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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #✍प्रेमचंद की कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #💔दर्द भरी कहानियां
✍मेरे पसंदीदा लेखक - बस हम यही काम पर बानी, अ ज़ियत तहरा नाम पर बानी। सगरी बाज़ार बनल बा, 4 हम त' तोहरे दाम पर बानी| कौनो डगर अब सूझत नइखे, खड़ा अइसन मुकाम पर बानी। अपनहीं घर बनवास बनल बा, इश्क़ के एह अंजाम पर बानी| नईखे मतलब अब दोसरा से, तोहरे दुआ-सलाम पर बानी। 'मीना' ज़हर दड चाहे अमृत दड, खड़ा तहरा ही धाम पर बानी। श्याम बस हम यही काम पर बानी, अ ज़ियत तहरा नाम पर बानी। सगरी बाज़ार बनल बा, 4 हम त' तोहरे दाम पर बानी| कौनो डगर अब सूझत नइखे, खड़ा अइसन मुकाम पर बानी। अपनहीं घर बनवास बनल बा, इश्क़ के एह अंजाम पर बानी| नईखे मतलब अब दोसरा से, तोहरे दुआ-सलाम पर बानी। 'मीना' ज़हर दड चाहे अमृत दड, खड़ा तहरा ही धाम पर बानी। श्याम - ShareChat