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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa ४मई२०२६ रविवार हास्य व्यंग फेंकने वाले आपस में करते रहते हैं তুলানী और तो और चड्डियां चड्ढे आपस में ही पलटते ्लेते ्देते रहते हैं फिर भी साले नंगे रहते हैं! Status (Contacts) + # Aa ४मई२०२६ रविवार हास्य व्यंग फेंकने वाले आपस में करते रहते हैं তুলানী और तो और चड्डियां चड्ढे आपस में ही पलटते ्लेते ्देते रहते हैं फिर भी साले नंगे रहते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat