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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - गुर सबदी हरि चेति सुभाइ।राम नाम रसि रहे अघाइ।।कोट कोटंतर के पाप जलि जाहि।।जीवत मरहि हरि नामि समाहि। हे भाई!प्रभु की भक्ति प्रेम और स्वभाव से होनी चाहिए। मै तेरा संसार के दुखों और पापों का अंत केवल प्रभु के नाम से ही संभव है। सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब शुरू होता है जब भिखारी मनुष्य अपने अहंकार को मारकर परमात्मा की इच्छा अर्थात हुकम में रहने लगता है। जो मनुष्य राम नाम के रस जिओ में लीन हो जाता है, वह मायावी इच्छाओं से पूरी तरह तृप्त हो जाता है। उसे फिर दुनिया के किसी अन्य भौतिक सुख   पहाडा की लालसा नहीं रहती। नाम सिमरन की शक्ति इतनी বাল महान है कि इससे करोड़़ों जन्मों के संचित पाप जलकर Iq भस्म हो जाते हैं। यह मन की शुद्धि का सबसे उत्तम मार्ग है।lजो मनुष्य अपने विकारों को काम, क्रोध , लोभ, मोह, जी अहंकार को मर देता है, वह स्वाभाविक रूप से परमात्मा के नाम में लीन हो जाता है अर्थात अपने अहंकार ( मैं मेरी ) को पूरी तरह समाप्त कर देना। गुर सबदी हरि चेति सुभाइ।राम नाम रसि रहे अघाइ।।कोट कोटंतर के पाप जलि जाहि।।जीवत मरहि हरि नामि समाहि। हे भाई!प्रभु की भक्ति प्रेम और स्वभाव से होनी चाहिए। मै तेरा संसार के दुखों और पापों का अंत केवल प्रभु के नाम से ही संभव है। सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब शुरू होता है जब भिखारी मनुष्य अपने अहंकार को मारकर परमात्मा की इच्छा अर्थात हुकम में रहने लगता है। जो मनुष्य राम नाम के रस जिओ में लीन हो जाता है, वह मायावी इच्छाओं से पूरी तरह तृप्त हो जाता है। उसे फिर दुनिया के किसी अन्य भौतिक सुख   पहाडा की लालसा नहीं रहती। नाम सिमरन की शक्ति इतनी महान है कि इससे करोड़़ों जन्मों के संचित पाप जलकर Iq भस्म हो जाते हैं। यह मन की शुद्धि का सबसे उत्तम मार्ग है।lजो मनुष्य अपने विकारों को काम, क्रोध , लोभ, मोह, जी अहंकार को मर देता है, वह स्वाभाविक रूप से परमात्मा के नाम में लीन हो जाता है अर्थात अपने अहंकार ( मैं मेरी ) को पूरी तरह समाप्त कर देना। - ShareChat