ShareChat
click to see wallet page
search
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - "अच्छा -बुरा : सोच की दिशा " बुरा बनना सरल है, अपने आप मिलती है। बुराई  बुरा सोचने - समझने में न कोई मेहनत लगती है। पर अच्छा बनना हो यदि, अच्छाई को पाना हो, विवेक और साहस से নী সন, निरंतर प्रयत्न करना पड़ता है। आज जब युद्ध की आहट से दुनिया सिहर -सी जाती है, के इस कोलाहल में भी ব্তুযান্ত तब अच्छाई ही मानवता बचाती है। अनिल बी चव्हाण. "अच्छा -बुरा : सोच की दिशा " बुरा बनना सरल है, अपने आप मिलती है। बुराई  बुरा सोचने - समझने में न कोई मेहनत लगती है। पर अच्छा बनना हो यदि, अच्छाई को पाना हो, विवेक और साहस से নী সন, निरंतर प्रयत्न करना पड़ता है। आज जब युद्ध की आहट से दुनिया सिहर -सी जाती है, के इस कोलाहल में भी ব্তুযান্ত तब अच्छाई ही मानवता बचाती है। अनिल बी चव्हाण. - ShareChat