दया मोहन गर्ग
ShareChat
click to see wallet page
@440503450
440503450
दया मोहन गर्ग
@440503450
डरनाहैतोपहलेमातापितागुरुसेडरेंझूंटनाबोले?
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29042026 का लिखा सच होगा विचार करने से ऐ्ज कल कुछ नहीं होगा पर्यावरण शुद्ध होगा नहीं अंतिम संस्कार के लिए लखड़ी मिलेगी नहीं qeferu =e எ1 < = विद्युत क्योंकि जंगल जल নিশুন मिलेगी नहीं गैस पेट्रोल शवदाह गृह में महंगे मिलेंगे सस्ते नहीं डीजल अब१चारा 76 है। a हिंदू सनातनी धर्मवाले की समाधी   बनाने क बचा है अंतिम चिंता मत उपाय अतः करना दिवंगत हो जाने के बाद ना राजनेता देखने आता ना दिवंगत होने वाला प्राणी अंतिम क्रिया संस्कार पता है कि को देख उसका कैसे किया जा I ಹ जैसा हमारे साथ होगा उससे घटिया इंत्जाम राजनेताओं के लिए होगा इस का बत ध्यान मलाल हमें करना नहीं। ऊपर वाले ने जाने ख्यल के मार्ग सबके१ही बना रखे हैं रूप अलग ्अलग है हमारी संतुष्टि के लिए जाने वाला कमियां देखने आता नहीं रे! Status (Contacts) + # Aa 29042026 का लिखा सच होगा विचार करने से ऐ्ज कल कुछ नहीं होगा पर्यावरण शुद्ध होगा नहीं अंतिम संस्कार के लिए लखड़ी मिलेगी नहीं qeferu =e எ1 < = विद्युत क्योंकि जंगल जल নিশুন मिलेगी नहीं गैस पेट्रोल शवदाह गृह में महंगे मिलेंगे सस्ते नहीं डीजल अब१चारा 76 है। a हिंदू सनातनी धर्मवाले की समाधी   बनाने क बचा है अंतिम चिंता मत उपाय अतः करना दिवंगत हो जाने के बाद ना राजनेता देखने आता ना दिवंगत होने वाला प्राणी अंतिम क्रिया संस्कार पता है कि को देख उसका कैसे किया जा I ಹ जैसा हमारे साथ होगा उससे घटिया इंत्जाम राजनेताओं के लिए होगा इस का बत ध्यान मलाल हमें करना नहीं। ऊपर वाले ने जाने ख्यल के मार्ग सबके१ही बना रखे हैं रूप अलग ्अलग है हमारी संतुष्टि के लिए जाने वाला कमियां देखने आता नहीं रे! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 Rவர H$IfR # बैठे राजनीतिज्ञों को सुरक्षा कवच देते नामी गिरामी गुंडे को सुरक्षा कवच देते हो राजनीतिज्ञ क्या गुंडे होते हैं! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 Rவர H$IfR # बैठे राजनीतिज्ञों को सुरक्षा कवच देते नामी गिरामी गुंडे को सुरक्षा कवच देते हो राजनीतिज्ञ क्या गुंडे होते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग अनपढ़ अधूरे नहीं होते कभी पढ़े लिखे होते पूरे नहीं इसे कहते हैं स्वतंत्र भारत में गुलामी रेखा जिसको हमने हर जगह देखा! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग अनपढ़ अधूरे नहीं होते कभी पढ़े लिखे होते पूरे नहीं इसे कहते हैं स्वतंत्र भारत में गुलामी रेखा जिसको हमने हर जगह देखा! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 हास्य व्यंग मुद्दे उठाने वाले दम तोड़ते जानदार मुर्दे लगते हैं ऐसे जमीर छोड़े जिंदा मुर्दों को सत्ताधारी राजनीतिज्ञ मुर्दों को पास में बैठाते हैं! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 हास्य व्यंग मुद्दे उठाने वाले दम तोड़ते जानदार मुर्दे लगते हैं ऐसे जमीर छोड़े जिंदा मुर्दों को सत्ताधारी राजनीतिज्ञ मुर्दों को पास में बैठाते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 WD हास्य व्यंग फेंकने वाले मुफ्त में फेंँकते लपेटने वाले को लाखों मिलते कुछ लोग मुफ्त में तालियां बजाते नहीं दारु पानी खाने पीने ৯ ইলন আান ৯! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 WD हास्य व्यंग फेंकने वाले मुफ्त में फेंँकते लपेटने वाले को लाखों मिलते कुछ लोग मुफ्त में तालियां बजाते नहीं दारु पानी खाने पीने ৯ ইলন আান ৯! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026g9qR हास्य व्यंग आजकल जमाना उल्टा है आज के गधे पहलवान हा गये तभी मालिक पर मेहरबान हो गये अतः मालिक ने मालकिन को गधे के हवाले कर दिया! Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026g9qR हास्य व्यंग आजकल जमाना उल्टा है आज के गधे पहलवान हा गये तभी मालिक पर मेहरबान हो गये अतः मालिक ने मालकिन को गधे के हवाले कर दिया! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग कम पढ़े लिखे ज्यादा पढ़े लिखे दोनों ने अनपढ़ को वोट दिया तब अनपढ़ ही तो पढ़ा लिखा हुआ गलती इसमें अनपढ़ कि नहीं है ২ বরতা Status (Contacts) + # Aa 29.04.2026 बुधवार हास्य व्यंग कम पढ़े लिखे ज्यादा पढ़े लिखे दोनों ने अनपढ़ को वोट दिया तब अनपढ़ ही तो पढ़ा लिखा हुआ गलती इसमें अनपढ़ कि नहीं है ২ বরতা Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa बुधवार 29.04.2026 हास्य व्यंग आरोप भी ऐसे लगाते हैं जैसे मानो हीरे जवाहरात लगा रहे हैं महंगे भाव में बेचे जा रहे हैं और सस्ते भाव में खरीदे जा रहे हैं! Status (Contacts) + # Aa बुधवार 29.04.2026 हास्य व्यंग आरोप भी ऐसे लगाते हैं जैसे मानो हीरे जवाहरात लगा रहे हैं महंगे भाव में बेचे जा रहे हैं और सस्ते भाव में खरीदे जा रहे हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 28.04.2026 हास्य व्यंग चोर को चोर ননান বাল বী২ होते हैं चोर को पकड़ने वाले साहूकार नहीं होते चोर को सजा देने वाले ईमानदार नहीं होते जमीर तक बेच देते हैं! Status (Contacts) + # Aa 28.04.2026 हास्य व्यंग चोर को चोर ননান বাল বী২ होते हैं चोर को पकड़ने वाले साहूकार नहीं होते चोर को सजा देने वाले ईमानदार नहीं होते जमीर तक बेच देते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat
#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 28.04.26 Rவர क्या करोगे डर को जानके जो निडर होते वह भी डरते जो कमजोर होते वह भी डरते कैंलेंडर में डर होता बवंडर में डर होता राजनीतिज्ञ 5<%8! Status (Contacts) + # Aa 28.04.26 Rவர क्या करोगे डर को जानके जो निडर होते वह भी डरते जो कमजोर होते वह भी डरते कैंलेंडर में डर होता बवंडर में डर होता राजनीतिज्ञ 5<%8! Status (Contacts) + # - ShareChat