ShareChat
click to see wallet page
search
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - संपादळीय हमने विकास की नीति संघर्ष की नहीं अपनाई है, 9 दिनों के तमाशे के बाद आखिरकार पाकिस्तान विश्व कप में भारत कुछ से मैच खेलने को राजी हो गया। यानी १५ फरवरी को भारत-्पाक मैच लालकृष्ण आडवाणी होगा। करीब ढाई दशक पहले तत्कालीन गृहमंत्री ने पाकिस्तान को रोग ्स्टेट ( दुष्ट देश ) कहा था। मजहब के आधार पर अस्तित्व में आया यह मुल्क कभी शांत नहीं रहा है। भारत के खिलाफ  पांच सीधे युद्धों और दशकों से चल रहे छद्म युद्ध के बाद भी उसने कुछ नहीं सीखा है। तीन दिन पहले ही पाकिस्तान में आतंकी तंजीम ने एक आत्मघाती हमले में कई मासूम शियाओं को निशाना बनाया। बलूच किए हुए हैं। पंजाब  पाक सेना की नाक में दम लिए संगठन आजादी के और सिंध के गरीब मां-्बाप अपने बच्चों को आतंकीं संगठनों से कुछ पैसे लेकर शरई तालीम के नाम पर खैबर पख्तूनख्वा के दुर्गम इलाकों में 8| पैमानों पर यह देश बेहद नीचे भेज देते हैं। विकास के लगभग सभी लेकिन राज्य की नीति भारत से युद्ध से ऊपर बढ ही नहीं पा रही अरब देशों और कभी चीन, कभी अमेरिका और कभी दोनों की मदद पर पलने वाला यह देश भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे शीर्ष सैनिक अफसरों का गुलाम बन गया है। आईसीसी की फटकार के दो दिन पहलेःपाक  हुक्मरानों ने क्रिकेट की इस शीर्ष संस्था से सवाल किया था कि क्या वे भारत पर भी ऐसी सख्ती कर सकेंगे ? जबकि पाकिस्तान आज भी नहीं समझ सका है कि भारत स्वभावतः एक प्रजातांत्रिक देश है, जिसने विकांस को अपनी  नीति बनाया है, नकि पाक से दुश्मनी निभाने को। संपादळीय हमने विकास की नीति संघर्ष की नहीं अपनाई है, 9 दिनों के तमाशे के बाद आखिरकार पाकिस्तान विश्व कप में भारत कुछ से मैच खेलने को राजी हो गया। यानी १५ फरवरी को भारत-्पाक मैच लालकृष्ण आडवाणी होगा। करीब ढाई दशक पहले तत्कालीन गृहमंत्री ने पाकिस्तान को रोग ्स्टेट ( दुष्ट देश ) कहा था। मजहब के आधार पर अस्तित्व में आया यह मुल्क कभी शांत नहीं रहा है। भारत के खिलाफ  पांच सीधे युद्धों और दशकों से चल रहे छद्म युद्ध के बाद भी उसने कुछ नहीं सीखा है। तीन दिन पहले ही पाकिस्तान में आतंकी तंजीम ने एक आत्मघाती हमले में कई मासूम शियाओं को निशाना बनाया। बलूच किए हुए हैं। पंजाब  पाक सेना की नाक में दम लिए संगठन आजादी के और सिंध के गरीब मां-्बाप अपने बच्चों को आतंकीं संगठनों से कुछ पैसे लेकर शरई तालीम के नाम पर खैबर पख्तूनख्वा के दुर्गम इलाकों में 8| पैमानों पर यह देश बेहद नीचे भेज देते हैं। विकास के लगभग सभी लेकिन राज्य की नीति भारत से युद्ध से ऊपर बढ ही नहीं पा रही अरब देशों और कभी चीन, कभी अमेरिका और कभी दोनों की मदद पर पलने वाला यह देश भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे शीर्ष सैनिक अफसरों का गुलाम बन गया है। आईसीसी की फटकार के दो दिन पहलेःपाक  हुक्मरानों ने क्रिकेट की इस शीर्ष संस्था से सवाल किया था कि क्या वे भारत पर भी ऐसी सख्ती कर सकेंगे ? जबकि पाकिस्तान आज भी नहीं समझ सका है कि भारत स्वभावतः एक प्रजातांत्रिक देश है, जिसने विकांस को अपनी  नीति बनाया है, नकि पाक से दुश्मनी निभाने को। - ShareChat