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#☝आज का ज्ञान गुणिनि गुणज्ञो रमते नागुणशीलस्य गुणिनि परितोषः । अलिरेति वनात् कमलं न दर्दुरस्तन्निवासोsपि ॥ [ वल्लभदेव - २५३ ] अर्थात् 👉🏻 गुण की परख रखनेवाला गुणी को पाकर प्रसन्न हो जाता है , किन्तु निर्गुण व्यक्ति गुणवान से सन्तुष्ट नहीं होता । भ्रमर तो जंगल से कमल के पास चला आता है किन्तु मेढक जलाशय में कमल के अत्यन्त समीप होते हुए भी उसके समीप नहीं जाता । 🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄
☝आज का ज्ञान - अनंत प्रेम का एक ही प्रमाण 8. किसी के प्रति निस्वार्थ हो আনা अनंत प्रेम का एक ही प्रमाण 8. किसी के प्रति निस्वार्थ हो আনা - ShareChat