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कबीर दास के दोहे #कबीर दास #संत कबीर दास के दोहे #कबीर दास दोहा #🖋️ कबीर दास जी के दोहे #संत कबीर दास
कबीर दास - मन मथुरा दिल द्वारिका , काया कासी जाणि। तामै जोति पिछांणि II देहुरा, दसवाँ द्वारा मन को मथुरा (कृष्ण का जन्म स्थान) दिल को द्वारिका (कृष्ण का राज्य स्थान) और देह को ही काशी समझो। दशवाँ द्वार ब्रह्म रंध्र ही देवालय है, उसी मेँ परम ज्योति की पहचान करो। कबीरदास उम्दा _ पंक्तियां + मन मथुरा दिल द्वारिका , काया कासी जाणि। तामै जोति पिछांणि II देहुरा, दसवाँ द्वारा मन को मथुरा (कृष्ण का जन्म स्थान) दिल को द्वारिका (कृष्ण का राज्य स्थान) और देह को ही काशी समझो। दशवाँ द्वार ब्रह्म रंध्र ही देवालय है, उसी मेँ परम ज्योति की पहचान करो। कबीरदास उम्दा _ पंक्तियां + - ShareChat