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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - हमें अब खो के कहता है, मुझे तुम याद 3TId గ1 किसी का हो के कहता है, मुझे तुम याद आते हो समंदर था तो, ज़ोर ओ शोर से लहरें dHIdT gTT अब क़तरा हो के कहता है, मुझे तुम याद 31ಗ ೯..!! @sona_creationa3 हमें अब खो के कहता है, मुझे तुम याद 3TId గ1 किसी का हो के कहता है, मुझे तुम याद आते हो समंदर था तो, ज़ोर ओ शोर से लहरें dHIdT gTT अब क़तरा हो के कहता है, मुझे तुम याद 31ಗ ೯..!! @sona_creationa3 - ShareChat