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Mr Rahul Vishwakarma - Author on ShareChat
Mr Rahul Vishwakarma
1K views • 4 months ago
#kabita #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #poems #सून्दर कविताएँ 🤪😃🌹🙏 #कविताएँ हिन्दी only
4838 पेंच ओ-खम नहीं रखते सीधे सादे भर आता है तो रो देते हैं गम नहीं रखते। खुली क़िताब हैं हम , पर्दादारी नहीं है कोई कहना है कह देते हैं, भरम नहीं रखते। जिसका हो छलकती है आंख अपनी भी हो दुआ या कि मोहब्बत हो कम नहीं रखते। नफरत गिला या कि शिक़वा दिल में 5?## रखने वाले छुपा के रखते हों हम नहीं रखते। खुश तो हो लेते हैं याद करके उनकी মুৎল্ন बेदिली को भूल जाते हैं आँख नम नहीं रखते। Funkylife in WWWWA 4838 पेंच ओ-खम नहीं रखते सीधे सादे भर आता है तो रो देते हैं गम नहीं रखते। खुली क़िताब हैं हम , पर्दादारी नहीं है कोई कहना है कह देते हैं, भरम नहीं रखते। जिसका हो छलकती है आंख अपनी भी हो दुआ या कि मोहब्बत हो कम नहीं रखते। नफरत गिला या कि शिक़वा दिल में 5?## रखने वाले छुपा के रखते हों हम नहीं रखते। खुश तो हो लेते हैं याद करके उनकी মুৎল্ন बेदिली को भूल जाते हैं आँख नम नहीं रखते। Funkylife in WWWWA
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  • Pragya - Author on ShareChat
    Pragya😍
    #kabita
    वाक़ई जो आदमी बेहद भला है। हर किसी ने बेहिचक उसको छला है। भूलने को रोग तुम कह लो भले ही, कर्ज़ लेकर भूलना अद्भुत् कला है। काम आख़िर आ रहे हैं पैर अपने ग़ज़लकार साथ में चलता भले ही काफ़िला है। सुरेश कुमार सौरभ' (अकवि) किसलिए हम दूध की करते शिकायत छाछ से ही फिर हमारा मुँह जला है। 6 30|3|2( पेड़ कटकर आदमी का घर बनेगा पेड़ पर भी तो किसी का घोंसला है। खोखले हम क़द्र फिर भी कीजिएगा बाँसुरी का बाँस भी तो खोखला है। पेड कटकर आदमीोकाते्घरॅबनेगापा' में ঐভ ৭২ ্ী নী ক্িবীংব্ধা্ঘ্ীইলী हैपला है। Read more वाक़ई जो आदमी बेहद भला है। हर किसी ने बेहिचक उसको छला है। भूलने को रोग तुम कह लो भले ही, कर्ज़ लेकर भूलना अद्भुत् कला है। काम आख़िर आ रहे हैं पैर अपने ग़ज़लकार साथ में चलता भले ही काफ़िला है। सुरेश कुमार सौरभ' (अकवि) किसलिए हम दूध की करते शिकायत छाछ से ही फिर हमारा मुँह जला है। 6 30|3|2( पेड़ कटकर आदमी का घर बनेगा पेड़ पर भी तो किसी का घोंसला है। खोखले हम क़द्र फिर भी कीजिएगा बाँसुरी का बाँस भी तो खोखला है। पेड कटकर आदमीोकाते्घरॅबनेगापा' में ঐভ ৭২ ্ী নী ক্িবীংব্ধা্ঘ্ীইলী हैपला है। Read more
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  • Mr Rahul Vishwakarma - Author on ShareChat
    Mr Rahul Vishwakarma
    #कविताएँ हिन्दी only #सून्दर कविताएँ 🤪😃🌹🙏 #poems #kabita #📝 name is poems 😘
    किसी दिन जिंदगानी में करिश्मा क्यूँ नहीं होता #೯ ' दिन जाग तो जाता हूँ ज़िंदा क्यूँ नहीं होता मिरी इक जिंदगी के कितने हिस्से-दार हैं लेकिन किसी की ज़िंदगी में मेरा हिस्सा क्यूँ नहीं होता जहाँ में यूँ तो होने को बहुत कुछ होता रहता है मैं जैसा सोचता हूँ कुछ भी वैसा क्यूँ नहीं होता हमेशा तंज़ करते हैं तबीयत पूछने वाले तुम अच्छा क्यूँ नहीं करते मैं अच्छा क्यूँ नहीं होता ज़माने भर के लोगों को किया है मुब्तला तू ने जो तेरा हो गया तू भी उसी का क्यूँ नहीं होता। WWW Funkylife in किसी दिन जिंदगानी में करिश्मा क्यूँ नहीं होता #೯ ' दिन जाग तो जाता हूँ ज़िंदा क्यूँ नहीं होता मिरी इक जिंदगी के कितने हिस्से-दार हैं लेकिन किसी की ज़िंदगी में मेरा हिस्सा क्यूँ नहीं होता जहाँ में यूँ तो होने को बहुत कुछ होता रहता है मैं जैसा सोचता हूँ कुछ भी वैसा क्यूँ नहीं होता हमेशा तंज़ करते हैं तबीयत पूछने वाले तुम अच्छा क्यूँ नहीं करते मैं अच्छा क्यूँ नहीं होता ज़माने भर के लोगों को किया है मुब्तला तू ने जो तेरा हो गया तू भी उसी का क्यूँ नहीं होता। WWW Funkylife in
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  • Mr Rahul Vishwakarma - Author on ShareChat
    Mr Rahul Vishwakarma
    #कविताएँ हिन्दी only #सून्दर कविताएँ 🤪😃🌹🙏 #poems #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #kabita
    नींद से टूटा एक दिन सपना खुशी का दरवाजा फिर से रूठा मुड़ कर देखा तो वक्त खडा था जिंदगी और मौत के बीच पड़ा था 1 दो पल ठहर के मेरे पास वह आया पूछा मिली थी जो खुशी उसे क्यों ठुकराया 73~47 ऐसे र्में जब ISSI नजर्रें उठाई और तब सवाल ठुकराया सुनकर वह भी रोने लगा जवाव 0x320-08474 इस खुशी का एक ही इंसान मोहताज था मेरी जान मेरी धड़कनों का वो ताज था.. आखिर खत्म हो गया एक किस्सा मेरी जिंदगानी का पर नाज रहेगा हमेशा अपनी कहानी परा नींद से टूटा एक दिन सपना खुशी का दरवाजा फिर से रूठा मुड़ कर देखा तो वक्त खडा था जिंदगी और मौत के बीच पड़ा था 1 दो पल ठहर के मेरे पास वह आया पूछा मिली थी जो खुशी उसे क्यों ठुकराया 73~47 ऐसे र्में जब ISSI नजर्रें उठाई और तब सवाल ठुकराया सुनकर वह भी रोने लगा जवाव 0x320-08474 इस खुशी का एक ही इंसान मोहताज था मेरी जान मेरी धड़कनों का वो ताज था.. आखिर खत्म हो गया एक किस्सा मेरी जिंदगानी का पर नाज रहेगा हमेशा अपनी कहानी परा
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