##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।


