#☝आज का ज्ञान
गुणिनि गुणज्ञो रमते
नागुणशीलस्य गुणिनि परितोषः ।
अलिरेति वनात् कमलं
न दर्दुरस्तन्निवासोsपि ॥
[ वल्लभदेव - २५३ ]
अर्थात् 👉🏻 गुण की परख रखनेवाला गुणी को पाकर प्रसन्न हो जाता है , किन्तु निर्गुण व्यक्ति गुणवान से सन्तुष्ट नहीं होता । भ्रमर तो जंगल से कमल के पास चला आता है किन्तु मेढक जलाशय में कमल के अत्यन्त समीप होते हुए भी उसके समीप नहीं जाता ।
🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄


