दया मोहन गर्ग
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दया मोहन गर्ग
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डरनाहैतोपहलेमातापितागुरुसेडरेंझूंटनाबोले?
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 हास्य व्यंग ग्रहण में ग्रहण को नहीं मानते खाने-पीने में सब लगे रहते हैं आखिर हम मुफ्त का माल पहले खाते हैं राजनीतिज्ञ भी हमारा दिया हुआ खा जाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 3.03 हास्य व्यंग ग्रहण में ग्रहण को नहीं मानते खाने-पीने में सब लगे रहते हैं आखिर हम मुफ्त का माल पहले खाते हैं राजनीतिज्ञ भी हमारा दिया हुआ खा जाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 Rவர उस देश के प्रधान का नाम बताओ जो सदन के अंदर उदास रहता विदेशों में हंसता है क्या आप नाम जानते हो उल्लेख करो बच्चों के काम आएगा! Status (Contacts) + # Aa 3.03 Rவர उस देश के प्रधान का नाम बताओ जो सदन के अंदर उदास रहता विदेशों में हंसता है क्या आप नाम जानते हो उल्लेख करो बच्चों के काम आएगा! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 हास्य व्यंग Jq 3RH बने रहते तब तक अपने पराए मुंह फेरे खड़े रहते हैं जब सिद्ध  दोष मुक्त  हो जाते भी आपके दूर के अपने बन जाते है समय की लीला भारी है! Status (Contacts) + # Aa 3.03 हास्य व्यंग Jq 3RH बने रहते तब तक अपने पराए मुंह फेरे खड़े रहते हैं जब सिद्ध  दोष मुक्त  हो जाते भी आपके दूर के अपने बन जाते है समय की लीला भारी है! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 हास्य व्यंग गुनहगार डिबेट नहीं कराते भजन कीर्तन कराते हैं कथा प्रवचन कराते हैं नहीं हैं बीच बीच में सुनते अपनी कथा স্ুনানী लग जाते हैं! सुनाने भाषण Status (Contacts) + # Aa 3.03 हास्य व्यंग गुनहगार डिबेट नहीं कराते भजन कीर्तन कराते हैं कथा प्रवचन कराते हैं नहीं हैं बीच बीच में सुनते अपनी कथा স্ুনানী लग जाते हैं! सुनाने भाषण Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 Rவர 47 वाले देश में चुराने अमन कभी कायम नहीं रह सकता यह चेन को বালী चुराने बचाने वाले तुम्हें कभी नहीं बताएं बताएंगे आज का ज्ञान कल काम आएगा! Status (Contacts) + # Aa 3.03 Rவர 47 वाले देश में चुराने अमन कभी कायम नहीं रह सकता यह चेन को বালী चुराने बचाने वाले तुम्हें कभी नहीं बताएं बताएंगे आज का ज्ञान कल काम आएगा! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 Rவர प्रधान ಖತ दिन पहलीAJMER आयो भाषण देग्यो माता देसी है पिता विदेशी बजाओ अंधभक्तों ताली आपके५६वाले पापा की बताई हुई है कहानी! Status (Contacts) + # Aa 3.03 Rவர प्रधान ಖತ दिन पहलीAJMER आयो भाषण देग्यो माता देसी है पिता विदेशी बजाओ अंधभक्तों ताली आपके५६वाले पापा की बताई हुई है कहानी! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 Rவர पराए करते विश्वास घात अपने पराए दोनों करते जिसकी नियत में खोट होती वहां लूट होती जिसकी सोच में खोट होती है वहां विश्वास घात होता है! Status (Contacts) + # Aa 3.03 Rவர पराए करते विश्वास घात अपने पराए दोनों करते जिसकी नियत में खोट होती वहां लूट होती जिसकी सोच में खोट होती है वहां विश्वास घात होता है! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.03 हास्य व्यंग भाईचारा भाई का चारा भाई खा गया अगले जन्म में भाई के दरवाजे पर जानवर बनकर आएगा सोचो समझो विचार करो मत खाना भाई का चारा दे নী ল লনা! Status (Contacts) + # Aa 3.03 हास्य व्यंग भाईचारा भाई का चारा भाई खा गया अगले जन्म में भाई के दरवाजे पर जानवर बनकर आएगा सोचो समझो विचार करो मत खाना भाई का चारा दे নী ল লনা! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa होलिका   दहन ச f 8 भक्त प्रहलाद को बचाने के पर्व के   दिन की आप सभी बंधु बांधव मित्रों अपने परायों को बहुत बहुत   शुभकामनाएं भाईचारा अपने ही हक का ২াৎ ৯ दूसरों चारा कहलाओगे चारा नहीं खाए वरना   जानवर हक का इस बात का ध्यान रखना इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में बन के आओगे यह तो एक जोक है मेरे तेरे चाहने से कुछ नहीं होने वाला है पुनः सभी को बहुत ्बहुत बहुत बधाई आप हमारे बहन भाई हम हैं आपके मित्र आपको नहीं रहा मीठे हमारे   मित्र का अब सखा GHHI बोल ठग के चल या ठीगा के चल यही वक्त चल रहा है भाई होली की बहुत बहुत बधाई! ~0~ Status (Contacts) + # Aa होलिका   दहन ச f 8 भक्त प्रहलाद को बचाने के पर्व के   दिन की आप सभी बंधु बांधव मित्रों अपने परायों को बहुत बहुत   शुभकामनाएं भाईचारा अपने ही हक का ২াৎ ৯ दूसरों चारा कहलाओगे चारा नहीं खाए वरना   जानवर हक का इस बात का ध्यान रखना इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में बन के आओगे यह तो एक जोक है मेरे तेरे चाहने से कुछ नहीं होने वाला है पुनः सभी को बहुत ्बहुत बहुत बधाई आप हमारे बहन भाई हम हैं आपके मित्र आपको नहीं रहा मीठे हमारे   मित्र का अब सखा GHHI बोल ठग के चल या ठीगा के चल यही वक्त चल रहा है भाई होली की बहुत बहुत बधाई! ~0~ Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 2.03 हास्य व्यंग देश में1प्रथा उत्त्म है हमारे जीते जी राजनीतिज्ञ के पोस्टर पर जूते मारते हैं दिवंगत हो जाने के बाद उसकी जयंती मनाते हैं आखिर हम भक्त हैं! Status (Contacts) + # Aa 2.03 हास्य व्यंग देश में1प्रथा उत्त्म है हमारे जीते जी राजनीतिज्ञ के पोस्टर पर जूते मारते हैं दिवंगत हो जाने के बाद उसकी जयंती मनाते हैं आखिर हम भक्त हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat