सुशील मेहता
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सुशील मेहता
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मैं अवकाश प्राप्त डाक्टर हूँ
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - आज का मंत्र एतासु केतकिलतासु विकासिनीषु सौभाग्यमद्भुतातरं भवति विभर्ति। यत्कांतकैर्व्यतितमात्मवपूर्ण जनं त्वमेव सेवितुमुपक्रमते द्विरेफःIl ঋণাথ: केतकी के फूल, कांटों से भरे होने के बावजूद बेहद आकर्षक ढंग से खिलते हैं। मधुमक्खी दर्द से बेखबर होकर बार-्बार लौटती रहती है। ठीक उसी प्रकार, एक समर्पित आत्मा कष्टों की परवाह किए बिना ईश्वर की खोज में लगी रहती है @myquote आज का मंत्र एतासु केतकिलतासु विकासिनीषु सौभाग्यमद्भुतातरं भवति विभर्ति। यत्कांतकैर्व्यतितमात्मवपूर्ण जनं त्वमेव सेवितुमुपक्रमते द्विरेफःIl ঋণাথ: केतकी के फूल, कांटों से भरे होने के बावजूद बेहद आकर्षक ढंग से खिलते हैं। मधुमक्खी दर्द से बेखबर होकर बार-्बार लौटती रहती है। ठीक उसी प्रकार, एक समर्पित आत्मा कष्टों की परवाह किए बिना ईश्वर की खोज में लगी रहती है @myquote - ShareChat
शेर दीप्ति मिश्रा #✒ शायरी
✒ शायरी - हक़ीक़त की तह तक पहुंच तो गये हैं मगर सच को खुद में उतारेगें कैसे ना जीने की चाहत न मरने की हसरत दिन यूंही जिन्दगी के गुजारेगें कैसे दीप्ति मिश्रा @myquote हक़ीक़त की तह तक पहुंच तो गये हैं मगर सच को खुद में उतारेगें कैसे ना जीने की चाहत न मरने की हसरत दिन यूंही जिन्दगी के गुजारेगें कैसे दीप्ति मिश्रा @myquote - ShareChat
वीर सावरकर पुन्य तिथि आमतौर पर माना जाता है कि उन्होंने खुद अपने लिए इच्छा मृत्यु जैसी स्थिति चुनी थी. उनका निधन 26 फरवरी 1966 को हुआ था. उससे एक महीने पहले से उन्होंने उपवास करना शुरू कर दिया था.माना जाता है कि इसी उपवास के कारण उनका शरीर कमजोर होता गया और फिर 82 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया. दरअसल कालापानी की सजा ने उनके स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर डाला था। सावरकर ने अपनी मृत्यु से दो साल पहले 1964 में ‘आत्महत्या या आत्मसमर्पण’ नाम का एक लेख लिखा था. इस लेख में उन्होंने अपनी इच्छा मृत्यु के समर्थन को स्पष्ट किया था. इसके बारे में उनका कहना था कि आत्महत्या और आत्म-त्याग के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर होता है। सावरकर ने तर्क दिया था कि एक निराश इंसान आत्महत्या से अपना जीवन समाप्त करता है लेकिन जब किसी के जीवन का मिशन पूरा हो चुका हो और शरीर इतना कमजोर हो चुका हो कि जीना असंभव हो तो जीवन का अंत करने को स्व बलिदान कहा जाना चाहिए। #शत शत नमन
शत शत नमन - २६ फरवरी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अद्भुत क्रांतिकारी , राष्ट्रवादी विचारक स्वातंत्र्यवीर बिनायक दामौदर सबिरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें शत -शत नमन  २६ फरवरी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अद्भुत क्रांतिकारी , राष्ट्रवादी विचारक स्वातंत्र्यवीर बिनायक दामौदर सबिरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें शत -शत नमन - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - नवाज़ देवबंदी गज़़ल 7 आने की महके q ख़बर ನನ ख़ुशबू   से महक सारा घर तिरे 4 महके शाम तसव्वुर शाम   के बाद फिर   सहर महके भर   सोचता   रहा   तुझ   को I ज़ेहन-ओ-दिल मेरे रात भर महके आएतो  दिल Jాaా   గ7 याद दीद   हो जाए तो   नज़र महके ঘড়ী-ত্রী-ঘড়ী वो जहॉ বী   তমী   সঃক  নী #6$ शजर Motivational Vidleos /oo Want नवाज़ देवबंदी गज़़ल 7 आने की महके q ख़बर ನನ ख़ुशबू   से महक सारा घर तिरे 4 महके शाम तसव्वुर शाम   के बाद फिर   सहर महके भर   सोचता   रहा   तुझ   को I ज़ेहन-ओ-दिल मेरे रात भर महके आएतो  दिल Jాaా   గ7 याद दीद   हो जाए तो   नज़र महके ঘড়ী-ত্রী-ঘড়ী वो जहॉ বী   তমী   সঃক  নী #6$ शजर Motivational Vidleos /oo Want - ShareChat
गज़ल दाग देहलवी #✒ शायरी
✒ शायरी - "गज़ल ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा अपने दिल को भी बताऊँ न ठिकाना तेरा सब ने जाना जो पता एक ने जाना तेरा तू जो ऐ ज़ुल्फ़ परेशान रहा करती है किस के उजड़े हुए दिल में है ठिकाना तेरा आरज़ू ही न रही सुब्ह एन्वतन की मुझ को शाम ए- ग़ुर्बत है अजब वक़्त স্তুচানা নয ये समझ कर तुझे ऐ मौत लगा रक्खा है है बुरे वक़्त में आना तेरा কাম সানা ऐ दिल॰एन्शेफ़्ता में आग लगाने वाले रंग लाया है ये लाखे का जमाना तेरा तू ख़ुदा तो नहीं ऐ नासेह ए॰नादाँ मेरा क्या ख़ता की जो कहा मैं ने न माना तेरा रंज क्या वस्ल ए॰अदू का जो तअ ल्लुक़ ही नहीं मुझ को वल्लाह हँसाता है रुलाना तेरा ओ दैर में या चश्म ओ दिल ए॰आशिक़ में কূানা इन्हीं दो॰चार घरों में है ठिकाना तेरा तर्क-एनआदत से मुझे नींद नहीं आने की कहीं नीचा न हो ऐ गोर सिरहाना तेरा मैं जो कहता हूँ उठाए हैं बहुत रंज ए फ़िराक़ वो ये कहते हैं बड़ा दिल है तवाना तेरा बज़्म एन्दुश्मन से तुझे कौन उठा सकता है इक क़यामत का उठाना है उठाना तेरा अपनी आँखों में अभी कौंद गई बिजली सी हम न समझे कि ये आना है कि जाना तेरा यूँ तो क्या आएगा तू फ़र्त ए॰्नज़ाकत से यहाँ सख़्त दुश्वार है धोके में भी आना तेरा 'दाग़' को यूँ वो मिटाते हैं ये फ़रमाते हैं तू बदल डाल हुआ नाम पुराना तेरा (दाग देहलवी Motivational Videos Appl Want "गज़ल ले चला जान मिरी रूठ के जाना तेरा ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा अपने दिल को भी बताऊँ न ठिकाना तेरा सब ने जाना जो पता एक ने जाना तेरा तू जो ऐ ज़ुल्फ़ परेशान रहा करती है किस के उजड़े हुए दिल में है ठिकाना तेरा आरज़ू ही न रही सुब्ह एन्वतन की मुझ को शाम ए- ग़ुर्बत है अजब वक़्त স্তুচানা নয ये समझ कर तुझे ऐ मौत लगा रक्खा है है बुरे वक़्त में आना तेरा কাম সানা ऐ दिल॰एन्शेफ़्ता में आग लगाने वाले रंग लाया है ये लाखे का जमाना तेरा तू ख़ुदा तो नहीं ऐ नासेह ए॰नादाँ मेरा क्या ख़ता की जो कहा मैं ने न माना तेरा रंज क्या वस्ल ए॰अदू का जो तअ ल्लुक़ ही नहीं मुझ को वल्लाह हँसाता है रुलाना तेरा ओ दैर में या चश्म ओ दिल ए॰आशिक़ में কূানা इन्हीं दो॰चार घरों में है ठिकाना तेरा तर्क-एनआदत से मुझे नींद नहीं आने की कहीं नीचा न हो ऐ गोर सिरहाना तेरा मैं जो कहता हूँ उठाए हैं बहुत रंज ए फ़िराक़ वो ये कहते हैं बड़ा दिल है तवाना तेरा बज़्म एन्दुश्मन से तुझे कौन उठा सकता है इक क़यामत का उठाना है उठाना तेरा अपनी आँखों में अभी कौंद गई बिजली सी हम न समझे कि ये आना है कि जाना तेरा यूँ तो क्या आएगा तू फ़र्त ए॰्नज़ाकत से यहाँ सख़्त दुश्वार है धोके में भी आना तेरा 'दाग़' को यूँ वो मिटाते हैं ये फ़रमाते हैं तू बदल डाल हुआ नाम पुराना तेरा (दाग देहलवी Motivational Videos Appl Want - ShareChat
जलालुद्दीन रुमी का वचन #संतो के ज्ञान वर्धक वचन
संतो के ज्ञान वर्धक वचन - जब आप कोई काम दिल से करते हैं, तो आपको अपने अंदर एक नदी बहती हुई महसूस होती है, एक आनंद का अनुभव होता है। जलालुद्दीन रूमी App] Want Motivational Videos जब आप कोई काम दिल से करते हैं, तो आपको अपने अंदर एक नदी बहती हुई महसूस होती है, एक आनंद का अनुभव होता है। जलालुद्दीन रूमी App] Want Motivational Videos - ShareChat
शुभ गुरुवार #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवाय। शुभ गुरुवार 26/02/2026 ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय राधे राधे जय श्री लक्ष्मीनारायणाय नमः !! शुभ प्रभात वीर दामोदर सावरकर पुण्य तिथि शत शत नमन App Motivational Videos Wart श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवाय। शुभ गुरुवार 26/02/2026 ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय राधे राधे जय श्री लक्ष्मीनारायणाय नमः !! शुभ प्रभात वीर दामोदर सावरकर पुण्य तिथि शत शत नमन App Motivational Videos Wart - ShareChat
#प्रातः विचार
प्रातः विचार - (6 GOOD MORNING Life is a Combination 41 of Adjustments and Compromises Adjust when Someone wants to be with you, and Compromise when you want to be with Someone (6 GOOD MORNING Life is a Combination 41 of Adjustments and Compromises Adjust when Someone wants to be with you, and Compromise when you want to be with Someone - ShareChat
#शुभ रात्रि
शुभ रात्रि - GooD NighT SweeT DreamS GooD NighT SweeT DreamS - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें गजल ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में अभी मोहब्बत नई्नई है हैं पलकें दिलों में उल्फत नईन्नई है ख़ामोश लब हैं झुकी अभी न हमको सुकूं मिलेगा अभी न आएगी नींद तुमको अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई नई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएं फ़ज़ां में खुशबू नयी नयी है गुलों पे रंगत रंगत नईननई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई ्नई है जो खानदानी रईस हैं वो मिज़ा रखते हैं नरम अपना है तुम्हारी दौलत नई ्नई है तुम्हारा लहज़ा बता रहा ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नईनई है सा कुदरत ने क्या नवाजा कि आके बैठे हैं पहली सफ़ में जरा शोहरत ` अभी से उड़ने लगे हवा में अभी तो ٦؟ ٦٤٤ ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है बमों की बरसात हो रही है पुराने जांबाज़ सो रहे हैं को कर रहा वो जिसकी ताकत नईननई है दुनिया Jm ' ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है Motivationat Videos App Want खामोश लब हैं झुकी हैं पलकें गजल ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में अभी मोहब्बत नई्नई है हैं पलकें दिलों में उल्फत नईन्नई है ख़ामोश लब हैं झुकी अभी न हमको सुकूं मिलेगा अभी न आएगी नींद तुमको अभी तो धड़केगा दिल ज्यादा अभी ये चाहत नई नई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है बहार का आज पहला दिन है चलो चमन में टहल के आएं फ़ज़ां में खुशबू नयी नयी है गुलों पे रंगत रंगत नईननई है ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई ्नई है जो खानदानी रईस हैं वो मिज़ा रखते हैं नरम अपना है तुम्हारी दौलत नई ्नई है तुम्हारा लहज़ा बता रहा ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नईनई है सा कुदरत ने क्या नवाजा कि आके बैठे हैं पहली सफ़ में जरा शोहरत ` अभी से उड़ने लगे हवा में अभी तो ٦؟ ٦٤٤ ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई-नई है बमों की बरसात हो रही है पुराने जांबाज़ सो रहे हैं को कर रहा वो जिसकी ताकत नईननई है दुनिया Jm ' ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें दिलों में उल्फत नई नई है Motivationat Videos App Want - ShareChat