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#शाख़-शाख़ बुलबुल
शाख़-शाख़ बुलबुल - शाख़-शाख़ बुलबुल लिखती है पत्ता-पत्ता गुल लिखती है | बेटी माँ से जो पढ़ती है iमें वो कुल लिखती है | बच्चों सहर लिखे उसकी पेशानी शब उसके काकुल लिखती है | எ541 फ़लक वक़्त की बिल्कुल ' लिखती है | जस का तस जब लिखती है हवा इबारत पानी पर' ढुलमुल लिखती है | शाख़-शाख़ बुलबुल लिखती है पत्ता-पत्ता गुल लिखती है | बेटी माँ से जो पढ़ती है iमें वो कुल लिखती है | बच्चों सहर लिखे उसकी पेशानी शब उसके काकुल लिखती है | எ541 फ़लक वक़्त की बिल्कुल ' लिखती है | जस का तस जब लिखती है हवा इबारत पानी पर' ढुलमुल लिखती है | - ShareChat