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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa ०४ . ०५ . २०२६   सोमवार हास्य व्यंग पूरी हकीकत पूरा अफंसाना वोटर्स की ही गलती कहलाएगी राजनीतिज्ञों की नहीं, क्योंकि वह ईमानदार को चुनना नहीं चाहते हैं का विकास झूंटे के साथ नहीं हो सकता सच कुछ राजनीतिज्ञ किसी भी दल के हो नारी का चीर हरण करने में आगे रहते हैं से खाकी काले साथ देते हैं 3!@& उनका रूप चीर हरण खाकी काले भी करते हैं तो उसे  गुनाह नहीं कहें क्योंकि आजीवन कारावास उम्र कैद फांसी की सजा देने के बजाय, कोर्टें उन्हें जमानत दे देती हैं बरी तक कर देती है तो फिर उसका अनुसरण तो अन्य अधिकारी भी करेंगे इसमें कोई संदेह नहीं, रोक लगाने के लिए सख्त होना जरूरी है I: राष्ट्रपति यह देखते रहते हैं चाहे किसी भी देश के हो वह भी चीर हरण करने वालों को सजा नहीं देते हैं यह दुख का विषय है कोई साधारण नहीं! Status (Contacts) + # Aa ०४ . ०५ . २०२६   सोमवार हास्य व्यंग पूरी हकीकत पूरा अफंसाना वोटर्स की ही गलती कहलाएगी राजनीतिज्ञों की नहीं, क्योंकि वह ईमानदार को चुनना नहीं चाहते हैं का विकास झूंटे के साथ नहीं हो सकता सच कुछ राजनीतिज्ञ किसी भी दल के हो नारी का चीर हरण करने में आगे रहते हैं से खाकी काले साथ देते हैं 3!@& उनका रूप चीर हरण खाकी काले भी करते हैं तो उसे  गुनाह नहीं कहें क्योंकि आजीवन कारावास उम्र कैद फांसी की सजा देने के बजाय, कोर्टें उन्हें जमानत दे देती हैं बरी तक कर देती है तो फिर उसका अनुसरण तो अन्य अधिकारी भी करेंगे इसमें कोई संदेह नहीं, रोक लगाने के लिए सख्त होना जरूरी है I: राष्ट्रपति यह देखते रहते हैं चाहे किसी भी देश के हो वह भी चीर हरण करने वालों को सजा नहीं देते हैं यह दुख का विषय है कोई साधारण नहीं! Status (Contacts) + # - ShareChat