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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग विरोधी हरजाति धर्म मजहब राजनीति में मिलेंगे कुछ अपने पराए विदेशी मिलेंगे टूटते हुए देखके सब खुश हो जाते जुड़ते हुए देखके रोने बैठ जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग विरोधी हरजाति धर्म मजहब राजनीति में मिलेंगे कुछ अपने पराए विदेशी मिलेंगे टूटते हुए देखके सब खुश हो जाते जुड़ते हुए देखके रोने बैठ जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat