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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - ग़नी एजाज़ गज़़ल बिजली   की ज़द में   एक आशियाँ मिरा नहीं वो   कौन মী   তমী जहाँ आसमाँ है Tel बुलबुल   को ग़म है गुल के निगहबाँ  नहीं रहे है ख़ुश कि अब कोई दामन -कशाँ नहीं गुलचीं मिलना ज़ौक़-ए-्तजस्सुस की मौत है Tೆಕಸ কা TTT कामराँ नहीं जो है अच्छा 841d निगह - ए -ख़शमगीं 8 तो नहीं चश्म - ए-करम नहीं मेहरबाँ तो वो हैं ना - मेहरबाँ अगर अपनी   तर्ज़ - ए-तकल्लुम बात   है अपनी की महव-ए- गुफ़्तुगू   हैं गो मुँह में  ज़बाँ  नहीं गुल Motivational Vidleos /oo Want ग़नी एजाज़ गज़़ल बिजली   की ज़द में   एक आशियाँ मिरा नहीं वो   कौन মী   তমী जहाँ आसमाँ है Tel बुलबुल   को ग़म है गुल के निगहबाँ  नहीं रहे है ख़ुश कि अब कोई दामन -कशाँ नहीं गुलचीं मिलना ज़ौक़-ए-्तजस्सुस की मौत है Tೆಕಸ কা TTT कामराँ नहीं जो है अच्छा 841d निगह - ए -ख़शमगीं 8 तो नहीं चश्म - ए-करम नहीं मेहरबाँ तो वो हैं ना - मेहरबाँ अगर अपनी   तर्ज़ - ए-तकल्लुम बात   है अपनी की महव-ए- गुफ़्तुगू   हैं गो मुँह में  ज़बाँ  नहीं गुल Motivational Vidleos /oo Want - ShareChat