब्द हल्के रखता है और समझदार इंसान अपनी आवाज हल्की और शब्द भारी रखता है Motivational VideosApp Want - ShareChat
#शुभ रात्रि
शुभ रात्रि - अपने पैरो पे खड़े होकर মন निचे गिरकर ज़िन्दगी जीने सें बेहतर है रात्री शूभ अपने पैरो पे खड़े होकर মন निचे गिरकर ज़िन्दगी जीने सें बेहतर है रात्री शूभ - ShareChat